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Top MCQs on BRICS Summit: Quiz और अन्य कॉम्पिटिशन एग्जाम में पूछे गए



BRICKS का सम्मेलन अभी भारत में आयोजित हो रहा है जिसमें दुनिया के सभी शीर्ष नेतागण शामिल हुए हैं। भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में BRICKS पर आधारित सवाल पूछे गए हैं। आने वाले प्रतियोगिता परीक्षाओं जैसे CGL, Bank PO, state PSC आदि के लिए हम लाये हैं पूछे गए प्रश्न।
1. BRICS का पूरा नाम क्या है?
A. Brazil, Russia, India, China, South Africa
B. Britain, Russia, India, China, Singapore
C. Brazil, Russia, Indonesia, China, South Africa
D. Brazil, Romania, India, China, South Africa

Answer: A

2. BRICS की मूल अवधारणा में ‘BRIC’ शब्द किस अर्थ में प्रयोग किया गया था? 
A. Brazil, Russia, India and China
B. Brazil, Romania, India and China
C. Britain, Russia, India and China
D. Brazil, Russia, Indonesia and China

Answer: A

3. ‘BRIC’ शब्द किस अर्थशास्त्री ने गढ़ा था? 
A. Joseph Stiglitz
B. Jim O’Neill
C. Paul Krugman
D. Jeffrey Sachs

Answer: B

4. BRIC को BRICS कब बनाया गया?
A. 2006
B. 2008
C. 2010
D. 2012

Answer: C

5. BRICS में South Africa किस वर्ष शामिल हुआ? 
A. 2008
B. 2009
C. 2010
D. 2011

Answer: D

6. BRICS का पहला औपचारिक शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित हुआ था?
A. Moscow, Russia
B. Brasília, Brazil
C. Beijing, China
D. New Delhi, India

Answer: A

7. पहला BRIC Summit किस वर्ष आयोजित हुआ था? 
A. 2006
B. 2008
C. 2009
D. 2010

Answer: C

8. BRICS का मुख्य उद्देश्य क्या है? 
A. Military alliance
B. Economic and political cooperation
C. Currency union
D. Defence treaty

Answer: B

9. BRICS New Development Bank (NDB) की स्थापना किस Summit में हुई? 
A. Durban Summit
B. New Delhi Summit
C. Fortaleza Summit
D. Xiamen Summit

Answer: C

10. New Development Bank (NDB) का मुख्यालय कहाँ है?
A. New Delhi
B. Shanghai
C. Moscow
D. Johannesburg

Answer: B

11. New Development Bank को पहले किस नाम से जाना जाता था?
A. BRICS Development Bank
B. BRICS Infrastructure Bank
C. Emerging Nations Bank
D. Global Development Bank

Answer: A

12. BRICS का Contingent Reserve Arrangement (CRA) मुख्यतः किससे संबंधित है?
A. Defence cooperation
B. Financial stability
C. Space cooperation
D. Agricultural cooperation

Answer: B

13. BRICS का Fortaleza Summit किस वर्ष हुआ था?
A. 2012
B. 2013
C. 2014
D. 2015

Answer: C

14. 2016 BRICS Summit किस देश में आयोजित हुआ था? 
A. China
B. India
C. Brazil
D. Russia

Answer: B

15. 2017 BRICS Summit किस शहर में आयोजित हुआ था?
A. Shanghai
B. Beijing
C. Xiamen
D. Guangzhou

Answer: C

16. 2019 BRICS Summit किस देश में आयोजित हुआ था? 
A. Brazil
B. Russia
C. India
D. China

Answer: A

17. 2021 BRICS Summit की अध्यक्षता किस देश ने की थी? 
A. India
B. China
C. Russia
D. Brazil

Answer: A

18. 2023 BRICS Summit किस शहर में आयोजित हुआ था? 
A. Johannesburg
B. Cape Town
C. Pretoria
D. Durban

Answer: A

19. 2023 BRICS Summit का प्रमुख परिणाम क्या था? / What was a major outcome of the 2023 BRICS Summit?
A. Creation of NATO
B. BRICS expansion
C. Establishment of the UN
D. Creation of SAARC

Answer: B

20. निम्नलिखित में से कौन-सा देश 2023 में BRICS के विस्तार के दौरान आमंत्रित नए सदस्यों में शामिल था? / Which of the following was among the countries invited to join BRICS during its 2023 expansion?
A. Egypt
B. Japan
C. Germany
D. Canada

Answer: A

21. 2024 में BRICS की अध्यक्षता किस देश के पास थी? / Which country held the BRICS chairmanship in 2024?
A. India
B. Russia
C. China
D. South Africa

Answer: B

22. BRICS में ‘S’ किस देश को दर्शाता है? / The ‘S’ in BRICS represents which country?
A. Singapore
B. Saudi Arabia
C. South Africa
D. South Korea

Answer: C

23. निम्नलिखित में से कौन BRICS का संस्थापक सदस्य नहीं था? / Which of the following was NOT one of the original BRIC members?
A. Brazil
B. Russia
C. South Africa
D. China

Answer: C

24. BRICS के संदर्भ में New Development Bank का प्रमुख उद्देश्य क्या है? / What is the primary purpose of the BRICS New Development Bank?
A. Financing infrastructure and sustainable development projects
B. Conducting military operations
C. Regulating global trade
D. Issuing passports to BRICS citizens

Answer: A

25. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन BRICS के बारे में सही है? / Which statement about BRICS is correct?
A. It is a military alliance
B. It promotes cooperation among emerging economies
C. It is a United Nations agency
D. It is a common-currency union

Answer: B

26.  16 वाँ BRICS समिट कहां हुआ था?
A. Kazan, Russia
B. Beijing
C  Johannesburg
D. Moscow 
*Ans: a) Kazan, Russi

Daily Current Affairs one linear Complete GK Dose July 04 2026

 

Daily Current Affairs one linear Complete GK Dose July 04 2026

प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च की ‘विकसित उड़ान’ योजना: Facts in Brief 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया। 

  • अक्टूबर 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना के तहत अब तक 669 मार्गों का संचालन शुरू किया जा चुका है।
  •  इस योजना के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल एयरोड्रोम को जोड़ा गया है, जिससे 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है। 
  • इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी। 
  • अगले 10 वर्षों के लिए इस योजना पर लगभग 29,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे नागरिक उड्डयन क्षेत्र को गति मिलने के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
  • संशोधित योजना के तहत 12,159 करोड़ रुपए के निवेश से 100 एयरोड्रोम विकसित किए जाएंगे। 
  •  3,661 करोड़ रुपए की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित होंगे

बिहार के मुंगेर में मिला दुनिया का सबसे प्राचीन वैज्ञानिक रूप से दिनांकित बरगद का पेड़


