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मोबाइल की आदत छोड़ें, IQ बढ़ाएं: बच्चों के लिए इंग्लिश ब्रेन टेस्ट

 


IQ (इंटेलिजेंस कोशंट) एक स्कोर है जो बच्चे की सोचने-समझने की काबिलियत को मापता है—जैसे सोचने-समझने की स्किल, प्रॉब्लम सॉल्विंग, याद रखने और समझने की काबिलियत। बच्चों के साथ डील करते समय इसे मापने में मदद मिलती है। साइकोलॉजी के फील्ड में इसका बहुत इस्तेमाल होता है। अपने बच्चे का IQ चेक करना और उन्हें रेगुलर ब्रेन एक्सरसाइज के लिए बढ़ावा देना ज़रूरी है।

नीचे दी गई इमेज में, बीस इंग्लिश शब्दों का कलेक्शन है और आपको उन्हें बच्चे को चालीस सेकंड के लिए दिखाना है और फिर उन्हें सभी शब्द याद करके लिखने के लिए कहना है।




अपोलो 11: कैसे इंसान ने चंद्रमा तक पहुंचकर इतिहास रचा?

apollo11 mission highlights facts you need to know

मानव का चंद्रमा पर पहला कदम – अपोलो 11 इतिहास का पहला मिशन था जिसने इंसानों को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतारा। 20 जुलाई 1969 को "ईगल (Eagle)" लूनर मॉड्यूल ने चंद्रमा के Sea of Tranquility (शांति का सागर) क्षेत्र में सफल लैंडिंग की।

वास्तविकता  तो यह है कि अपोलो 11 केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं था, बल्कि मानव साहस, वैज्ञानिक नवाचार और असंभव को संभव बनाने की मिसाल था। 20 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर रखा गया पहला मानव कदम आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा और उपलब्धि का प्रतीक माना जाता है। आइये जानते हैं अपोलो मिशन  की  खास बातें-

अपोलो 11 का मुख्य मकसद प्रेसिडेंट जॉन एफ. केनेडी का 25 मई, 1961 को किये गए  नेशनल गोल को पूरा करना था जिसका सार थे- क्रू के साथ चांद पर लैंडिंग करना और धरती पर वापस आना।

अपोलो 11 को 16 जुलाई, 1969 को केप केनेडी से लॉन्च किया गया था।

अपोलो 11 को कमांडर नील आर्मस्ट्रांग, कमांड मॉड्यूल पायलट माइकल कॉलिन्स और लूनर मॉड्यूल पायलट एडविन “बज़” एल्ड्रिन 114 गुणा 116 मील के शुरुआती अर्थ-ऑर्बिट में ले गए।


18 जुलाई को, आर्मस्ट्रांग और एल्ड्रिन ने अपने स्पेससूट पहने और कोलंबिया से ईगल तक डॉकिंग टनल से LM को चेक करने और दूसरा TV ट्रांसमिशन करने के लिए चढ़े।

19 जुलाई को, अपोलो 11 के चांद के पीछे से धरती के संपर्क से बाहर निकलने के बाद, इसने पहला लूनर ऑर्बिट इंसर्शन मैनूवर किया।

20 जुलाई, 1969 को नील आर्मस्ट्रांग चांद की सतह पर उतरे और उन्होंने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा, “…इंसान के लिए एक छोटा कदम, इंसानियत के लिए एक बड़ी छलांग।”

पहला कदम – Neil Armstrong चंद्रमा पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बने।

ऐतिहासिक कथन – "यह एक इंसान का छोटा कदम है, लेकिन मानवता के लिए एक विशाल छलांग है।"

दूसरे व्यक्ति – Buzz Aldrin चंद्रमा पर उतरने वाले दूसरे व्यक्ति बने।

चंद्रमा पर समय – दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने लगभग 21 घंटे 36 मिनट चंद्रमा की सतह पर बिताए, जिनमें लगभग 2 घंटे 31 मिनट बाहर चलकर वैज्ञानिक कार्य किए।

चंद्र नमूने – लगभग 21.5 किलोग्राम चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानों के नमूने पृथ्वी पर लाए गए।

ईगल साइट 2 में सी ऑफ़ ट्रैंक्विलिटी में 0 डिग्री, 41 मिनट, 15 सेकंड नॉर्थ लैटिट्यूड और 23 डिग्री, 26 मिनट ईस्ट लॉन्गिट्यूड पर उतरा।

क्रू मेंबर 

  • नील आर्मस्ट्रांग, कमांडर
  • एडविन ई. “बज़” एल्ड्रिन जूनियर, लूनर मॉड्यूल पायलट
  • माइकल कॉलिन्स, कमांड मॉड्यूल पायलट


लैंडिंग

  • 24 जुलाई, 1969; दोपहर 12:50 बजे EDT
  • पैसिफिक ओशन
  • रिकवरी शिप: USS हॉर्नेट
(Source-NASA)

