स्वामी विवेकानंद: प्रेरणादायक जीवन, शिक्षाएं और महान उपलब्धियां

 


स्वामी विवेकानंद एक महान हिन्दू संत और नेता थे जिन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जिससे आज विश्व के अनेकों लोग ज्ञान की प्राप्ति कर रहे हैं। स्वामी विवेकानंद के विचार हमेशा युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।  उन्होंने भारतीय और पश्चिमी दर्शन का अध्ययन किया, लेकिन रामकृष्ण से मिलने तक उन्हें मानसिक शांति नहीं मिली। उनका जन्म 12 जनवरी 1863 कोलकाता मे हुआ था।  सन्यास से पहले उनका नाम “नरेन्द्र नाथ दत्त” था। ऐसा कहा जाता है कि उनकी माताजी उन्हें बचपन में “बिलेह” कहकर बुलाती थी।  स्वामी विवेकनंद का जन्म  वीरेश्वर महादेव की बहुत पूजा-पाठ के बाद पुत्र प्राप्त हुआ था इसलिए वे इसे वीरेश्वर महादेव की कृपा ही मानती थी।


युवाओं के प्रेरणास्त्रोत माने जाते हैं, इसलिए भारत में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने साहित्य, दर्शन और धर्म का भी अध्ययन किया, और इस क्षेत्र में माता-पिता तथा शिक्षकों से सहायता मिली। विवेकानंद (1863-1902) विवेकानंद का चरित्र उनके गुरु से बिलकुल अलग था।हालाँकि, वे केवल आध्यात्मिकता से संतुष्ट नहीं थे। जिस सवाल ने उन्हें लगातार परेशान किया, वह था उनकी मातृभूमि की पतित स्थिति। अखिल भारतीय दौरे के बाद उन्होंने पाया कि "गरीबी, गंदगी, मानसिक शक्ति की कमी और भविष्य के लिए कोई उम्मीद नहीं थी। 



अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए ब्रह्म समाज और साधु संतों के पास भटकने के बाद, नरेन्द्रनाथ रामकृष्ण परमहंस के शरण में पहुंचे। उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर 1881 में उन्होंने रामकृष्ण को गुरु माना और संन्यास जीवन की शुरुआत की। 

उनका उद्देश्य था भारतीय संस्कृति, वेदांत और योग के संदेश को पूरी दुनिया में फैलाना।आत्मनिर्भरता, आत्मबल और मानव सेवा के वे प्रबल समर्थक थे और इसलिए उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "हम ही अपने सभी दुखों और अपने सभी पतन के लिए जिम्मेदार हैं"।



 उन्होंने अपने देशवासियों से अपने उद्धार के लिए काम करने का आग्रह किया। इसलिए उन्होंने अपने देशवासियों को जगाने और उनकी कमजोरियों को याद दिलाने का काम अपने ऊपर ले लिया। उन्होंने उन्हें "गरीबों के लिए सहानुभूति, उनके भूखे मुँह को रोटी और बड़े पैमाने पर लोगों को ज्ञान देने के लिए जीवन और मृत्यु तक संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया।" 



1893 में विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में अखिल विश्व धर्म सम्मेलन (धर्म संसद) में भाग लिया। वहाँ उनके भाषण ने अन्य देशों के लोगों पर गहरी छाप छोड़ी और इस तरह दुनिया की नज़र में भारतीय संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ाने में मदद की।



 रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद के दर्शन धर्मों के सामंजस्य के इर्द-गिर्द घूमते थे। और यह सामंजस्य व्यक्ति की ईश्वर चेतना को गहन करने से इसकी अनुभूति होती है।

स्वामी विवेकानंद का शिक्षा में योगदान

स्वामी विवेकानंद का शिक्षा में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न मानकर, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और समाज सेवा से जोड़ने का प्रयास किया। उनका मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य "व्यक्ति में पहले से निहित पूर्णता को अभिव्यक्त करना" होना चाहिए।स्वामी विवेकानंद की नजरों में  शिक्षा का मुख्य उद्देश्य चरित्र निर्माण होना चाहिए क्योंकि उनका मानना था कि चरित्र निर्माण के मजबूती के बगैर जीवन व्यर्थ है. 


स्वामी विवेकानंद शिक्षा को केवल मानसिक रूप से मजबूती नहीं नहीं बल्कि युवाओं के लिए शारीरिक रूप से स्ट्रांग होने भी उनके लिए काफी जरुरी था. उन्होंने कहा था की युवाओं को गीता पढ़ने से अच्छा है कि वो जाकर फूटबाल खेलें क्योंकि उनका मानना था की मजबूत  कन्धों और भुजाओं से वो गीता कीशिक्षा को अच्छे से ग्रहण कर सकेंगे. 

 दूसरों पर निर्भर रहने को वो हमेशा गलत मानते थे क्योंकि उनका मानना था कि इंसान  स्वावलम्बी होना चाहिए. 