बिहार के मुंगेर में लगभग 700 वर्ष पुराना अनुमानित एक बरगद का पेड़ मिला है। रेडियोकार्बन डेटिंग के उपयोग से इसे सबसे पुराना और सटीक तिथि वाल बरगद का पेड़ (फाइकस बेंगालेंसिस) माना गया है। यह एक ऐसी विधि है, जो ऐतिहासिक या स्‍थानीय लोक‍कथाओं के बजाय पूरी तरह से वैज्ञानिक साक्ष्‍यों पर निर्भर करती है।
बरगद के वृक्ष अपनी जटिल जड़ों और शाखाओं के जाल के कारण पक्षियों और कीटों तथा अन्‍य वन्यजीवों के लिए महत्‍वपूर्ण आवास प्रदान करते हैं। सदियों से इनका भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी विशेष स्‍थान रहा है। परंपरागत रूप से इनकी आयु का अनुमान लोककथाओं, स्थानीय मान्‍यताओं अथवा ऐतिहासिक अभिलेखों के आधार पर लगाया जाता था, जो प्राय: सटीक नहीं होते थे। स्पष्ट प्रोटोकॉल के अभाव में इतिहास के इन सजीव प्रतीकों को पहले वैज्ञानिक रूप से दिनांकित नहीं किया गया था। क्षेत्रीय नमूनाकरण और प्रयोगशाला विश्लेषणों से ये स्‍पष्‍ट हुआ कि अधिकांश उष्णकटिबंधीय चौड़ी पत्ती वाले वृक्षों में स्पष्ट वार्षिक वृद्धि-वलय नहीं होते, जिससे पारंपरिक डेन्‍ड्रोक्रोनोलॉजी तकनीकों का उपयोग सीमित हो जाता है। इसलिए रेडियोकार्बन डेटिंग जैसी उच्च-सटीकता वाली वैकल्पिक विधियों की आवश्यकता महसूस हुई।

जब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अधीन काम करने वाले लखनऊ स्थित एक स्वायत्त संस्थान-बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान - की डॉ. त्रिना बोस को जब बिहार वन विभाग द्वारा मुंगेर के बरगद के वृक्ष की जांच करने और उसकी आयु निर्धारित करने के लिए आमंत्रित किया गया, तो उन्होंने उष्णकटिबंधीय चौड़ी पत्ती वाली प्रजातियों के लिए पारंपरिक डेटिंग तरीकों की सीमाओं को पहचाना। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने आयु निर्धारण के लिए एक नए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास की शुरूआत की। ​​डॉ. बोस ने डॉ. मयंक शेखर और डॉ. अखिलेश के. यादव की एक शोध टीम का नेतृत्व किया, जिन्होंने पेड़ की आयु निर्धारित करने के लिए मिलकर एक अभिनव कार्य प्रणाली विकसित की और उसे लागू किया।

डॉ. बोस के नेतृत्व में और डॉ. शेखर व डॉ. यादव की सदस्‍यता वाली शोध टीम ने एक द्वितीयक तने और एक प्राचीन प्राथमिक शाखा के केंद्र के पास से एकत्र किए गए लकड़ी के नमूनों से ‘अल्फा-सेल्यूलोज’ निकाला, जो पौधे की कोशिका दीवारों का सबसे स्थिर प्राथमिक घटक है। पिथ विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वितीयक विकास के प्रारंभिक चरण के दौरान बनी सबसे पहली लकड़ी का प्रतिनिधित्व करती है। निकाले गए सेल्यूलोज नमूनों को एक्सीलरेटर मास स्पेक्ट्रोमेट्री (एएमएस) का उपयोग करके उच्च सटीकता वाली रेडियोकार्बन डेटिंग के अधीन किया गया, जिसके बाद नवीनतम आईएनटीसीएएल20 कैलिब्रेशन वक्र और ओएक्ससीएएल सॉफ्टवेयर की सहायता से परिणामों का अंशांकन किया गया, जिससे वृक्ष की आयु का एक मजबूत और विश्वसनीय अनुमान स्थापित किया जा सका।

ये खोज उन पिछले अनुमानों को खारिज करती है कि मुंगेर के इस बरगद को ऐतिहासिक 'बीयूआरआरए बंगला' के सामने लगाया गया था। वास्‍तुकाला शैली के आधार पर यह बंगला उत्‍तर मुगल - प्रारंभिक ब्रिटिश काल (लगभग 300 से 350 वर्ष पुराना) का है, जिसे शासकों और आम नागरिकों के बीच संवाद, ग्राम सभाओं, धार्मिक समारोहों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के स्थल के रूप में उपयोग किया जाता था। यह स्‍थापित करता है कि लगभग 700 वर्ष पुराना यह पेड़ संभवतः इस क्षेत्र में मौजूद रहे एक प्राकृतिक जंगल का जीवित अवशेष है और यह इस इमारत के निर्माण का गवाह रहा है। इसलिए, यह विश्लेषण इस क्षेत्र की ऐतिहासिक घटनाओं के क्रम को फिर से परिभाषित करता है।

ये शोध ‘क्वाटरनरी रिसर्च’ नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसमें प्रस्‍तुत वैज्ञानिक विधि विरासत वृक्षों की आयु का सटीक निर्धारण करने में सक्षम है, जिससे सरकारों, वन विभागों और संरक्षण एजेंसियों को सांस्कृतिक तथा पारिस्थितिक दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों की पहचान और संरक्षण में सहायता मिलेगी। यह अनिश्चित आयु आकलनों के स्‍थान पर विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्‍ध कराकर प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को और मजबूत बनाती है। इस कार्यप्रणाली का उपयोग विश्व भर के अन्य प्राचीन उष्णकटिबंधीय वृक्षों के लिए भी किया जा सकता है तथा यह जैव विविधता संरक्षण, धरोहर प्रबंधन, पर्यावरण शिक्षा और अतीत के जलवायु एवं ऐतिहासिक परिदृश्यों के अध्‍ययन में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रधानमंत्री मोदी हुए रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस से सम्मनित: देखें अब तक मिले 32 पुरस्कारों की लिस्ट


एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि तब प्रधान  मंत्री नरेंद्र मोदी के नाम हुआ जब उन्हें 'द रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया  गया. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को नॉर्वे के महामहिम सम्राट हेराल्ड पंचम ने आज ओस्लो में आयोजित एक विशेष समारोह में 'द रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को प्रदान किया जाने वाला यह पुरस्कार नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान नॉर्वे तथा मानवता के हित में उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में इस सम्मान के लिए नॉर्वे के महामहिम सम्राट हेराल्ड पंचम और नॉर्वे की जनता के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने इस पुरस्कार को भारत और नॉर्वे के बीच ऐतिहासिक मित्रता को समर्पित करते हुए इसे भारत और नॉर्वे की जनता के बीच साझा की गई अटूट गर्मजोशी, विश्वास और स्नेह के प्रति श्रद्धांजलि बताया।

यह सम्मान भारत और नॉर्वे के बीच मौजूद सद्भावना के गहरे बंधन का प्रतीक है और भविष्य में उनकी मित्रता तथा सहयोग की यात्रा का मार्गदर्शन करेगा।

अब तक 32वां सम्‍मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक 32 देशों ने सर्वोच्‍च नागर‍िक सम्‍मान से सम्‍मान‍ित क‍िया है. एक द‍िन पहले ही स्‍वीडन ने भी पीएम मोदी अपने सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया था.