English is easy pairs of confusing english words


Here are 20 pairs/groups of confusing English words with similar spellings. These are excellent for testing children's attention to detail, vocabulary, spelling awareness, and verbal IQ. These words are mainly from the various Competitive examinations.
No. Word Meaning
1 Accept-To receive
Except-Excluding
2 Affect-To influence
Effect-Result; consequence
3 Advice-Guidance (noun)
Advise-To give guidance (verb)
4 Principal-Head of a school; most important
Principle- A rule or belief
5 Stationary-Not moving
Stationery-Writing materials
6 Complement-Something that completes
ComplimentPraise
7 Desert-Dry land / to abandon
Dessert-Sweet dish after a meal
8 Loose-Not tight
Lose-To misplace or fail to win
9 Quiet-Silent
Quite-Very; completely
10 Then-After that
Than-Used-In comparisons
11 Weather-Climate conditions
Whether If
12 Breath-Air taken into the lungs (noun)
Breathe-To inhale and exhale (verb)
13 Cloth-Fabric
Clothe-To dress someone
14 Farther-Greater physical distance
Further-Additional; more
15 Personal- Private; belonging to a person
Personnel-Employees or staff
16 Elicit-To draw out a response
Illicit-Illegal
17 Eminent-Famous; respected
Imminent-About to happen
18 Allusion-An indirect reference
Illusion-A false appearance
19 Moral-A lesson or ethical principle
Morale-Confidence or team spirit
20. Historic-Important in history
                  Historical-Related to history
21. Accept-Receive
Except-Excluding   
22. Affect-Influence 
Effect-Result
23 Advice-Suggestion
Advise-To suggest  
24. Lose-Misplace 
Loose-Not tight
25. Desert-Dry land
Dessert-Sweet dish
26. Stationary-Not moving
Stationery-Writing materials  
27. Principal-Head of school 
Principle- Rule
28. Quiet-Silent
Quite-Completely
29. Brake-Stop a vehicle
Break-Separate into pieces
30. Complement-Complete something
Compliment-Praise
31. Allusion-Indirect reference 
Illusion-False appearance
32. Elicit-Draw out
Illicit-Illegal
33. Eminent-Famous 
Imminent-About to happen
34. Cite-Quote
Site-Location
35. Moral-Ethical lesson
Morale-Confidence
36. Farther-Physical distance
Further-Additional
37. Weather-Climate
Whether-If
38. Canvas-Cloth
Canvass-Seek votes or opinions
39. Peak-Highest point
Peek-Quick look
40. Medal-Award 
Meddle-Interfere

IQ Vocabulary Challenge Choose the Correct Meaning


20 sets of advanced English words with meanings. They are arranged from moderately difficult to highly challenging. These word meaning are important for forthcoming competitive exams and it will be beneficial for you to score and leading on your opponents in the exams. 

Set Word Meaning
1 Ephemeral Lasting for a very short time
2 Meticulous Very careful and precise
3 Ambiguous Having more than one possible meaning
4 Benevolent Kind and generous
5 Resilient Able to recover quickly from difficulties
6 Pragmatic Dealing with things realistically and practically
7 Ubiquitous Present everywhere
8 Eloquent Fluent and persuasive in speaking or writing
9 Scrutinize To examine very carefully
10 Alleviate To make something less severe
11 Tenacious Determined; not giving up easily
12 Candid Honest and straightforward
13 Conundrum A confusing or difficult problem
14 Fastidious Very attentive to detail; hard to please
15 Ineffable Too great to be expressed in words
16 Magnanimous Generous and forgiving, especially toward rivals
17 Obfuscate To deliberately make something unclear or confusing
18 Perspicacious Having keen insight and good judgment
19 Recalcitrant Stubbornly refusing to obey authority
20 Sagacious Wise and showing sound judgment

Now Check your IQs and reply all these questions given below-

 1. Ephemeral means:

A. Permanent
B. Short-lived
C. Powerful
D. Dangerous
Answer: B

2. Ubiquitous means:
A. Rare
B. Everywhere
C. Invisible
D. Ancient
Answer: B

3. Magnanimous means:
A. Selfish
B. Brave
C. Generous and forgiving
D. Angry
Answer: C

4. Obfuscate means:
A. Simplify
B. Clarify
C. Confuse intentionally
D. Ignore
Answer: C

5. Perspicacious means:
A. Lazy
B. Highly perceptive
C. Nervous
D. Humorous
Answer: B

6. Recalcitrant means:
A. Cooperative
B. Stubbornly disobedient
C. Friendly
D. Excited
Answer: B

7. Ineffable means:
A. Impossible to express in words
B. Easily explained
C. Very loud
D. Extremely common
Answer: A

8. Tenacious means:
A. Weak
B. Persistent
C. Forgetful
D. Curious
Answer: B

9. Fastidious means:
A. Careless
B. Hard to satisfy because of high standards
C. Funny
D. Honest
Answer: B

10. Conundrum means:
A. Celebration
B. Difficult problem
C. Success
D. Adventure
Answer: B

11. Pragmatic means:
A. Imaginative
B. Practical
C. Emotional
D. Wealthy
Answer: B

12. Alleviate means:
A. Increase
B. Reduce or relieve
C. Destroy
D. Build
Answer: B

13. Eloquent means:
A. Silent
B. Fluent and persuasive
C. Shy
D. Confused
Answer: B

14. Benevolent means:
A. Kind
B. Cruel
C. Proud
D. Lazy
Answer: A

15. Meticulous means:
A. Careful and precise
B. Quick
C. Angry
D. Loud
Answer: A

16. Ambiguous means:
A. Clear
B. Having multiple meanings
C. Honest
D. Fast
Answer: B

17. Scrutinize means:
A. Ignore
B. Examine carefully
C. Celebrate
D. Predict
Answer: B

18. Sagacious means:
A. Wise
B. Foolish
C. Timid
D. Confident
Answer: A

19. Candid means:
A. Honest and direct
B. Secretive
C. Confused
D. Arrogant
Answer: A

20. Resilient means:
A. Easily broken
B. Able to recover quickly
C. Slow
D. Quiet
Answer: B

Scoring Guide

  • 18–20: Exceptional Vocabulary IQ
  • 15–17: Excellent
  • 12–14: Very Good
  • 8–11: Good
  • 5–7: Average
  • 0–4: Needs Vocabulary Improvement

शेखा झील पक्षी अभयारण्य बना भारत का 99वाँ रामसर स्थल: जानें खास बातें

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित शेखा झील पक्षी अभयारण्य को रामसर स्थल घोषित किया गया है। इसके साथ हीं भारत में ऐसे अभयारण्यों की कुल संख्या 99 और राज्य में 12 हो गई है। शेखा झील मध्य एशियाई फ्लाईवे पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो सर्दियों के मौसम में हंस, पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रकार की बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावास प्रदान करती है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने यह घोषणा किया। 