बटेश्वर रेलवे स्टेशन 'बी' श्रेणी के स्टेशन में परिवर्तित: जानें किस पूर्व प्रधानमंत्री की है जन्मस्थली

Bateshwar Station know why famous Atal Behari

बटेश्वर रेलवे स्टेशन जो आगरा डिवीजन में स्थित है  यह पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मस्थली है. इसके अतिरिक्त बटेश्वर अपनी प्राचीन विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसमें यमुना नदी के किनारे स्थित प्रमुख और ऐतिहासिक शिव मंदिर शामिल हैं। बटेश्वर के  सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए एक प्रमुख फैसला करते हुए आगरा  डिवीजन ने बटेश्वर (बीएएसआर) रेलवे स्टेशन  को 'डी' श्रेणी के हॉल्ट स्टेशन से 'बी' श्रेणी के क्रॉसिंग स्टेशन में परिवर्तित करने का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में, बटेश्वर (बीएएसआर) भंडाई-उदीमोर खंड में बाह (एचएबी) और फतेहाबाद (एफएबी) स्टेशनों के बीच स्थित एक 'डी' श्रेणी का हॉल्ट स्टेशन है। 

उल्लेखनीय है कि बटेश्वर का सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व बहुत अधिक है। यह पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मस्थली है , जो इस स्थान के महत्व को और भी बढ़ा देती है। बटेश्वर अपनी प्राचीन विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसमें यमुना नदी के किनारे स्थित प्रमुख और ऐतिहासिक शिव मंदिर शामिल हैं।

यह क्षेत्र अपने धार्मिक महत्व के अलावा प्रसिद्ध बटेश्वर पशु मेले की मेजबानी के लिए भी जाना जाता है, जो हर साल पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित करता है।

जानें खास बातें 

प्रस्तावित रूपांतरण में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:

1. 750 मीटर लंबाई की दो लूप लाइनें

2. स्टेशन भवन, जिसमें एल भवन भी शामिल है

3. उच्च-स्तरीय प्लेटफ़ॉर्म की संख्या 01

4. परिसंचरण क्षेत्र का विकास

5. जल टैंक, बोरवेल और पंप हाउस

6. दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं और अन्य न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं का निर्माण कार्य

7. सिग्नलिंग और दूरसंचार उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग

8. लूप लाइनों की 02 संख्याओं के लिए ओएचई संशोधन

दलाई लामा के जीवन का सार हैं ये Quotes; आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भर देंगे


दलाई लामा अपने शांति और आध्यात्मिक विचारों के कारण पूरी दुनिया में एक विलक्षण हस्ती बन चुके हैं। तिब्बत से निवासित होने के बावजूद दलाई लामा में अपने विचारों और दर्शन से शांति के पूजारीनके रूप में दुनिया में पूजे जाते हैं . आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि वास्तव में दलाई लामा एक पदवी है जो मंगोलियाई खिताब के नाम से जानी जातियां। अगर शाब्दिक अर्थ निकाली जाए तो दलाई लामा का मतलब होता है ज्ञान का महासागर। ऐसा माना जाता है कि वे भगवान अवलोकेतेश्वर के बुद्ध के गुणों के साक्षात रूप होते हैं।

दलाई लामा:Facts In Brief
दलाई लामा का जा 6 जुलाई, 1935 को हुआ था।
दलाई लामा जोकि एक पदवी है, ये 14वें और वर्तमान दलाई लामा हैं जिनका नाम  तेनजिंग ज्ञात्सो है।
दलाई लामा ने 31 मार्च 1959 को तिब्बत से भारत में क़दम रखा था।
दुनिया में अपने शांति के प्रतीक और मसीहा वाली छवि प्राप्त होने के कारण 1989 में दलाई लामा को शांति का नोबेल सम्मान मिला

दलाई लामा: महत्वपूर्ण कोट्स
कहने की जरूरत नहीं है कि चीन की ज्यादतियों के कारण वे अपने भूमि तिब्बत को छोड़कर भारत में शरणार्थी और निर्वासित जीवन जी रहे हैं फिर भी वो करुणा के सागर हैं। वे अपने दुश्मनों के लिए दयाभाव रखते हैं और यही उनके व्यक्तित्व की वास्तविक पहचान है जिसके कारण उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार भी दिया गया।
प्रस्तुत है उनके प्रमुख कोट्स
1. एक छोटे से विवाद से किसी रिश्ते को टूटने मत देना।
2.आप आकर्षण से ही दुसरे के दिमाग को बदल सकते हो गुस्से से नही।

इसरो के प्रमुख अंतरिक्ष मिशन: जानें Facts in Brief


भारत ने वर्तमान में संचालित पीएसएलवी, जीएसएलवी और एलवीएम-3 प्रक्षेपण यानों के माध्यम से निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में 10 टन तक तथा भू-समकालिक ट्रांसफर कक्षा (GTO) में 4.2 टन तक के उपग्रह प्रक्षेपित करने की क्षमता के साथ अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियों में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। 