Order of Abdulaziz Al Saudऑर्डर ऑफ अब्दुलअज़ीज़ अल सऊदSaudi Arabia / सऊदी अरब2016
State Order of Ghazi Amir Amanullah Khanगाज़ी अमीर अमानुल्लाह खान सम्मानAfghanistan / अफगानिस्तान2016
Grand Collar of the State of Palestineग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीनPalestine / फिलिस्तीन2018
Champions of the Earth Awardचैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्डUnited Nations / संयुक्त राष्ट्र2018
Seoul Peace Prizeसियोल शांति पुरस्कारSouth Korea / दक्षिण कोरिया2018
Order of Zayedऑर्डर ऑफ ज़ायेदUnited Arab Emirates / यूएई2019
Order of St. Andrew the Apostleऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयूRussia / रूस2019
Order of the Distinguished Rule of Nishan Izzuddinनिशान इज़्ज़ुद्दीन सम्मानMaldives / मालदीव2019
King Hamad Order of the Renaissanceकिंग हमाद ऑर्डर ऑफ रेनैसांसBahrain / बहरीन2019
Global Goalkeeper Awardग्लोबल गोलकीपर अवॉर्डBill & Melinda Gates Foundation2019
Legion of Meritलीजन ऑफ मेरिटUnited States / अमेरिका2020
Ig Nobel Prize (Parody)इग नोबेल पुरस्कारInternational / अंतरराष्ट्रीय2020
Order of the Druk Gyalpoऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपोBhutan / भूटान2021
Companion of the Order of Fijiकंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजीFiji / फिजी2023
Grand Companion of the Order of Logohuग्रैंड कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहूPapua New Guinea / पापुआ न्यू गिनी2023
Ebakl Awardएबाक्ल अवॉर्डPalau / पलाऊ2023
Order of the Nileऑर्डर ऑफ द नाइलEgypt / मिस्र2023
Grand Cross of the Legion of Honourग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनरFrance / फ्रांस2023
Grand Cross of the Order of Honourग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनरGreece / ग्रीस2023
Dominica Award of Honourडोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनरDominica / डोमिनिका2024
Grand Commander of the Order of the Nigerग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजरNigeria / नाइजीरिया2024
The Order of Excellenceद ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंसGuyana / गुयाना2024
Honorary Order of Freedom of Barbadosऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोसBarbados / बारबाडोस2024
Order of Mubarak Al-Kabeerऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीरKuwait / कुवैत2024
Grand Commander of the Order of the Star and Key of the Indian Oceanस्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन सम्मानMauritius / मॉरीशस2025
Sri Lanka Mitra Vibhushanaश्रीलंका मित्र विभूषणSri Lanka / श्रीलंका2025
Grand Cross of the Order of Makarios IIIऑर्डर ऑफ माकारियोस तृतीयCyprus / साइप्रस2025
Officer of the Order of the Star of Ghanaस्टार ऑफ घाना सम्मानGhana / घाना2025
Grand Collar of the National Order of the Southern Crossनेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉसBrazil / ब्राज़ील2025
Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Meritरॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिटNorway / नॉर्वे2026
Sweden’s Highest Civilian Honourस्वीडन का सर्वोच्च नागरिक सम्मानSweden / स्वीडन2026
Additional International Diplomatic Honours & City Keysअन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान एवं सिटी कीज़Various Countries / विभिन्न देशVarious

Address To Nation : जानें अब तक PM नरेंद्र मोदी ने कब और कितनी बार राष्ट्र को किया है सम्बोधन, देखें लिस्ट


आज अर्थात अप्रैल 18, 2026  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे। ऐसी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कई सारे विषयों में से कल महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कब संबोधन किया था। इसके पहले प्रधानमंत्री ने 21 सितंबर, 2025 को राष्ट्र को संबोधित किया और नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव की पहली पूजा यानी नवरात्रि की शुरुआत के साथ जीएसटी सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री ने वर्तमान की आवश्यकता और भविष्य के सपनों के अनुरूप जीएसटी सुधारों, बचत उत्सव और स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार और खरीद पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा कि केवल पाँच से 18 प्रतिशत कर स्लैब देश के लोगों के हित में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री कई मौकों पर राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं और नोटबंदी, मिशन शक्ति, अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, लॉकडाउन की घोषणा, टीकाकरण अपडेट आदि सहित कई सुधारों/जानकारियों का खुलासा कर चुके हैं।

निःसंदेह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन एक महत्वपूर्ण घटना है जो न केवल भारत के लोगों का, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अब तक दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधनों के कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं-


  • नोटबंदी - 8 नवंबर, 2016
  • मिशन शक्ति - 27 मार्च, 2019
  • अनुच्छेद 370 का निरसन - अगस्त 2019
  • कोविड महामारी 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज - 12 मई, 2020-21
  • लॉकडाउन की घोषणा 30 जून, 2020
  • टीकाकरण अपडेट 07 जून, 2021
  • तीन कृषि कानूनों का निरसन - 19 नवंबर, 2021
  • ऑपरेशन सिंदूर, 12 मई, 2025
  • जीएसटी सुधार बचत उत्सव - 21 सितंबर, 2025

दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में से एक है श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल: जानें रोचक तथ्य


तिरुवनंतपुरम, केरल में  स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर को भगवान पद्मनाभस्वामी (भगवान विष्णु के अवतार) के रुप में मान्यता  है.  केरल और द्रविड़ स्टाइल के मिले-जुले आर्किटेक्चर स्टाइल के साथ, इस मंदिर का इतिहास 8वीं सदी का है मंदिर द्रविड़ शैली की भव्य वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। शहर के पूर्वी किले के अंदर मौजूद इस मंडी को  दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है।

केरल और द्रविड़ स्टाइल के मिले-जुले आर्किटेक्चर स्टाइल के साथ, इस मंदिर का इतिहास 8वीं सदी का है मंदिर द्रविड़ शैली की भव्य वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्य मूर्ति जानें खासियत 