श्री भूपेंद्र यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी देते हुए लिखा- “उत्तर प्रदेश ने देशभर के इस आंकड़ें को 99 तक ले जाने का श्रेय प्राप्‍त कर लिया है! शेखा झील पक्षी अभयारण्य (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) को रामसर स्थल घोषित करते हुए मुझे बेहद प्रसन्‍नता का अनुभव हो रहा है।” उन्होंने कहा कि इस घोषणा से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता के साथ-साथ जल और जलवायु सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और यह “भारत की 99वीं वर्षगांठ” का प्रतीक है, जो हमें ऐतिहासिक शताब्दी के और निकट ले जाता है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्विकसित करने अभियान के अंतर्गत आर्द्रभूमि और पशुओं, विशेष रूप से पक्षियों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को वैश्विक समुदाय से एक बार फिर सराहना मिली है।"

इस स्थल के पारिस्थितिक महत्व का उल्‍लेख करते हुए श्री यादव ने कहा कि शेखा झील मध्य एशियाई फ्लाईवे पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो सर्दियों के मौसम में हंस, पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रकार की बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावास प्रदान करती है। मंत्री महोदय ने लोगों को इस स्थल का भ्रमण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।


योजना, कुरुक्षेत्र और रोजगार समाचार अब पढ़ें बिलकुल मुफ्त: जानें कैसे करें डाउनलोड

 


पाठकों को विश्वसनीय, ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध पाठ्य सामग्री सुलभता से उपलब्ध कराने के तहत योजना, कुरुक्षेत्र, आजकल और बाल भारती के साथ ही साप्ताहिक रोजगार समाचार अब पाठकों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।  प्रकाशन विभाग की इस पहल का उद्देश्य देशभर के पाठकों को विश्वसनीय, ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध पाठ्य सामग्री सुलभता से उपलब्ध कराना है।

प्रकाशन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम में डिजिटल ज्ञान का दायरा विस्तारित करते हुए अपनी प्रमुख पत्रिकाओं योजना, कुरुक्षेत्र, आजकल और बाल भारती के साथ ही साप्ताहिक रोजगार समाचार प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म पर निशुल्क उपलब्ध कराया है। इससे विभाग की समृद्ध पाठ्य सामग्री देशभर में पाठकों तक पहुंच रही है।

प्रकाशन विभाग की इस पहल का उद्देश्य देशभर के पाठकों को विश्वसनीय, ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध पाठ्य सामग्री सुलभता से उपलब्ध कराना है। विभाग की मासिक पत्रिकाएं सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, ग्रामीण विकास, साहित्य और बाल शिक्षा के गहन विश्लेषण के लिए पाठकों में काफी लोकप्रिय हैं, जबकि एम्प्लॉयमेंट न्यूज़/रोजगार समाचार नौकरी के अवसरों, भर्ती सूचनाओं, करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास पर विश्वसनीय और समकालीन जानकारी प्रदान करता है और यह नौकरी के इच्छुक व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है।

इन पत्रिकाओं के अलावा, विभिन्न विषयों पर ई-पुस्तकों का व्यापक संग्रह भी वेव्स प्लेटफॉर्म पर नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है। इसमें प्रतिष्ठित इंडिया ईयरबुक/'भारत वर्षपुस्तिका' भी शामिल है, जो भारतीय शासन, अर्थव्यवस्था और विकास पहल की प्रमाणिक और विस्तृत विवरण देने वाली प्रमुख वार्षिक पत्रिका है। वेव्स प्लेटफॉर्म पर अभी पाठकों को 227 ई-पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध हैं।

प्रकाशन विभाग की योजना अपने डिजिटल सेवाओं को विस्तारित करते हुए अप्रैल के अंत तक वेव्स प्लेटफॉर्म पर लगभग 300 अतिरिक्त ई-पुस्तकें उपलब्ध कराने की है। ये प्रकाशन नाममात्र मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किफायती दर पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही विभाग का ज्ञान प्रसार को बढ़ावा देने का अभियान भी जारी रहे।

पाठकों की सुविधा और सुगमता के लिए, प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित मुद्रित पुस्तकें वेव्स प्लेटफॉर्म से भी खरीदी जा सकती हैं। यह सुविधा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स ढांचे के तहत कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ग्रामीण ई-स्टोर माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों सहित देश भर के पाठकों को पुस्तकों की भौतिक प्रतियां निर्बाध रूप से उपलब्ध होंगी। अभी, 524 मुद्रित पुस्तकें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

प्रकाशन विभाग की यह पहल पाठ्य सामग्री की पहुंच बढ़ाने और लोगों के डिजिटल सामग्री के प्रति रुझान के अनुरूप डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की प्रतिबद्धता रेखांकित करती है। पुस्तकों की निःशुल्क डिजिटल पहुंच, पाठकों को किफायती शुल्क पर सामग्री उपलब्ध कराने और पुस्तकों की भौतिक उपलब्धता एक साथ लाकर, विभाग का लक्ष्य व्यापक और समावेशी पठन पारितंत्र निर्मित करना है।

इस उद्देश्य से लोगों को वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पत्रिकाओं और ई-पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला का पता लगाने और इस पहल का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।