ISRO: जानें Facts in Brief

  • पिछले 5 वर्षों  में अर्थात दिसंबर 2020 से दिसंबर 2025  के दौरान इसरो द्वारा कुल 22 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं। इनमें से 7 पृथ्वी अवलोकन, 4 संचार, 2 नेविगेशन, 3 अंतरिक्ष विज्ञान तथा 6 प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन से संबंधित हैं।
  • विस्तारित अंतरिक्ष दृष्टि को पूरा करने हेतु प्रक्षेपण यान क्षमताओं को और सशक्त बनाने के लिए सरकार ने नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल (NGLV) के विकास को मंजूरी दी है, जो निम्न पृथ्वी कक्षा में 30 टन तक की अधिकतम पेलोड क्षमता प्रदान करेगा।
  • अंतरिक्ष तक कम लागत में पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकियों का भी विकास किया जा रहा है, जिसमें आंशिक रूप से पुन: प्रयोज्य NGLV शामिल है, जिसकी LEO में 14 टन पेलोड क्षमता होगी। 
  • सरकार की स्पेस विज़न 2047 के अंतर्गत वर्ष 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना तथा वर्ष 2040 तक एक भारतीय को चंद्रमा पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। 
  •  स्पेस विज़न को साकार करने के लिए जमीनी अवसंरचना के विस्तार के तहत सरकार ने दो नए लॉन्च पैड को भी मंजूरी दी है—एक तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में तथा दूसरा अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यानों के लिए तीसरा लॉन्च पैड।

(Source PIB)


सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स: Facts In Brief

Suchindram Theroor Wetland Facts In Brief

Suchindram Theroor Wetland: सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, सुचिन्द्रम-थेरूर मनाकुडी कंजर्वेशन रिजर्व का हिस्सा है। इसे एक महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र घोषित किया गया है और यह प्रवासी पक्षियों के मध्य एशियाई फ्लाईवे के दक्षिणी सिरे पर स्थित है।

इसे पक्षियों के घोंसले के लिए बनाया गया था और यह हर साल हजारों पक्षियों को आकर्षित करता है। थेरूर पर निर्भर कुल जनसंख्या लगभग 10,500 है और इस जनसंख्या की 75 प्रतिशत आजीविका कृषि पर टिकी है जो बदले में थेरूर जलाशय से निकलने वाले पानी पर निर्भर है।

पक्षियों की लगभग 250 प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जिनमें से 53 प्रवासी हैं, 12 स्थानिक हैं, और चार खतरे में हैं। कम से कम 183 पौधों और जानवरों की प्रजातियों की उपस्थिति जलाशयों को पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण मंच और चारागाह प्रदान करने में सक्षम बनाती है

सुंदरबन आर्द्रभूमि

यह एक मानव निर्मित, अंतर्देशीय जलाशय है और बारहमासी है। 9वीं शताब्दी के तांबे की प्लेट के शिलालेखों में पसुमकुलम, वेंचिकुलम, नेदुमर्थुकुलम, पेरुमकुलम, एलेमचिकुलम और कोनाडुनकुलम का उल्लेख है। 

इस क्षेत्र में पक्षियों की लगभग 250 प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिनमें से 53 प्रवासी, 12 स्थानिक और 4 विलुप्‍त होने की कगार पर हैं.

खजुराहो: प्रेम, कला और संस्कृति का अनोखा संगम

प्रजातियों की गणना

जिला वन अधिकारी एवं वन्यजीव वार्डन, कन्याकुमारी जिला के वेबसाइट के अनुसार सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में  प्रजातियों की गणना इस प्रकार से है-

क्रम संख्याश्रेणीसंख्या
1पक्षी की संख्या135
2मछलियों का वर्ग16
3पौधे112
4स्तनधारी की संख्या10
5सरीसृप और उभयचर30
6ऑर्थ्रोपोड75

तंपारा झील-ओडिशा

मुख्य विशेषताएँ

चारों ओर फैली कृषि भूमि जैसे धान के खेत, नारियल के बाग, केले के पेड़ आदि, सिंचाई के लिए आर्द्रभूमि परिसर पर निर्भर हैं। यह संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए घोंसले के शिकार आवास प्रदान करता है। यह बर्ड लाइफ इंटरनेशनल के साथ अंतर्राष्ट्रीय पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध है और मध्य एशियाई पक्षी प्रवासी मार्ग का हिस्सा है।

  • स्थान: तमिलनाडु, कन्याकुमारी जिला 
  • क्षेत्रफल: 94.229 हेक्टेयर 
  • संरक्षण: सुचिन्द्रम-थेरूर मनाकुडी संरक्षण रिजर्व का हिस्सा, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित 
  • महत्व: महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र, मध्य एशियाई फ्लाईवे का दक्षिणी छोर, भूजल पुनर्भरण का स्रोत, बाढ़ नियंत्रण 
  • विशेषताएँ: दो मानव निर्मित जलाशय, थेरूर और सुचिन्द्रम, पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां

नजरिया जीने का: पतझड़ से सीखें कैसे हर अंत में छिपी होती है नई शुरुआत

नजरिया जीने का: पतझड़ भले हीं खराब मौसम या जीवन में नीरसता का पर्याय बन चुका है, लेकिन इसका मतलब यह तो कदापि नहीं हैं कि जीवन में पतझड़ का आना दुखों के आरंभ से है। पतझड़ में हम उसके इस संकेत को समझने को तैयार नहीं होते हैं कि हर अंत में छिपी होती है नई शुरुआत और हमें आने वाले सुनहरे भविष्य का संकेत छिपा होता है। 