मुख्य देवता की मूर्ति अपनी बनावट के लिए मशहूर है जिसमें 12008 शालिग्राम हैं, जिन्हें नेपाल से लाया गया था। माना जाता है कि इसे गंडकी नदी के किनारे से लाया गया था। मुख्य मूर्ति, जो 18 फिट लंबी है जिसे तीन अलग-अलग दरवाज़ों से देखी जा सकती है। पहले दरवाज़े से सिर और छाती दिखाई देती है, दूसरे दरवाज़े से हाथ और तीसरे दरवाज़े से पैर देखे जा सकते हैं।

गर्भगृह के सामने ओट्टक्कल मंडपम स्थित है जो एक ही पत्थर के स्लैब से बना मंडपम  है जो  तिरुमाला रॉक खदान से लिए गए एक बड़े एक ही पत्थर के ब्लॉक से बना है। 


मंदिर के अंदर बहुत खूबसूरत पेंटिंग और म्यूरल लगे हैं, जिनमें से ज़्यादातर में लेटे हुए भगवान विष्णु, भगवान गणपति, गज लक्ष्मी और नरसिंह स्वामी (भगवान विष्णु का आधा शेर, आधा इंसान अवतार) की आदमकद तस्वीरें हैं। 

मंदिर का झंडा (ध्वज स्तंभ) सोने की परत चढ़ी तांबे की चादरों से ढका है और लगभग 80 फीट ऊंचा है। बाली पीड़ा मंडपम और मुख मंडपम, जो अलग-अलग हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों से सजे हॉल हैं, इस मंदिर की कुछ दिलचस्प आर्किटेक्चरल खासियतें हैं। नवग्रह मंडप एक और खास बात है जो सभी विज़िटर्स का ध्यान खींचती है। यहाँ छत पर नवग्रह (नौ ग्रह) दिखाए गए हैं।

365 स्तंभों वाला एक विशाल गलियारा 

पूरब की तरफ से गर्भगृह तक फैला चौड़ा गलियारा देखने लायक है, जिसमें 365 और एक-चौथाई ग्रेनाइट-पत्थर के खंभे हैं जिन पर बहुत अच्छी नक्काशी की गई है। मुख्य दरवाज़े के नीचे, पूरब की तरफ नाटक शाला (जिसका मतलब है ड्रामा हॉल) है। 

भारत के दिव्य देशम या 108 पवित्र विष्णु मंदिरों में से एक माने जाने वाले इस मंदिर में, भगवान विष्णु को फन वाले सांप, अनंत पर लेटे हुए दिखाया गया है। तमिल अज़वार (संतों) की रचनाओं में दिव्य देशम को भगवान विष्णु के सबसे पवित्र निवास के रूप में बताया गया है।

असल में, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम का नाम श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के मुख्य देवता के नाम पर रखा गया है, जिन्हें अनंत (जो अनंत नाग पर लेटे हुए हैं) के नाम से भी जाना जाता है। 'तिरुवनंतपुरम' का मतलब है श्री अनंत पद्मनाभस्वामी की भूमि।

स्कंद पुराण और पद्म पुराण में ज़िक्र

पुराणों, जैसे स्कंद पुराण और पद्म पुराण में भी मंदिर का ज़िक्र मिलता है। मंदिर के पास जो पवित्र तालाब है, उसे पद्म तीर्थम कहा जाता है, जिसका मतलब है 'कमल का झरना।'

त्रावणकोर के सबसे मशहूर पुराने शासकों में से एक मार्तंड वर्मा ने मंदिर का बड़ा रेनोवेशन करवाया था, जिससे इसे आज का स्ट्रक्चर और रूप मिला। उन्होंने ही मंदिर में भद्र दीपम और मुराजपम त्योहार शुरू किए थे। 

1750 में, उस समय के राजा मार्तंड वर्मा ने त्रावणकोर का राज्य भगवान पद्मनाभ को समर्पित किया था। आज भी यह मंदिर त्रावणकोर के पुराने शाही परिवार के हेड वाले एक ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है।

इस शानदार मंदिर के पवित्र हॉल और पवित्र जगह ने सदियों से भक्तों और आने वालों को अपनी ओर खींचा है। आज भी श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर इस ज़मीन की समृद्ध विरासत का सबूत है।

  • मंदिर द्रविड़ शैली की भव्य वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • इसका गोपुरम (मुख्य द्वार टॉवर) लगभग 100 फीट ऊँचा है।
  • अंदर 365 स्तंभों वाला एक विशाल गलियारा (Corridor) है।
  • स्कंद पुराण और पद्म पुराण में भी मंदिर का ज़िक्र मिलता है।

थर्मोस्फीयर: MCQ क्विज़

 


थर्मोस्फीयर पृथ्वी के वायुमंडल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऊपरी परत है जहाँ तापमान बहुत अधिक होता है और अंतरिक्ष स्टेशन परिक्रमा करते हैं। “परत” किसी संरचना के स्तर को दर्शाती है, जबकि “थर्मामीटर” तापमान मापने का उपकरण है।

यह विषय सामान्य ज्ञान, स्कूल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 1. थर्मोस्फीयर वायुमंडल की कौन-सी परत है?

A. पहली

B. दूसरी

C. चौथी

D. पाँचवीं

उत्तर: C. चौथी

प्रश्न 2. थर्मोस्फीयर लगभग कितनी ऊँचाई से शुरू होती है?

A. 10 किमी

B. 50 किमी

C. 80 किमी

D. 150 किमी

उत्तर: C. 80 किमी

प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सी घटना थर्मोस्फीयर में होती है?

A. वर्षा

B. बादल बनना

C. ऑरोरा

D. ओस बनना

उत्तर: C. ऑरोरा

प्रश्न 4. International Space Station किस परत में परिक्रमा करता है?

A. क्षोभमंडल

B. समतापमंडल

C. मध्यमंडल

D. थर्मोस्फीयर

उत्तर: D. थर्मोस्फीयर

प्रश्न 5. थर्मोस्फीयर में तापमान अधिक होने का मुख्य कारण क्या है?

A. बादलों की अधिकता

B. सूर्य की ऊर्जावान किरणों का अवशोषण

C. वर्षा

D. वायु दाब

उत्तर: B. सूर्य की ऊर्जावान किरणों का अवशोषण

प्रश्न 6. वायुमंडल की सबसे निचली परत कौन-सी है?

A. समतापमंडल

B. मध्यमंडल

C. क्षोभमंडल

D. थर्मोस्फीयर

उत्तर: C. क्षोभमंडल

प्रश्न 7. “परत” का सही अर्थ क्या है?

A. ऊँचाई

B. स्तर (Layer)

C. तापमान

D. दबाव

उत्तर: B. स्तर (Layer)


प्रश्न 8. थर्मामीटर का उपयोग किसे मापने के लिए किया जाता है?