अप्रैल में जन्मे लोग: जानिए इनकी पर्सनैलिटी के अनोखे राज


अप्रैल में जन्मे लोगों की सबसे बड़ी खासियत होती है कि ऐसे लोग हार मानना नहीं जानते तथा ये अपना रास्ता खुद बनाते हैं।  ऐसे लोगों का आत्मविश्वास ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है और ये जब ये ठान लेते हैं, तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है।  अप्रैल में जन्मे लोग: अप्रैल में जन्मे लोगों  में गुणों का एक अनोखा मेल होता है, जो उन्हें सबसे अलग और एक खास तरह की सोच वाला इंसान बनाता है। ऐसे लोग अक्सर ऊर्जावान, साहसी और आशावादी होते हैं; उनकी ये दिलचस्प खूबियाँ उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाती हैं। अप्रैल में जन्मे लोग अपनी खासियतों—खास तौर पर अपने नेतृत्व गुणों, वफ़ादारी और मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ने की काबिलियत—के लिए जाने जाते हैं। यहाँ अप्रैल में जन्मे लोगों के व्यक्तित्व से जुड़ी सभी बारीक जानकारियाँ दी गई हैं—उनकी निजी ज़िंदगी, पेशेवर ज़िंदगी, सेहत, पैसा, स्वभाव और अन्य सभी पहलुओं के बारे में। लेखक: हिमांशु रंजन शेखर (ज्योतिषी, अंकशास्त्री और प्रेरक)।

निडर और साहसी

अप्रैल में जन्मे लोगों में कुछ ऐसी अनोखी खूबियाँ होती हैं जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती हैं। ऐसे लोग अपने काम करने के तरीके में किसी भी तरह का दखल बर्दाश्त नहीं करते; अगर उन्हें किसी बात पर समझौता करना मुश्किल लगता है, तो वे अक्सर उस प्रोजेक्ट को दूसरों के लिए छोड़ देने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाते। अप्रैल में जन्मदिन मनाने वाले लोगों पर मंगल ग्रह का प्रभाव रहता है, जिसके चलते उनका स्वभाव बेहद निडर और साहसी होता है।

साहस और दृढ़ संकल्प

जो खास गुण उन्हें दूसरों से अलग बनाते हैं, वे हैं—उनके सामने आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने का साहस और उनका दृढ़ संकल्प। मुश्किल समय में भी वे दूसरों को दिलासा देने और सहारा देने की काबिलियत रखते हैं; उनकी कुशलता और मानसिक मज़बूती उन्हें ऐसे पर्याप्त संसाधन मुहैया कराती है, जिनकी मदद से वे कठिन परिस्थितियों में भी अपना धैर्य बनाए रखते हैं।

स्वभाव से अप्रत्याशित

अगर उनके मिजाज़ की बात करें, तो अप्रैल में जन्मे लोगों को सचमुच 'अप्रत्याशित' (जिनके बारे में पहले से कुछ न कहा जा सके) कहा जा सकता है। हालाँकि उनमें गजब का दृढ़ संकल्प होता है और वे किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत पूरे जोश और उत्साह के साथ करते हैं, फिर भी किसी प्रोजेक्ट या अपने भविष्य को लेकर उनके अगले कदम क्या होंगे—इसका अंदाज़ा लगाना या भविष्यवाणी करना काफी मुश्किल होता है। इसके बावजूद, उनके व्यक्तित्व का यह अनोखा पहलू ही उनकी सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण खासियत है।

मज़बूत नेतृत्व क्षमता और जन्मजात शासक

ऐसे लोगों में नेतृत्व के गुण कूट-कूटकर भरे होते हैं; वे बेहद मज़बूत इरादों वाले इंसान होते हैं और उन्हें पूरा यकीन होता है कि उनके विचार और उनके द्वारा लिए गए फ़ैसले हमेशा सही होते हैं। वे अपनी ज़िंदगी को पूरे जुनून के साथ जीते हैं और स्वभाव से काफी रोमांच-प्रेमी होते हैं। उनमें खुद पर शासन करने की काबिलियत होती है; वे एक ऐसे ज़बरदस्त और चुंबकीय व्यक्तित्व के धनी होते हैं कि लोग खुद-ब-खुद उनके पीछे चलने लगते हैं।

स्वभाव से स्वतंत्र

अप्रैल महीने में जन्मे सभी लोग स्वभाव से पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं। वे अपने काम करने के तरीके में किसी भी तरह का दखल बर्दाश्त नहीं करते; अगर उन्हें किसी बात पर समझौता करना मुश्किल लगता है, तो वे अक्सर उस प्रोजेक्ट को दूसरों के लिए छोड़ देने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाते। ज़िंदगी के प्रति उनका जुनून ही उन्हें अपना रास्ता खुद बनाने के लिए प्रेरित करता है। उनका चुंबकीय व्यक्तित्व और दूसरों को अपनी बात मनवाने की ज़बरदस्त क्षमता ही लोगों को उनके पीछे चलने पर मजबूर कर देती है। वे अच्छी तरह जानते हैं कि मुश्किल हालात में कैसे नेतृत्व करना है, कैसे रास्ता बनाना है और अपनी ज़िंदगी के लिए खुद पैसे कैसे कमाने हैं।


GK Quiz : UPSC, SSC, Railway, NDA आदि में पूछे गए सवालों का कलेक्शन

26 जनवरी 2026 Quiz : रिपब्लिक डे पर UPSC, SSC, Railway, NDA आदि में पूछे गए सवालों का कलेक्शन

प्रतियोगिता परीक्षा  (UPSC, SSC, Railway, NDA, State PSC विभिन्न राज्य सेवा आयोगों ) की परीक्षा में पूछे जाते रहे है. आगामी प्रतियोगिता परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तथा अन्य अवसरों जैसे स्कूल, प्रतियोगी परीक्षा, मंच संचालन, ब्लॉग और क्विज़ प्रतियोगिता के लिए जरुरी ये प्रश्नोत्तर आपके लिए काफी उपयोगी हैं. 

प्रश्न 1. भारत का संविधान किस तिथि को लागू हुआ?

  • उत्तर: 26 जनवरी 1950
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2016

प्रश्न 2. 26 जनवरी को ही संविधान लागू करने का निर्णय क्यों लिया गया था?