जरूरत इस बात की है कि जब जीवन में आए पतझड़, तब उम्मीदों के बीज बोने के लिए आप उत्साह के साथ तैयार हो जाएं।

याद रखें पतझड़ का मौसम हमें यह सिखाता है कि बहार के मौसम को छोड़ना भी ज़रूरी है क्योंकि जीवन का रीत भीं यहीं है। सुख और दुख, धूप और छांव हीं तो जीवन तो फिर बहार के बाद पतझड़ को इतना बदनाम क्यों करना। 

पतझड़ तो हमें आता हैं यह सिखाने के लिएकि गिरना भी जीवन का हिस्सा है, पर फिर से खिलना हमारी ताकत है और   इसके लिए हमें तैयार रहना है। 
याद रखें, पतझड़ के मौसम में हर गिरा हुआ पत्ता याद दिलाता है कि नया मौसम आने वाला है और इसके साथ हीं यह संदेश भी छिपा है कि ज़िंदगी के पतझड़ में भी उम्मीद बची है क्योंकि अब बसंत दूर नहीं और उसके लिए आप तैयार हों जाएं।

किसी कवि ने कहा भी है
"दुख जाने के बाद सुख का
मूल्य और कुछ बढ़ जाता है
रोने वाला हीं गाता है।"

जीवन का दस्तूर भी यही है कि पेड़ अगर पत्ते छोड़ सकता है, तो हम भी दर्द छोड़ सकते हैं और आने वाले बेहतर कल के लिए आज के अंधियारे से डरना मूर्खता और अधीरता है। याद रखें, हर पतझड़ के बाद हरियाली लौटती है, बस थोड़ा धैर्य रखना होता है। 

गिरना कभी भी जीवन में हार नहीं, बल्कि बदलाव की शुरुआत है और जिसे हम जीवन का बंजर समझ रहे हैं, यह बसंत से पहले का पतझड़ है। याद रखें, जीवन में हर मौसम कुछ सिखाने आता है हां हमें उसे समझने को तैयार रहना होगा।

Born On Tuesday: होते हैं साहसी, जुझारू और जल्दी हार नही मानने वाले@ बिस्मिल्लाह खान, ध्यानचंद, यश चोपड़ा


Born on Tuesday: ज्योतिष और कुंडली शास्त्र के अनुसार मंगलवार का सम्बन्ध प्लेनेट मंगल से होता है और हम सभी जानते हैं की मंगल को लाल प्लेनेट भी कहा जाता है. और यही वजह है की मंगल को जन्म लेने वाले लोग अक्सर साहसी, ऊर्जावान और दृढ़निश्चयी माने जाते हैं, और ऐसे लोग अपने प्रयासों में जल्दी हाँ स्वीकार नहीं करते हैं. मंगल के दिन जन्म लेने वाले जातकों का स्वामी मंगल ग्रह के प्रभाव के कारण उनमें नेतृत्व करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति और प्रतिस्पर्धी भावना होती है। आमतौर पर उत्साही और भावुक होने के साथ हीं  उन्हें कभी-कभी अपनी निराशा को शांत करना और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक रूप से निर्देशित का गुण अपनाना भी जरुरी  होता है. आइये जानते हैं  मंगलवार को जन्म लेने वाले लोगों के व्यक्तित्व से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में मोटिवेटर और एस्ट्रोलॉजर हिमांशु रंजन शेखर से.

Born on Tuesday Famout Personalities 

मंगलवार को जन्मे लेने वाले व्यक्तियों की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि वे दृढ इच्छाशक्ति के मालिक होते हैं और अपने सपनों को वास्तविकता के धरातल पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं. ऐसे लोग सफलता के लिए तब तक प्रयास करते रहते हैं जब तक कि वे उसे प्राप्त नहीं कर लेते। अच्छे दिनों में, मंगलवार को जन्मे लोग बुद्धिमान, प्रेरित और निडर होते हैं, लेकिन बुरे दिनों में, वे जिद्दी और असुरक्षित हो सकते हैं। हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद, संगीतकार उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी, फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा, फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर, फिल्म अभिनेता रणबीर कपूर. 


आसानी से नहीं मानते हार: 
मंगल गृह के स्वाभाव के अनुसार मंगलवार के दिन जन्मे लोग स्वभाव से गुस्सैल और बहादुर होते हैं और वे किसी भी खराब परिस्थिति में आसानी से हार नहीं मानते हैं.  ऐसे व्यक्तियों में रिस्क लेने और साहस करने की क्षमता कूट कूट कर भरी होती है और ऐसे लोग अपने वचन के पक्के होते हैं.  ये लोग कोई भी गलत बात स्वीकार नहीं कर पाते हैं. स्वभाव से ये लोग बहुत खर्चीले होते हैं. गुस्सैल स्वभाव के होने की वजह से यह लोग छोटी-छोटी बातों पर भी बहुत गुस्सा करते हैं.इन लोगों के आसानी से दोस्त नहीं बनते हैं लेकिन अगर एक बार दोस्ती हो गई तो ये लोग दिल से निभाते हैं.