A. दबाव

B. ऊँचाई

C. तापमान

D. आर्द्रता

उत्तर: C. तापमान

प्रश्न 9. थर्मामीटर के प्रारंभिक विकास का श्रेय किसे दिया जाता है?

A. आइंस्टीन

B. न्यूटन

C. Galileo Galilei

D. एडिसन

उत्तर: C. गैलीलियो गैलिली

प्रश्न 10. आयनमंडल (Ionosphere) मुख्यतः किस परत में पाया जाता है?

A. क्षोभमंडल

B. मध्यमंडल

C. थर्मोस्फीयर

D. एक्सोस्फीयर

उत्तर: C. थर्मोस्फीयर

प्रश्न 11. थर्मोस्फीयर में तापमान लगभग कितना हो सकता है?

A. 50°C

B. 200°C

C. 500°C

D. 1500°C या अधिक

उत्तर: D. 1500°C या अधिक

प्रश्न 12. थर्मोस्फीयर के ऊपर की परत क्या कहलाती है?

A. समतापमंडल

B. मध्यमंडल

C. एक्सोस्फीयर

D. क्षोभमंडल

उत्तर: C. एक्सोस्फीयर

भारत का वर्तमान परमाणु ऊर्जा परिदृश्य: Five Facts


भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम देश के विद्युत मिश्रण में लगातार उपस्थिति बनाए हुए है। यह अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहाँ आने वाले वर्षों के लिए उल्लेखनीय विस्तार की योजना बनाई गई है।

स्थापित क्षमता: 

भारत की वर्तमान परमाणु क्षमता 8.78 गीगावाट (जीडब्ल्यू) है। वर्ष 2024–25 में, देश भर में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों ने 56,681 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन किया।

स्थिर योगदान: 

परमाणु ऊर्जा ने भारत के कुल विद्युत उत्पादन का लगभग 3% हिस्सा लगातार प्रदान किया है। वर्ष 2024–25 में इसका हिस्सा 3.1% रहा।

नियोजित विस्तार:

 आने वाले वर्षों में भारत की परमाणु क्षमता लगभग 3 गुना बढ़ने वाली है। स्वदेशी 700 मेगावाट (एमडब्ल्यू) रिएक्टरों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित किए जा रहे 1,000 मेगावाट रिएक्टरों के साथ, स्थापित क्षमता वर्ष 2031–32 तक 22.38 गीगावाट (जीडब्ल्यू) तक पहुँचने का अनुमान है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग: 

भारत ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए नागरिक परमाणु सहयोग पर 18 देशों  के साथ अंतर-सरकारी समझौतों (आईजीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारत के परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।

Mercury Retrograde क्या है? जानें Date , कब तक चलेगा क्या होगा इसका प्रभाव?

what is Mercury Retrograde Shadow Period

Mercury Retrograde क्या है: Mercury (बुध ग्रह) सौरमंडल का सबसे तेज़ ग्रह है। जब पृथ्वी और Mercury अपनी-अपनी कक्षाओं में घूमते हैं, तो एक समय ऐसा आता है जब पृथ्वी, Mercury को पीछे छोड़ देती है। इस दौरान हमें पृथ्वी से ऐसा लगता है कि Mercury उल्टी दिशा में चल रहा है। मर्करी रेट्रोग्रेड एक बार फिर 26 फरवरी, 2026 को शुरू होगा और 20 मार्च, 2026 को खत्म होगा। माना जाता है कि साल के ये समय आपके मूड और कामों पर काफी असर डालते हैं। नीचे 2026 मर्करी रेट्रोग्रेड की तारीखों के बारे में और जानें। जानें कि कम्युनिकेशन, ट्रैवल और टेक्नोलॉजी के लिए मर्करी रेट्रोग्रेड का क्या मतलब है, और यह आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर कैसे असर डाल सकता है।

इसी दृश्य भ्रम को Mercury Retrograde कहा जाता है। यह वास्तव में उल्टा चलना नहीं है, बल्कि एक optical illusion (दृश्य भ्रम) है।

Mercury Retrograde कितने समय तक रहता है?

हर बार Mercury Retrograde लगभग 3 सप्ताह (21 से 24 दिन) तक रहता है।

साल में कितनी बार होता है?

Mercury Retrograde आमतौर पर साल में 3 से 4 बार होता है।

हर कुछ महीनों में यह चक्र दोबारा आता है।

Shadow Period क्या होता है?

Retrograde शुरू होने से लगभग 1–2 हफ्ते पहले और खत्म होने के 1–2 हफ्ते बाद भी इसका प्रभाव महसूस किया जाता है।

इसे “Shadow Period” कहा जाता है।

मतलब कुल मिलाकर इसका असर लगभग 6 से 8 हफ्तों तक महसूस हो सकता है।

Mercury Retrograde के दौरान क्या होता है?

अपनी वक्री अवस्था के दौरान, बुध या कोई भी अन्य ग्रह वास्तव में अंतरिक्ष में पीछे की ओर गति नहीं करता या धीमा नहीं होता। बुध की वक्री अवस्था तब होती है जब ग्रह राशिचक्र में अपने सामान्य पथ पर यात्रा कर रहा होता है और फिर, हमारे दृष्टिकोण से, कुछ समय के लिए रुकने से पहले धीमा हो जाता है और फिर अपनी आभासी गति को उलट कर ब्रह्मांड में उस स्थान पर लौट आता है जहाँ वह हाल ही में था। यह राशिचक्र में एक विशिष्ट बिंदु तक पीछे की ओर जाता है और फिर एक बार फिर धीमा हो जाता है, कुछ समय के लिए रुकता है और फिर से आगे की ओर बढ़ता हुआ प्रतीत होता है

Daily Current Affairs वन लाइनर Complete GK Dose Feb 19 , 2026: गूगल,क्लाइमेट सेंट्रल, यून सुक येओल


गूगल करेगा भारत में 15 अरब डॉलर का  निवेश 

  • गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने  कहा है कि गूगल पांच वर्षों में 15 अरब डॉलर के निवेश से समुद्र के अंदर नए केबलों के माध्यम से भारत को अमरीका से जोड़ेगा। 
  • इस पहल के माध्यम से विशाखापट्टणम में समुद्र के अंदर एक नया अंतरराष्ट्रीय गेटवे स्थापित किया जाएगा।
  • भारत को सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने के लिए समुद्र के अंदर तीन नए मार्ग और चार रणनीतिक फाइबर-ऑप्टिक मार्ग स्थापित किए जाएंगे।
  • गूगल, भारत में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स के साथ साझेदारी कर रहा है, ताकि मरीज, एआई टूल्स में अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दर्ज कर सकें और एआई, डॉक्टरों की सहायता के लिए रिपोर्ट तैयार कर सके।

कानपुर में बनेगा भारत-फ्रांस एयरोनॉटिक्स स्किलिंग सेंटर

  • प्रस्तावित केंद्र एयरोनॉटिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (एमआरओ), एयरपोर्ट संचालन, रक्षा विनिर्माण और संबंधित क्षेत्रों में उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा। 

 “द सेज हू रीइमैजिन्ड हिंदूइज्म: द लाइफ, लेसन्स एंड लेगेसी ऑफ श्री नारायण गुरु” पुस्तक के लेखक  डॉ. शशि थरूर हैं. 