  • उत्तर: 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज की घोषणा हुई थी
  • परीक्षा: SSC CGL
  • वर्ष: 2018

प्रश्न 3. संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?

  • उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  • परीक्षा: Railway Group D
  • वर्ष: 2019

प्रश्न 4.भारतीय संविधान की प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष कौन थे?

  • उत्तर: डॉ. भीमराव अंबेडकर
  • परीक्षा: SSC CHSL
  • वर्ष: 2020


प्रश्न 5. भारत का पहला गणतंत्र दिवस परेड कहाँ आयोजित हुआ था?

  • उत्तर: इरविन स्टेडियम, दिल्ली
  • परीक्षा: NDA
  • वर्ष: 2015


प्रश्न 6. भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि कौन थे?

  • उत्तर: सुकर्णो (इंडोनेशिया)
  • परीक्षा: State PSC (UPPSC)
  • वर्ष: 2017


प्रश्न 7. संविधान को बनने में कुल कितना समय लगा?

  • उत्तर: 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन
  • परीक्षा: SSC GD
  • वर्ष: 2021


प्रश्न 8. भारतीय संविधान की मूल भाषा क्या थी?

  • उत्तर: अंग्रेज़ी
  • परीक्षा: Railway NTPC
  • वर्ष: 2020


प्रश्न 9. गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति को कितनी तोपों की सलामी दी जाती है?

  • उत्तर: 21 तोपों की
  • परीक्षा: CDS
  • वर्ष: 2016


प्रश्न 10. संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?

  • उत्तर: 9 दिसंबर 1946
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2014


प्रश्न 11. भारत को “गणराज्य” घोषित करने का क्या अर्थ है?

  • उत्तर: देश का प्रमुख जनता द्वारा चुना जाता है
  • परीक्षा: SSC MTS
  • वर्ष: 2019


प्रश्न 12. गणतंत्र दिवस समारोह का समापन किस देशभक्ति गीत से होता है?

  • उत्तर: सारे जहाँ से अच्छा
  • परीक्षा: Railway ALP
  • वर्ष: 2018


प्रश्न 13. संविधान में मौलिक कर्तव्य किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?

  • उत्तर: 42वां संविधान संशोधन
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2017


प्रश्न 14. प्रारंभ में भारतीय संविधान में कितनी अनुसूचियाँ थीं?

  • उत्तर: 8 अनुसूचियाँ
  • परीक्षा: State PSC (BPSC)
  • वर्ष: 2016


प्रश्न 15.भारत का संविधान विश्व में किस रूप में जाना जाता है?

  • उत्तर: विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान
  • परीक्षा: SSC CPO
  • वर्ष: 2022


प्रश्न 16.संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?

  • उत्तर: 9 दिसंबर 1946
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2014


प्रश्न 17.संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?

  • उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  • परीक्षा: SSC CHSL
  • वर्ष: 2020


प्रश्न 18. भारतीय संविधान की प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष कौन थे?

  • उत्तर: डॉ. भीमराव अंबेडकर
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2017


प्रश्न 19. भारतीय संविधान को बनने में कुल कितना समय लगा?

  • उत्तर: 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन
  • परीक्षा: SSC GD
  • वर्ष: 2021


प्रश्न 20.भारत का पहला गणतंत्र दिवस परेड कहाँ आयोजित हुआ था?

  • उत्तर: इरविन स्टेडियम, दिल्ली
  • परीक्षा: SSC MTS
  • वर्ष: 2017


प्रश्न 21.संविधान में मौलिक कर्तव्य किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए?

  • उत्तर: 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2017


प्रश्न 22.प्रारंभ में भारतीय संविधान में कितनी अनुसूचियाँ थीं?

  • उत्तर: 8 अनुसूचियाँ
  • परीक्षा: SSC CHSL
  • वर्ष: 2016


प्रश्न 23.“गणराज्य” का सही अर्थ क्या है?

  • उत्तर: राज्य का प्रमुख जनता द्वारा चुना जाता है
  • परीक्षा: SSC MTS
  • वर्ष: 2019


प्रश्न 24.गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति को कितनी तोपों की सलामी दी जाती है?

  • उत्तर: 21 तोपों की
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2013


प्रश्न 25. भारतीय संविधान को किस तिथि को अंगीकृत (Adopt) किया गया?

  • उत्तर: 26 नवंबर 1949
  • परीक्षा: UPSC Prelims
  • वर्ष: 2019
(Based on Memory)

Unique GK Quiz (With Answers)

प्रश्न 1.

भारत का संविधान किस तिथि से लागू हुआ?

उत्तर: 26 जनवरी 1950

प्रश्न 2.

26 जनवरी को ही संविधान लागू करने का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर: 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी

प्रश्न 3.

भारतीय संविधान को तैयार करने में कुल कितना समय लगा?

उत्तर: 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन


प्रश्न 4.

भारतीय संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?

उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद

प्रश्न 5.

भारतीय संविधान की प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष कौन थे?

उत्तर: डॉ. भीमराव अंबेडकर

प्रश्न 6.

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी क्यों दी जाती है?

उत्तर: यह सर्वोच्च संवैधानिक पद का सम्मान दर्शाने की परंपरा है

प्रश्न 7.

भारत का पहला गणतंत्र दिवस परेड कहाँ आयोजित हुआ था?

उत्तर: इरविन स्टेडियम (वर्तमान में नेशनल स्टेडियम), दिल्ली

प्रश्न 8.

भारतीय संविधान किस देश के संविधान से सबसे अधिक प्रभावित है?

उत्तर: ब्रिटेन

प्रश्न 9.

गणतंत्र दिवस परेड में झांकी का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

उत्तर: भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और विकासात्मक विविधता का प्रदर्शन

प्रश्न 10.

भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि कौन थे?