स्वाभाविक नेतृत्व क्षमता: 

मंगल को मंगलवार के साथ जोड़ा जाता है, और इसलिए इस दिन जन्मे लोग नेतृत्व की क्षमता और अग्रसरता रखते हैं। इनमें नेतृत्व क्षमता जन्मजात होती है और वे लोगों को प्रेरित करने में माहिर होते हैं। वे समाज में अच्छी गाइडेंस कर सकते हैं और सामरिक परिस्थितियों में नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। मंगल ग्रह के प्रभाव से, मंगलवार को जन्मे लोग अक्सर साहसी, ऊर्जावान और शक्तिशाली होते हैं।

उच्च ऊर्जा स्तर:

 मंगल का प्रतीक्षित ज्वालामुखी तत्व होने के कारण, जो उच्च ऊर्जा स्तर को संकेत करता है, मंगलवार को जन्म लेने वाले लोग उच्च ऊर्जा स्तर वाले हो सकते हैं। वे सक्रिय और उत्साही हो सकते हैं और अपने काम में प्रभावी हो सकते हैं। मंगलवार को जन्मे लोग जीवन के प्रति उत्साही होते हैं और नए अनुभवों के लिए तैयार रहते हैं।

क्रोधप्रवृत्ति: 

मंगलवार को जन्मे लोगों में आत्मविश्वास की कमी नहीं होती और वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित होते हैं। मंगल ग्रह आपातकालीन स्थितियों का प्रतीक होता है और इसलिए मंगलवार को जन्म लेने वाले लोगों के पास अधिक क्रोधप्रवृत्ति हो सकती है। वे छोटी बातों पर जल्दी गुस्सा हो सकते हैं और उन्हें अपने क्रोध को नियंत्रित करना सीखना चाहिए। 

जानें चार धामों के बारे में: बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम और द्वारका

रिस्क और साहस करने की क्षमता

ऐसे व्यक्तियों में रिस्क लेने और साहस करने की क्षमता कूट कूट कर भरी होती है और ऐसे लोग अपने वचन के पक्के होते हैं. ऐसे लोग अपने विरोध बहुत कम ही सहन कर पाते हैं और इसके साथ ही ऐसे लोग शक्ति से भरपूर होते हैं. मंगलवार को जन्म लेने वाले लोगों में मंगल ग्रह का प्रभाव होता है और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह को शौर्य, साहस, निर्णायक और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.ऐसे लोग अपने विरोध बहुत कम ही सहन कर पाते हैं और इसके साथ ही ऐसे लोग शक्ति से भरपूर होते हैं. 

मंगल वार को जन्म लेने वाले व्यक्तियों की यह सामान्य लक्षण हैं जिसे समान्यता: ज्योतिष और कुंडली की जानकारी पर दी गई है. हालाँकि यह भी सत्य है कि हर व्यक्ति अद्वितीय होता है, इसलिए यह सुनिश्चित नहीं है कि सभी मंगलवार को जन्म लेने वाले लोग इन लक्षणों से पूरी तरह से मेल खाते होंगे। 

===

नोट: कृपया ध्यान दें कि लेख में उल्लिखित टिप्स/सुझाव केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से हैं ताकि आपको उस मुद्दे के बारे में अपडेट रखा जा सके जो आम लोगों से अपेक्षित है. आपसे निवेदन है कि कृपया इन सुझावो को  पेशेवर ज्योतिषीय सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए तथा अगर आपके पास इन विषयों से सम्बंधित कोई विशिष्ट प्रश्न हैं तो हमेशा अपने ज्योतिषी या पेशेवर ज्योतिष/कुंडली सुझाव प्रदाता से अवश्य परामर्श करें।

प्रभु श्री राम की 77 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा: दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा

श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ में प्रभु श्री राम की ऐतिहासिक, 77 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण हुआ है जो दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ, गोवा में स्थित प्रभु श्री राम की कांस्य प्रतिमा का आज अनावरण किया। खास बात यह है कि इस प्रतिमा को डिजाइन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के डिजाइनर मशहूर मूर्तिकार राम सुतार हैं।

जानें प्रभु श्रीराम की प्रतिमा की खासियत क्या है?