  • पुस्तक का विमोचन उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने किया। 

मानव जनित जलवायु परिवर्तन से कॉफी उत्पादन घटा

  • क्लाइमेट सेंट्रल की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर कॉफी उत्पादन करने वाले  देशों ने  औसतन 47 अतिरिक्त दिनों की हानिकारक गर्मी का अनुभव किया। 
  • वैश्विक उत्पादन का 75% हिस्सा रखने वाले पांच सबसे बड़े उत्पादक देश हैं-ब्राजील, वियतनाम, कोलंबिया, इथियोपिया और इंडोनेशिया

यून सुक येओल

  • दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को 2024 में सैन्‍य शासन लागू करने के असफल प्रयास के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 

वासे शहर, नाइजीरिया

  • एक सीसा और जस्ता खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड रिसाव के कारण कल 33 खनिकों की मौत हो गई। 

वायुशक्ति-26: भारतीय वायु सेना के तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई होंगे शामिल


भारतीय वायु सेना 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर के पोखरण एयर टू ग्राउंड रेंज में वायुशक्ति-26 अभ्यास में अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगी।

वायुसेना युद्धाभ्‍यास में तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30एमकेआई, मिग-29, हॉक, सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एएलएच एमके-IV, मि-17 IV, एलसीएच, अपाचे, चिनूक और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सहित युद्धक परिवहन और हेलीकॉप्टर सहित वायुसेना के कई विमान शामिल होंगे। 

अभ्यास में शॉर्ट रेंज लॉइटरिंग मुनिशन्स, आकाश, स्पाइडर और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (सीयूएएस) जैसे उन्नत हथियार प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें दिन, शाम और रात में मिशन संचालित किए जाएंगे।

वायुशक्ति-26 ,ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी दर्शाएगा, जो हवाई क्षेत्र में प्रभुत्व, लंबी दूरी तक सटीकता से मार करने, बहु-क्षेत्रीय अभियानों और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना से निर्देशित स्वदेशी प्लेटफार्मों द्वारा निर्णायक प्रभावकारी क्षमता संपन्‍न भारतीय वायु सेना की श्रेष्ठता की पुष्टि करता है।

"अचूक, अभेद्य और सटीक " के मूल मूल्यों से प्रेरित यह अभ्यास, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के एक प्रमुख घटक के रूप में भारतीय वायु सेना की भूमिका की पुष्टि कर राष्ट्र को सुरक्षित रखने के प्रति आश्वस्त कराएगा।


मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना: Facts You Need to Know


वर्तमान में, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना (508 किमी) जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता से क्रियान्वयनाधीन है।

  • मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना (508 किमी) गुजरात, महाराष्ट्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली से होकर गुजर रही है, जिसमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती में 12 स्टेशनों की योजना है।
  • 17 नदी पुलों के निर्माण का कार्य सम्पूर्ण गया है। गुजरात में 4 प्रमुख नदी पुलों (नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती) के लिए कार्य अग्रिम चरण में है और महाराष्ट्र में 4 नदी पुलों में प्रगति पर है। डिपो (ठाणे, सूरत और साबरमती) पर काम जोरों पर है।
  • कुल 12 स्टेशनों में से 8 स्टेशन (वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आणंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती) पर नींव का काम पूरा हो चुका है। महाराष्ट्र खंड में, 3 स्टेशनों (ठाणे, विरार, बोईसर) पर नींव का कार्य प्रगति पर है और बीकेसी स्टेशन पर खुदाई का कार्य पूरा होने वाला है और बेस स्लैब की ढलाई का कार्य शुरू हो गया है।
  • समुद्र के नीचे सुरंग (लगभग 21 किमी) का काम शुरू हो गया है, जिसमें से महाराष्ट्र में घनसोली और शिल्पफाटा के बीच 4.8 किमी सुरंग पूरी हो चुकी है।
  • वंदे भारत की सफलता के आधार पर, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) मैसर्स भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के सहयोग से 280 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति के साथ हाई-स्पीड ट्रेन सेट का डिजाइन और निर्माण कर रही है।

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता 2026: जानें कैसे साबित होगा यह ऐतिहासिक मील का पत्थर


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन की ओर से 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा के साथ हीं भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि पिछले कुछ सालों से अमल में लाए गए योजनाएं जैसे आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप की दौड़ आदि महज कागजी घोषणाएं नहीं थी बल्कि दुनिया को भी आकर्षित करने में महती भूमिका निभाई है। आज अगर यूरोपीयन यूनियन को भारत एक बड़े बाजार के रूप में दिख रहा है तो इसके पीछे निश्चित हीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ठोस और दूरगामी नीतियों का योगदान है। 
मुक्त व्यापार समझौता एमएसएमई को नए अवसर प्रदान करेगा और महिलाओं, कारीगरों, युवाओं और पेशेवरों के लिए रोजगार का सृजन करेगा जो एक क्रांतिकारी कदम होगा। जानें इस ऐतिहासिक ट्रीटी की खास बातें-
  • यूरोपीय संघ भारत का 22वां एफटीए भागीदार बना है।
  • सरकार ने 2014 से मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, ईएफटीए, ओमान और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की है।
  •  2025 में भारत ने ओमान और यूके के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते के समापन की घोषणा की।
  • भारत और यूरोपीय संघ चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के 25 प्रतिशत के बराबर हैं और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। 
  • भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और ऑटोमोबाइल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को निर्णायक रूप से बढ़ावा देता है।
  • यूरोपीय संघ के 144 उप-क्षेत्रों (जिसमें आईटी/आईटीईएस, व्यावसायिक सेवाएं, अन्य व्यावसायिक सेवाएं और शिक्षा सेवाएं शामिल हैं) तक भारत की अनुमानित पहुंच भारतीय सेवा प्रदाताओं को बढ़ावा देगी ।





भारत का अंटार्कटिका साइंटिफिक एक्सपीडिशन: जानें दक्षिण गंगोत्री, मैत्री और भारती स्टेशन के बारे में