उत्तर: सुकर्णो (इंडोनेशिया के राष्ट्रपति)

प्रश्न 11.

संविधान में मौलिक कर्तव्य किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?

उत्तर: 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976

प्रश्न 12.

गणतंत्र दिवस समारोह का समापन किस गीत से होता है?

उत्तर: सारे जहाँ से अच्छा

प्रश्न 13.

भारत को “गणराज्य” घोषित करने का अर्थ क्या है?

उत्तर: देश का प्रमुख जनता द्वारा चुना गया हो, न कि राजा

प्रश्न 14.

संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?

उत्तर: 9 दिसंबर 1946

प्रश्न 15.

भारतीय संविधान की मूल भाषा कौन-सी थी?

उत्तर: अंग्रेज़ी

प्रश्न 16.

गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं की संयुक्त टुकड़ी किसका प्रतीक है?

उत्तर: राष्ट्रीय एकता और सैन्य शक्ति

प्रश्न 17.

संविधान में कितनी अनुसूचियाँ प्रारंभ में थीं?

उत्तर: 8 अनुसूचियाँ


प्रश्न 18.

भारत का संविधान विश्व का कैसा संविधान है?

उत्तर: विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान

प्रश्न 19.

26 जनवरी को राष्ट्रपति कौन-सा विशेष सम्मान प्रदान करते हैं?

उत्तर: पद्म पुरस्कार एवं वीरता पुरस्कार

प्रश्न 20.

गणतंत्र दिवस भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: क्योंकि इसी दिन भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना

सोमनाथ मंदिर का इतिहास: आस्था, संघर्ष और पुनर्निर्माण की अमर गाथा

 


सोमनाथ मंदिर भारत के गुजरात राज्य के गिर सोमनाथ जिले में अरब सागर के तट पर स्थित है जिसे भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। सोमनाथ मंदिर की विशालता और महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इस मंदिर का उल्लेख ऋग्वेद, स्कंद पुराण, शिव पुराण और महाभारत में मिलता है। सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक  धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की अटूट सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है। 

 ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखी जाए तो अपनी खूबियों और विशालता के कारण यह मंदिर कई बार विदेशी आक्रमणों में नष्ट किया गया और आक्रांताओं ने इसे नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ा। 1026 ई. में महमूद ग़ज़नवी ने इस मंदिर पर आक्रमण कर इसे ध्वस्त किया। इसके बाद यह मंदिर कुल लगभग 17 बार तोड़ा और फिर से बनाया गया। लेकिन हर बार भारतीय श्रद्धालुओं ने इसे पुनः खड़ा किया।

पौराणिक मान्यता के अनुसार यह कहा जाता है कि चंद्रदेव (सोम) ने अपने क्षय रोग से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की आराधना की थी। शिव की कृपा से चंद्रदेव रोगमुक्त हुए और कृतज्ञता स्वरूप इस मंदिर की स्थापना की। 

सोमनाथ मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)

  • स्थान – गिर सोमनाथ, गुजरात
  • देवता – भगवान शिव (सोमनाथ ज्योतिर्लिंग)
  • ज्योतिर्लिंग संख्या – पहला
  • स्थिति – अरब सागर के तट पर
  • कितनी बार टूटा – लगभग 17 बार
  • वास्तुकला शैली – चालुक्य (सोलंकी) शैली
  • बाण स्तंभ – मंदिर के सामने स्तंभ, जिस दिशा में कोई भूमि नहीं


एनसीवीईटी-फ्लिपकार्ट समझौता: गुणवत्तापूर्ण नौकरियों और दीर्घकालिक कैरियर का मार्ग होगी प्रशस्त


राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) ने भारत के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास तंत्र को  मजबूत करने के लिए फ्लिपकार्ट के साथ एक समझौता किया है। इस सहयोग का उद्देश्य कौशल भारत मिशन के अनुरूप, भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कार्यबल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त, उद्योग-आधारित कौशल विकास कार्यक्रम तैयार करना है।

एनसीवीईटी भारत के व्यावसायिक शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास तंत्र में गुणवत्ता को विनियमित करने और सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर मानक स्थापित करना है जो कार्यबल की रोजगार क्षमता को मजबूत करे और सतत आर्थिक विकास में योगदान दे।

प्रशिक्षार्थियों के लिए यह पहल मानकीकृत कार्यक्रम संचालन, कठोर मूल्यांकन प्रक्रियाएं और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बाजार मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र प्रदान करेगी। इन प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पर सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जा सकता है और अकादमिक क्रेडिट को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) के माध्यम से सत्यापित किया जा सकता है। जिससे करियर में प्रगति और दीर्घकालिक रोजगार क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

इस सहयोग के अंतर्गत, एनसीवीईटी  फ्लिपकार्ट को प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन के लिए एक मान्यता  प्रदान करने वाली संस्था (द्वि) बनने की दिशा में क्षमता विकसित करने में मदद करेगा। इससे उद्योग द्वारा तैयार किए गए कौशल विकास कार्यक्रमों को औपचारिक रूप से मानकीकृत, पोर्टेबल और राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

यह उपलब्धि फ्लिपकार्ट को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और प्रदान करने में सक्षम बनाएगी, जिससे गुणवत्ता और उद्योग के लिए प्रासंगिकता में निरंतरता सुनिश्चित होगी।

 रोजगार क्षमता को बढ़ाएंगे यह साझेदारी

 यह साझेदारी फ्लिपकार्ट को मानकीकृत, उच्च-गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम विकसित करने में भी मदद करेगी जो विशेष रूप से वंचित पृष्ठभूमि के व्यक्तियों के लिए रोजगार क्षमता को बढ़ाएंगे।