  • 77 फीट ऊंची प्रतिमा दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा है.
  • 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की प्रतिमा का डिज़ाइन करने वाले मशहूर मूर्तिकार राम सुतार ने यह भव्य प्रतिमा  बनाई है.
  • रामायण पर आधारित एक थीम पार्क का उद्घाटन भी हुआ है।
  • श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ अपनी स्थापना की 550वीं वर्षगांठ मना रहा है। 
  •  श्रीमद नारायणतीर्थ स्वामीजी द्वारा इस मठ को  1475 में स्थापित किया गया था. 
  •  संस्थापक आचार्य श्री नारायण तीर्थ ने उत्तर भारत की अपनी यात्राओं के दौरान काशी में भी एक केंद्र स्थापित किया था। 

Daily Current Affairs Quiz Nov 20, 2025: Complete GK Dose





Places in News:  कोयंबटूर, तमिलनाडु 

दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का आयोजन कोयंबटूर, तमिलनाडु में हुआ। 


एक खेल, एक राज्य योजना

पूर्वोत्तर में उच्च प्रदर्शन वाले खेल विकास पर बल देने की योजना के तहत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (डीओएनईआर), श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में "एक खेल, एक राज्य" दृष्टिकोण को और मज़बूत किया गया, जिसमें प्रत्येक भाग लेने वाले राज्य ने व्यापक, संपूर्ण विकास के लिए एक मुख्य खेल का चयन किया जिसमें प्रमुख हैं 

  • मिजोरम (फुटबॉल), 
  • मणिपुर (मुक्केबाजी और भारोत्तोलन), 
  • त्रिपुरा (जूडो), मेघालय (तीरंदाजी),
  • नागालैंड (तीरंदाजी और ताइक्वांडो), और 
  • सिक्किम (ताइक्वांडो) 

नज़रिया जीने का: जीवन में सफलता पाना हैं लक्ष्य तो प्रसन्न रहना सीखें, अपनाएं ये टिप्स


जीवन में सफल होने के लिए खुश रहना और प्रसन्नता बहुत जरूरी है क्योंकि अधूरे मन से आप सफलता की छोड़िए, दिन भी काटना मुश्किल हो जाएगी। सफलता के लिए खुश रहना एक महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि जब आप प्रसन्न रहते हैं, तो आपके मन में सकारात्मकता और ऊर्जा बनी रहती है, जो आपको कठिनाइयों का सामना करने और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद करती है। अगर आप उत्साह से लबरेज हैं और प्रसन्न हैं तो फिर आपके प्रयास सफलता का मार्गअवश्य प्रशस्त करेंगे। यहाँ कुछ टिप्स दिए गए हैं जो आपको प्रसन्न रहने में मदद कर सकते हैं:

1. आभार व्यक्त करें:

जीवन में हमें दूसरों के प्रति आभार करने से परहेज नहीं करना चाहिए। अपने जीवन में जो कुछ भी अच्छा है, उसके लिए आभार व्यक्त करें। रोज़ाना कुछ मिनट निकालकर उन चीजों के बारे में सोचें जिनके लिए आप आभारी हैं। आभार का भाव आपके मन में सकारात्मकता लाता है और छोटी-छोटी खुशियों को भी महसूस करने में मदद करता है।

2. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ:

जीवनशैली हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और शारीरिक स्वास्थ्य का सीधा प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और पर्याप्त नींद को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। इससे आप ऊर्जावान और प्रसन्न महसूस करेंगे।

3. सकारात्मक सोच रखें:

जीवन में नकारात्मकता से दूर रहें और सकारात्मक सोच को अपनाएं। हर परिस्थिति में सकारात्मक पहलू को देखने का प्रयास करें। यह आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाएगा और जीवन में सफल होने में मदद करेगा।

4. स्वयं के साथ समय बिताएं:

नियमित रूप से स्वयं के साथ समय बिताएं, ध्यान करें, या अपने शौक को पूरा करें। यह आपको अपने मन को शांत रखने और अपनी खुशी को पहचानने में मदद करेगा।

5. संबंधों में संतुलन बनाएं:

अच्छे संबंध हमारे जीवन में खुशियाँ लाते हैं। अपने प्रियजनों के साथ समय बिताएं, उनकी भावनाओं को समझें, और अपनी भावनाओं को साझा करें। संतुलित संबंध प्रसन्नता का एक महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं।

6. लक्ष्य निर्धारित करें और उन पर काम करें:

अपने जीवन में स्पष्ट और यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें। जब आप अपने लक्ष्यों की दिशा में काम करते हैं, तो आपको अपने जीवन में उद्देश्य का एहसास होता है, जो आपको प्रसन्न रखता है।

7. माफ करना सीखें:

किसी के प्रति द्वेष या क्रोध रखना आपकी प्रसन्नता को कम कर सकता है। माफ करने की कला सीखें, चाहे वह खुद के लिए हो या दूसरों के लिए। माफ करना आपको मानसिक शांति देता है और आपको प्रसन्न रखता है।

8. वर्तमान में जीना सीखें:

अतीत की गलतियों और भविष्य की चिंताओं से मुक्त होकर वर्तमान में जीना सीखें। हर पल को पूरी तरह से जीने का प्रयास करें, यह आपको जीवन की खुशियों का अनुभव कराएगा।

9. जीवन में विनम्रता और सादगी अपनाएँ:

विनम्र और सरल जीवन जीने का प्रयास करें। इससे आपके जीवन में अनावश्यक तनाव और चिंताएँ कम होंगी और आप अपने आप को अधिक प्रसन्न महसूस करेंगे।

10. हंसी-मजाक और मनोरंजन:

हंसी-मजाक और हल्के-फुल्के पलों का आनंद लें। हास्य आपके जीवन में प्रसन्नता लाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है।