India launches the 41st Scientific Expedition to Antarctica
अंटार्कटिक अर्थात दक्षिणी श्वेत महाद्वीप ने हमेशा से वैज्ञानिकों को आकर्षित किया है। भारतीय वैज्ञानिकों ने भी अपने पास उपलब्ध संसाधनों के सहारे अंटार्कटिक पर अपने दल को खोज के लिए भेजा है। दक्षिणी श्वेत महाद्वीप 1981 में शुरू हुए भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम ने 40 वैज्ञानिक एक्सपीडिशन पूरे कर लिए हैं, और अंटार्कटिका में तीन स्थायी अनुसंधान बेस स्टेशन बनाए हैं जिनका नाम दक्षिण गंगोत्री (1983), मैत्री (1988) और भारती (2012) है। 

भारत ने दक्षिणी श्वेत महाद्वीप में अपने दल के पहले बैच के आगमन के साथ अंटार्कटिका के लिए 41वें साइंटिफिक एक्सपीडिशन की सफलतापूर्वक शुरुआत किया। 23 वैज्ञानिकों और सहायक कर्मचारियों का पहला जत्था भारतीय अंटार्कटिक स्टेशन मैत्री पहुंचा। चार अन्य बैच जनवरी 2022 के मध्य तक ड्रोमलान फैसिलिटी और चार्टर्ड आइस-क्लास पोत एमवी वैसिलिय-गोलोवनिन का उपयोग करके हवाई मार्ग से अंटार्कटिका में उतरेंगे।

1981 में शुरू हुए भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम ने 40 वैज्ञानिक एक्सपीडिशन पूरे कर लिए हैं, और अंटार्कटिका में तीन स्थायी अनुसंधान बेस स्टेशन बनाए हैं जिनका नाम दक्षिण गंगोत्री (1983), मैत्री (1988) और भारती (2012) है। वर्तमान में मैत्री और भारती पूरी तरह से चालू हैं। गोवा में स्थित नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (एनसीपीओआर), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान है जो पूरे भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम का प्रबंधन करता है।

इस 41वें एक्सपीडिशन के दो प्रमुख कार्यक्रम हैं। पहले कार्यक्रम में भारती स्टेशन पर अमेरी आइस शेल्फ का भूवैज्ञानिक अन्वेषण शामिल है। इससे अतीत में भारत और अंटार्कटिका के बीच की कड़ी का पता लगाने में मदद मिलेगी। दूसरे कार्यक्रम में टोही सर्वेक्षण और मैत्री के पास 500 मीटर आइस कोर की ड्रिलिंग के लिए प्रारंभिक कार्य शामिल है। यह पिछले 10,000 वर्षों से एक ही जलवायु संग्रह से अंटार्कटिक जलवायु, पश्चिमी हवाओं, समुद्री-बर्फ और ग्रीनहाउस गैसों की समझ में सुधार करने में मदद करेगा। आइस कोर ड्रिलिंग ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे और नॉर्वेजियन पोलर इंस्टीट्यूट के सहयोग से की जाएगी। वैज्ञानिक कार्यक्रमों को पूरा करने के अलावा, यह मैत्री और भारती में जीवन समर्थन प्रणालियों के संचालन और रखरखाव के लिए भोजन, ईंधन, प्रावधानों और पुर्जों की वार्षिक आपूर्ति की भरपाई करेगा।

1981 में शुरू हुए भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम ने 40 वैज्ञानिक एक्सपीडिशन पूरे कर लिए हैं, और अंटार्कटिका में तीन स्थायी अनुसंधान बेस स्टेशन बनाए हैं जिनका नाम दक्षिण गंगोत्री (1983), मैत्री (1988) और भारती (2012) है। वर्तमान में मैत्री और भारती पूरी तरह से चालू हैं। गोवा में स्थित नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (एनसीपीओआर), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान है जो पूरे भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम का प्रबंधन करता है।

भारत अंटार्कटिका महाद्वीप को कोविड-19 महामारी से मुक्त और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है इसलिए भारतीय दल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में एक सख्त चिकित्सा परीक्षा के बाद अंटार्कटिका पहुंच गया है। इसके अलावा इस दल ने पर्वतारोहण और स्कीइंग संस्थान, आईटीबीपी औली, उत्तराखंड में बर्फ के अनुकूलन और अस्तित्व के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया है और दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में 14 दिनों के क्वारेनटीन सहित एक कड़े स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन किया है।

सर्दियों में 48 सदस्यों की टीम को छोड़कर, इस दल की मार्च के आखिर में या अप्रैल की शुरुआत में केप टाउन लौटने की उम्मीद है। यह पिछले 40वें अभियान की ओवर विंटर टीम को भी वापस लाएगा। 41वें अभियान का नेतृत्व डॉ. शैलेंद्र सैनी, वैज्ञानिक राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान केंद्र (वॉयेज लीडर), श्री हुइड्रोम नागेश्वर सिंह, मेट्रोलॉजिस्ट, इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (लीडर, मैत्री स्टेशन) और श्री अनूप कलायिल सोमन, वैज्ञानिक भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (नेता, भारती स्टेशन) द्वारा किया जा रहा है।


Republic Day 2026 जानें गणतंत्र दिवस परेड में आने वाले प्रमुख अतिथियों की लिस्ट-1950 से अबतक

26 जनवरी 2024: जानें  गणतंत्र दिवस परेड  में आने वाले प्रमुख अतिथियों की लिस्ट(1950-2024)

भारत सरकार हर साल एक विदेशी नेता को गणतंत्र दिवस परेड के लिए आमंत्रित करती है। भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु और लोकतांत्रिक देश है जिसने 26 जनवरी 1950 को अपना संविधान लागू किया था. भारत के एक गणराज्य बनने की खुशी में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप मनाया जाता है.यह आमंत्रण भारत और उस देश के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए किया जाता है।  भारत में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए 1950 से प्रत्येक वर्ष एक विदेशी गणमान्य व्यक्ति को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। 

पिछले वर्ष, 26 जनवरी 2025 को, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो मुख्य अतिथि होंगे।  भारत और इंडोनेशिया के बीच मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध सदियों से कायम हैं। इंडोनेशिया एक व्यापक रणनीतिक साझेदार के रूप में, भारत की ऐक्ट ईस्ट नीति और भारत-प्रशांत इलाके के भारत के विज़न का महत्वपूर्ण स्तंभ है।उल्लेखनीय है कि सुबियांतो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति होंगे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अतिथियों को बुलाने की परंपरा का आरंभ 1950 मे हुआ था और तब  इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर, इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांटो 25-26 जनवरी 2025 को भारत के राजकीय दौरे पर आएंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। उलेखनिय है कि अक्टूबर 2024 में राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद, राष्ट्रपति प्रबोवो का यह पहला भारत दौरा होगा।

इसके पहले 75वें गणतंत्र दिवस के मौके पर  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन मेहमान रहे थे  यह छठी बार था जब कोई फ्रांसीसी नेता गणतंत्र दिवस समारोह में मुथ्य अतिथि रहे थे। इमैनुएल मैक्रों छठे फ्रांसीसी नेता रहे  जो 2024 गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि रहे . फ्रांस के पूर्व प्रधानमंत्री जैक्स शिराक ने 1976 और 1998 में दो बार इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई.