एमएसडीई की सचिव और एनसीवीईटी की अध्यक्ष सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने बताया कि  “फ्लिपकार्ट के साथ एनसीवीईटी की साझेदारी भारत के कौशल विकास ढांचे को उद्योग-अनुकूल, विश्वसनीय और परिणाम  देने वाले  हमारे निरंतर प्रयासों को सुदृढ़ करती है। प्रशिक्षण और प्रमाणन को वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के साथ जोड़कर हम गुणवत्तापूर्ण नौकरियों, गतिशीलता और दीर्घकालिक कैरियर विकास के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।”

गुणवत्तापूर्ण नौकरियों और दीर्घकालिक कैरियर का मार्ग होगी प्रशस्त 

फ्लिपकार्ट ग्रुप के मुख्य कॉर्पोरेट मामलों के अधिकारी श्री रजनीश कुमार ने कहा कि “फ्लिपकार्ट में, कौशल विकास कोई गौण प्रयास नहीं है, बल्कि यह भारत के डिजिटल वाणिज्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में हमारा मूल योगदान है। देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं और ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में सहायक संस्थाओं में से एक होने के नाते  हम इसे अपना दायित्व मानते हैं कि हम मानकीकृत, राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कौशल विकास के ऐसे मार्ग तैयार करने में मदद करें जो उद्योग-आधारित और परिणाम-उन्मुख हों।”

रोजगार के लिए तैयार प्रतिभाओं का एक बड़ा समूह तैयार करना

एनसीवीईटी के साथ यह सहयोग हमें कारखाने के वास्तविक परिचालन संबंधी जानकारियों को औपचारिक प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन ढाँचों में शामिल करने की अनुमति देता है। हमारा उद्देश्य रोजगार के लिए तैयार प्रतिभाओं का एक बड़ा समूह तैयार करना है जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ विकसित हो सके, साथ ही स्किल इंडिया मिशन को सार्थक और दीर्घकालिक तरीके से समर्थन दे सके।

जानें क्या होता है H-1B वीजा: किन देशों को मिलती है लाभ, आवेदन प्रक्रिया आदि

 


h1b visa meaning: H-1B वीज़ा वास्तव में अमेरिका (U.S.) का एक वर्क वीज़ा है जो वहाँ की कंपनियों को यह अनुमति देता है कि वे विदेशी (non-US) देशों के पेशेवर लोगों को अपने यहाँ विशेषज्ञता वाले काम (Specialty Occupation) के लिए नियुक्त कर सकें। दूसरे   शब्दों में  आप कह सकते  कि H-1B वीज़ा एक अमेरिकी जॉब पासपोर्ट है, जिसमें अच्छे अवसर और उच्च वेतन तो हैं, लेकिन साथ में प्रतियोगिता, अनिश्चितता और नियोक्ता पर निर्भरता का जोखिम भी है।

जानें किन देशों को किन क्षेत्रों में मिलती  है H-1B वीज़ा

H-1B वीज़ा उन नौकरियों के लिए होता है जिनमें टेक्निकल, आईटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल, रिसर्च, साइंस और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र शामिल होते हैं। आंकड़ों के अनुसार अमेरिका लगभग 70% से अधिक H-1B वीज़ा भारतीय IT और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को देता है जबकि हेल्थकेयर और टेक्निकल क्षेत्रों के लिए  फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, कनाडा को प्राप्त होता है इसके साथ ही रिसर्च, इंजीनियरिंग और साइंस क्षेत्रों में चीन को यह वीजा अमेरिका की और से दिया जाता है.  

trump h1b visa: H-1B वीज़ा का प्रयोग 

अपने ग्रोथ के लिए कम्पनियाँ इनोवेटिव माइंड को हायर करना चाहती है और जाहिर है की अमेरिकी कंपनियाँ भी विदेशी प्रोफेशनल्स को हायर करती हैं जब उन्हें skilled लोग अमेरिका में आसानी से नहीं मिलते।

इसका सबसे ज़्यादा उपयोग आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियाँ करती हैं। इसके अंतर्गत इस वीजा के तहत कर्मचारी अमेरिका में रहकर उस कंपनी के लिए काम करता है जिसने वीज़ा sponsor किया है।

H-1B वीज़ा के लाभ 

  • नौकरी का अवसर-khasभारत, चीन, फिलीपींस जैसे देशों के लाखों युवाओं को अमेरिका में काम का अवसर मिलता है।
  • नौकरी का अवसर-कई ऐसे देश हैं जिनमे रोजगार की कमी है और खासकर उन देशों में जहाँ बेरोजगारी एक प्रमुख समस्या है. रोजगार के सिमित संसाधन और बेरोजगारों की संख्या को देखते हुए भारत, चीन, फिलीपींस जैसे देशों के लाखों युवाओं को अमेरिका में काम का अवसर मिलता है।
  • अच्छा वेतन – कई सारे देशों में  काम की कमी के  अलावा अच्छे कंपनियों का आभाव होने के कारण अच्छा वेतन मिलना मुश्किल होता है. खासतौर पर जहाँ काम की कमी है वैसे में अच्छे वेतन की उम्मीद कैसे की जा सकती है.  जबकि अमेरिका में  भारत की तुलना में कई गुना ज़्यादा वेतन युवाओं को प्राप्त होता है।
  • ग्रीन कार्ड का रास्ता – H-1B को “dual intent” वीज़ा माना जाता है यानी अमेरिका में स्थायी निवास (Green Card) के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  • करियर ग्रोथ – युवाओं को अमेरिका में काम करने से ग्लोबल एक्सपीरियंस और exposure मिलता हैजिसका लाभ उनके  भविष्य के करियर ग्रोथ में मिलता है ।

हालांकि H-1B वीज़ा के कई फायदे हैं जिनका लाभ सम्बंधित देशों  के साथ उन अमेरिकन कंपनियों को भी प्राप्त होती है. इसके साथ ही  H-1B वीज़ा के कई जोखिम भी हैं जिसका ध्यान रखना जरुरी है. 