इन टिप्स को अपनाकर आप अपने जीवन में प्रसन्नता को बढ़ा सकते हैं, जो अंततः आपके जीवन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

G-20 शिखर सम्मेलन में किन विदेशी मेहमानों को कौन सी खास तोहफा दी गई, मन की बात में किया खुलासा


प्रधान मंत्री मोदी ने हमेशा से  ‘Vocal for local’ के मंत्र को साथ लेकर चलने की बात किया है. इसी सिद्धांत को आगे बताते हुए भारत ने अभी कुछ दिनों पहले G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान जब विश्व के कई नेताओं को उपहार देने की बात आई, भारतीय शिल्प, कला और परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देश ने विदेशी मेहमानों को खास उपहार प्रदान किया था. ये उपहार न केवल भारतीय शिल्प और कला का सम्मान था बल्कि, हमारे कारीगरों की प्रतिभा को Global मंच मिले इसके लिए प्रधान मंत्री का प्रयास भी था. 

मन की बात कार्यक्रम के 128 संस्करण में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने   इसका खुलासा करते हुए बताया कि कुछ दिनों पहले G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व के कई नेताओं को दिए गए उपहार के अंतर्गत  ‘vocal for local’ का चर्चा किया. प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने  देशवासियों की ओर से विश्व के नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उसमें इस भावना का विशेष ध्यान रखा गया।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को नटराज की कांस्य प्रतिमा

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को नटराज की कांस्य प्रतिमा भेंट की गई । ये तमिलनाडु के तंजावुर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी चोल कालीन शिल्पकला का अद्भुत  उदाहरण है। 

कनाडा के प्रधानमंत्री को चांदी के अश्व की प्रतिकृति

कनाडा के प्रधानमंत्री को चांदी के अश्व की प्रतिकृति दी गई। यह राजस्थान के उदयपुर की बेहतरीन शिल्पकला को दर्शाती है।

 जापान के प्रधानमंत्री को चांदी की बुद्ध की प्रतिकृति

 जापान के प्रधानमंत्री को चांदी की बुद्ध की प्रतिकृति भेंट की गई। इसमें तेलंगाना और करीमनगर की प्रसिद्ध Silver Craft की बारीकी का पता चलता है।

 इटली की प्रधानमंत्री Silver mirror 

 इटली की प्रधानमंत्री को फूलों की आकृतियों वाला silver mirror उपहार में दिया। ये भी करीमनगर की ही पारंपरिक धातु शिल्पकला को प्रदर्शित करता है। 

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को Brass उरली 

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को Brass उरली भेंट की गई  ये केरला के मन्नार का एक उत्कृष्ट शिल्प है। 

उन्होंने बताया की इसके पीछे मुख्य  उद्देश्य था कि दुनिया भारतीय शिल्प, कला और परंपरा के बारे में जानें। और हमारे कारीगरों की प्रतिभा को Global मंच मिले।

Daily GK Current Affairs: मन की बात के कार्यक्रम पर आधारित MCQ Quiz, व्याख्या के साथ


संकलन: शिवम द्वारा 

Mann Ki Baat:  मन की बात प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक भारतीय रेडियो कार्यक्रम है जिसमें वे ऑल इंडिया रेडियो, डीडी नेशनल और डीडी न्यूज़ पर भारतीयों को संबोधित करते हैं। 3 अक्टूबर 2014 को कार्यक्रम का पहला शो प्रसारित हुआ जो आज दुनिया मे अपना इतिहास बना चुका है। इस कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी हैं जिसके माध्यम से वह  देश के नागरिकों के साथ बातचीत करते हैं और उनकी सोच, दृष्टिकोण और राष्ट्र के मुद्दों पर विचारों को साझा करते हैं।यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं. हम यहाँ पर लाएं हैं आपके लिए मन की बात में प्रधानमंत्री द्वारा उल्लेखित विभिन्न पर्सनलिटी और स्थान पर आधारित GK Quiz जो प्रतियोगिता परीक्षा कि तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए खास रूप से तैयार किया गया है। 


  • सऊदी अरब में पहली बार किसी सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति की गई है। 
  • यूरोप के लातविया में भी एक यादगार गीता महोत्सव आयोजित किया गया। 
  • इस महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने बढ़-चढ़ करके हिस्सा लिया।  
  • Natural Farming के एक विशाल सम्मेलन का आयोजन  कोयंबटूर में हुआ था।
चौथा काशी-तमिल संगमम 

  • 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर चौथा काशी-तमिल संगमम शुरू हो रहा है। 
  • काशी-तमिल संगमम की थीम बहुत ही रोचक है – Learn Tamil – तमिल करकलम्। 
  •  पिछले हफ्ते मुंबई में INS ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
  • इसका ‘माहे’ नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है। केरला और तमिलनाडु के कई लोगों ने इस बात पर गौर किया कि इस युद्धपोत का crest उरुमी  और कलारिपयट्टू की पारंपरिक लचीली तलवार की तरह दिखाई पड़ता है।