वर्ष-    अतिथि का नाम-देश

  • 1950-राष्ट्रपति सुकर्णो-इंडोनेशिया
  • 1951-राजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह-नेपाल
  • 1952-कोई निमंत्रण नहीं
  • 1953-कोई निमंत्रण नहीं
  • 1954-राजा जिग्मे दोरजी वांगचुक-भूटान
  • 1955-गवर्नर-जनरल मलिक गुलाम मुहम्मद-पाकिस्तान
  • 1956-राजकोष के चांसलर आरए बटलर
  • मुख्य न्यायाधीश कोटारो तनाका-यूनाइटेड किंगडमजापान
  • 1957-रक्षा मंत्री जॉर्जी ज़ुकोव-सोवियत संघ
  • 1958-मार्शल ये जियानिंग-चीन
  • 1959-एडिनबर्ग के ड्यूक प्रिंस फिलिप-यूनाइटेड किंगडम
  • 1960-राष्ट्रपति क्लिमेंट वोरोशिलो-सोवियत संघ
  • 1961-क्वीन एलिजाबेथ II-यूनाइटेड किंगडम
  • 1962-प्रधान मंत्री विगो काम्पमैन-डेनमार्क
  • 1963-राजा नोरोडोम सिहानोक-कंबोडिया
  • 1964-चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लॉर्ड लुईस माउंटबेटन-यूनाइटेड किंगडम
  • 1965-खाद्य एवं कृषि मंत्री राणा अब्दुल हामिद-पाकिस्तान
  • 1966-कोई निमंत्रण नहीं-
  • 1967-राजा मोहम्मद ज़हीर शाह-अफ़ग़ानिस्तान
  • 1968-प्रधान मंत्री एलेक्सी कोसिगिन-सोवियत संघ
  • राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टीटो एसएफआर यूगोस्लाविया
  • 1969-बुल्गारिया के प्रधान मंत्री टोडर ज़िवकोव बुल्गारिया
  • 1970-बेल्जियम के राजा बाउडौइन-बेल्जियम
  • 1971-राष्ट्रपति जूलियस न्येरेरे तंजानिया
  • 1972-प्रधान मंत्री शिवसागर रामगुलाम-मॉरीशस
  • 1973-राष्ट्रपति मोबुतु सेसे सेको-ज़ैरे
  • 1974-राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टीटो-एसएफआर यूगोस्लाविया
  • प्रधान मंत्री सिरिमावो रतवाटे डायस भंडारनायके-श्रीलंका
  • 1975-राष्ट्रपति केनेथ कौंडा-जाम्बिया
  • 1976-प्रधान मंत्री जैक्स शिराक-फ्रांस
  • 1977-प्रथम सचिव एडवर्ड गिरेक-पोलैंड
  • 1978-राष्ट्रपति पैट्रिक हिलेरी-आयरलैंड
  • 1979-प्रधान मंत्री मैल्कम फ़्रेज़र-ऑस्ट्रेलिया
  • 1980-राष्ट्रपति वैलेरी गिस्कार्ड डी’एस्टाइंग-फ्रांस
  • 1981-राष्ट्रपति जोस लोपेज़ पोर्टिलो-मेक्सिको
  • 1982-राजा जुआन कार्लोस प्रथम-स्पेन
  • 1983-राष्ट्रपति शेहु शगारी-नाइजीरिया
  • 1984-राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक-भूटान
  • 1985-राष्ट्रपति राउल अल्फोन्सिन-अर्जेंटीना
  • 1986-प्रधान मंत्री एंड्रियास पापंड्रेउ-यूनान
  • 1987-राष्ट्रपति एलन गार्सिया-पेरू
  • 1988-राष्ट्रपति जुनियस जयवर्धने-श्रीलंका
  • 1989-महासचिव गुयेन वान लिन्ह-वियतनाम
  • 1990-प्रधान मंत्री अनिरुद्ध जुगनुथ-मॉरीशस
  • 1991-राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम-मालदीव
  • 1992-राष्ट्रपति मारियो सोरेस-पुर्तगाल
  • 1993-प्रधान मंत्री जॉन मेजर-यूनाइटेड किंगडम
  • 1994-प्रधान मंत्री गोह चोक टोंग-सिंगापुर
  • 1995-राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला-दक्षिण अफ्रीका
  • 1996-राष्ट्रपति डॉ. फर्नांडो हेनरिक कार्डोसो-ब्राज़िल
  • 1997-प्रधान मंत्री बासदेव पांडे-त्रिनिदाद और टोबैगो
  • 1998-राष्ट्रपति जैक्स शिराक-फ्रांस
  • 1999-राजा बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव-नेपाल
  • 2000-राष्ट्रपति ओलुसेगुन ओबासंजो-नाइजीरिया
  • 2001-राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बुउटफ्लिका-एलजीरिया
  • 2002-राष्ट्रपति कसाम उतीम-मॉरीशस
  • 2003-राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी-ईरान
  • 2004-राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा-ब्राज़िल
  • 2005-राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक-भूटान
  • 2006-किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-सऊद[ सऊदी अरब
  • 2007-राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन-रूस
  • 2008-राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी-फ्रांस
  • 2009-राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबायेव-कजाखस्तान
  • 2010-राष्ट्रपति ली म्युंग बाक-कोरियान गणतन्त्र
  • 2011-राष्ट्रपति सुसीलो बंबांग युधोयोनो-इंडोनेशिया
  • 2012-प्रधान मंत्री यिंगलक शिनावात्रा-थाईलैंड
  • 2013-भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक-भूटान
  • 2014-प्रधान मंत्री शिंजो आबे-जापान
  • 2015-राष्ट्रपति बराक ओबामा-संयुक्त राज्य अमेरिका
  • 2016-राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद-फ्रांस
  • 2017-क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद-संयुक्त अरब अमीरात
  • 2018-सभी दस आसियान देशों के प्रमुख
  • 2019-राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा-दक्षिण अफ्रीका
  • 2020-राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो-ब्राज़िल
  • 2021-प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ( यात्रा रद्द)-यूनाइटेड किंगडम
  • 2022=
  • 2023-राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी-मिस्र
  • 2024-इमैनुएल मैक्रों -फ्रांस के राष्ट्रपति