आवेदन करने की क्या है आवशयकताएँ?:

आवेदन करने के लिए आपके पास  जरुरी दस्तावेज और फॉर्मेलिटी पूरा करना होता है और इसके लिए यह जरुरी है कि आप इन आवश्यकताएं को पूरा करते हैं-

विशेषज्ञता वाला व्यवसाय: नौकरी के लिए विशिष्ट ज्ञान का सैद्धांतिक और व्यावहारिक अनुप्रयोग आवश्यक है, आमतौर पर इसके लिए कम से कम स्नातक की डिग्री आवश्यक है।

नियोक्ता प्रायोजन: एक अमेरिकी नियोक्ता को विदेशी कर्मचारी को प्रायोजित करना होगा और अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के पास एक याचिका दायर करनी होगी।

श्रम स्थिति आवेदन: नियोक्ता को श्रम विभाग के पास एक LCA दायर करना होगा, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि H-1B कर्मचारी को प्रचलित वेतन या समान अनुभव और योग्यता वाले अन्य कर्मचारियों को दिए जाने वाले वास्तविक वेतन का भुगतान किया जाएगा।

जानें क्या होता है आवेदन प्रक्रिया:

पंजीकरण: नियोक्ता मार्च में H-1B लॉटरी के लिए पंजीकरण करते हैं, और यदि पंजीकरणों की संख्या वार्षिक सीमा से अधिक हो जाती है, तो USCIS एक यादृच्छिक चयन प्रक्रिया आयोजित करता है।

याचिका दाखिल करना: चयनित नियोक्ता USCIS के पास फॉर्म I-129 दाखिल करते हैं, जिसमें पात्रता का प्रमाण दिया जाता है।

USCIS अनुमोदन: USCIS याचिका की समीक्षा करता है और इसे स्वीकृत या अस्वीकृत करने से पहले अतिरिक्त साक्ष्य का अनुरोध कर सकता है।

वीज़ा आवेदन: यदि स्वीकृति मिल जाती है, तो विदेशी कर्मचारी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास में एच-1बी वीज़ा के लिए आवेदन करता है।

जानें क्या होता है एच-1बी, एच-1बी1 और ई-3 वीजा: किन देशों के लिए कौन सा वीजा है?



एच-1बी, एच-1बी1 और ई-3 वीजा वास्तव में अमेरिका (U.S.) का एक वर्क वीज़ा है जो वहाँ की कंपनियों को यह अनुमति देता है कि वे विदेशी (non-US) देशों के पेशेवर लोगों को अपने यहाँ विशेषज्ञता वाले काम (Specialty Occupation) के लिए नियुक्त कर सकें।  हालाँकि अलग-अलग देशों के लिए क्षेत्रों के अनुसार अमेरिका विभिन्न वीजा  को जारी करती हैऔर इस प्रकार से अलग अलग कैटगरी के अनुसार उन देश  के लोगों  सम्बंधित वीजा कैटगरी के लिए आवेदन करना होता है. 

एच-1बी

एच-1बी कार्यक्रम नियोक्ताओं को अमेरिका में गैर-आप्रवासी आधार पर विशिष्ट व्यवसायों में या विशिष्ट योग्यता और क्षमता वाले फैशन मॉडल के रूप में विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से नियुक्त करने की अनुमति देता है। किसी विशिष्ट व्यवसाय के लिए विशिष्ट ज्ञान के सैद्धांतिक और व्यावहारिक अनुप्रयोग और विशिष्ट विशेषज्ञता (जैसे, विज्ञान, चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जैव प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक विशेषज्ञता, आदि) में स्नातक की डिग्री या समकक्ष की आवश्यकता होती है।

वर्तमान कानून उन योग्य विदेशी कर्मचारियों की वार्षिक संख्या को सीमित करते हैं जिन्हें वीज़ा जारी किया जा सकता है या अन्यथा एच-1बी दर्जा प्रदान किया जा सकता है, जिसमें एच-1बी उन्नत डिग्री छूट के तहत अतिरिक्त 20,000 शामिल हैं। एच-1बी सीमा, सीमा योग्यता और एच-1बी याचिकाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की वेबसाइट देखें ।

 एच-1बी1

H-1B1 कार्यक्रम नियोक्ताओं को विशिष्ट व्यवसायों में गैर-आप्रवासी आधार पर चिली और सिंगापुर के विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में अस्थायी रूप से नियुक्त करने की अनुमति देता है। वर्तमान कानून H-1B1 वीज़ा जारी किए जा सकने वाले योग्य विदेशी कर्मचारियों की वार्षिक संख्या को 6,800 तक सीमित करते हैं, जिनमें से 1,400 चिली से और 5,400 सिंगापुर से हैं। H-1B1 सीमा, H-1B1 सीमा योग्यताओं और H-1B1 याचिकाओं के बारे में जानकारी के लिए, USCIS वेबसाइट या चिली और/या सिंगापुर के लिए विदेश विभाग की वेबसाइट के कांसुलर अनुभाग देखें।

ई-3

ई-3 कार्यक्रम नियोक्ताओं को विशिष्ट व्यवसायों में गैर-आप्रवासी आधार पर ऑस्ट्रेलिया के विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में अस्थायी रूप से नियुक्त करने की अनुमति देता है। वर्तमान कानून विशिष्ट व्यवसायों में अस्थायी कार्य चाहने वाले योग्य विदेशी कर्मचारियों की वार्षिक संख्या को 10,500 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों तक सीमित करता है जिन्हें ई-3 वीज़ा जारी किया जा सकता है। ई-3 सीमा, ई-3 सीमा योग्यता और ई-3 याचिकाओं के बारे में जानकारी के लिए, यूएससीआईएस वेबसाइट या ऑस्ट्रेलिया के विदेश विभाग की वेबसाइट के कांसुलर अनुभाग देखें।