Navy से जुड़े tourism 

  • देश के पश्चिमी तट पर गुजरात के सोमनाथ के पास एक जिला है-दीव। दीव में ‘INS खुखरी’ को समर्पित ‘Khukhri  Memorial and Museum’ है।
  •  Goa में ‘naval aviation museum’ है, जो Asia में अपनी तरह का अनूठा संग्रहालय है।
  • Fort Kochi के INS द्रोणाचार्य में ‘Indian Naval Maritime Museum’ है। यहाँ हमारे देश की Maritime history और Indian Navy के evolution को देखा जा सकता है।
  • श्रीविजयापुरम जिसे पहले Port Blair कहा जाता था, वहाँ ‘समुद्रिका- Naval Marine Museum’ उस क्षेत्र के समृद्ध इतिहास को सामने लाने के लिए जाना जाता है। 
  • कारवार के रवीन्द्रनाथ टैगोर beach पर Warship Museum में मिसाइलों और हथियारों की replica रखी गई हैं।
  •  विशाखापत्तनम में भी एक submarine, helicopter और aircraft museum है, जो Indian Navy से जुड़ा है। 

भगवान बुद्ध के पावन अवशेष

  • पिछले महीने ही National Museum से भगवान बुद्ध के पावन अवशेषों को को रूस के कलमीकिया ले जाया गया था। यहां बौद्ध धर्म का विशेष महत्व है। 
  • इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया, वियतनाम और थाइलैंड भी ले जाया जा चुका है। 

गडग जिला का संबंधी किस राज्य से है? 

  • कर्नाटका के गडग जिले के लोगों ने भी मिसाल कायम की है। कुछ साल पहले यहाँ के दो गाँव की झीलें पूरी तरह सूख गईं। एक समय ऐसा भी आया जब वहाँ पशुओं के पीने के लिए भी पानी नहीं बचा। 
  • धीरे-धीरे झील घास-फूस और झाड़ियों से भर गई। लेकिन गाँव के कुछ लोगों ने झील को पुनर्जीवित करने का फैसला किया और काम में जुट गए। 


Fit India Carnival

दिल्ली में एक और भव्य आयोजन ने लोगों को बहुत प्रेरणा दी है, जोश से भर दिया है। एक Innovative Idea के रूप में पहली बार Fit India Carnival का आयोजन किया गया। 

Rapper Hanumankind (हनुमान काइन्ड) 

 मशहूर Rapper Hanumankind (हनुमान काइन्ड) का नया Song “Run It Up” काफी Famous हो रहा है। इसमें कलारिपयट्टू, गतका और थांग-ता जैसी हमारी पारंपरिक Martial Arts को शामिल किया गया है। 

फगवा चौताल का संबंध किस राज्य से है?

यह फ़िजी का बहुत ही लोकप्रिय ‘फगवा चौताल’ है।  ये गीत और संगीत हर किसी में जोश भर देता है। यह फ़िजी का बहुत ही लोकप्रिय ‘फगवा चौताल’ है। 

Singapore Indian Fine Arts Society

यह एक संगठन है जो वर्षों से भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। भारतीय नृत्य, संगीत और संस्कृति को संरक्षित करने में जुटे इस संगठन ने अपने गौरवशाली 75 साल पूरे किए हैं।

Textile waste

Textile waste से निपटने में कुछ शहर भी अपनी नई पहचान बना रहे हैं। हरियाणा का पानीपत textile recycling के global hub के रूप में उभर रहा है।

  • बेंगलुरू भी Innovative Tech Solutions से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। यहाँ आधे से ज्यादा Textile waste को जमा किया जाता है, जो हमारे दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल है। 
  • इसी प्रकार तमिलनाडु का Tirupur Waste Water Treatment  और renewable energy के माध्यम से textile waste management में जुटा हुआ है।


2025 के योग दिवस का थीम क्या है?

साल 2025 के योग दिवस की theme रखी गई है, ‘Yoga for One Earth One Health’. यानि हम योग के जरिए पूरे विश्व को स्वस्थ बनाने की कामना करते हैं।

Somos India 

 Somos India नाम की team जिसके बारे मे प्रधान मंत्री ने चर्चा किया।  Spanish में इसका अर्थ है - We are India. यह टीम करीब एक दशक से योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने में जुटी है। उनका focus treatment के साथ-साथ educational programmes पर भी है। वे आयुर्वेद और योग से संबंधित जानकारियों को Spanish language में translate भी करवा रहे हैं। 

महुआ के फूल

  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में महुआ के फूल से cookies बनाए जा रहे हैं। 
  • राजाखोह गांव की चार बहनों के प्रयास से ये cookies बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। इन महिलाओं का जज्बा देखकर एक बड़ी company ने इन्हें factory में काम करने की training दी।
  •  तेलंगना के आदिलाबाद जिले में भी दो बहनों ने महुआ के फूलों से नया experiment किया है। वो इनसे तरह-तरह के पकवान बनाती हैं, जिन्हें लोग बहुत पसंद करते हैं। 

कृष्ण कमल

  • कृष्ण कमल एक शानदार फूल है जो गुजरात मे पाया जाता है। 
  •  गुजरात के एकता नगर में Statue of Unity के आसपास आपको ये कृष्ण कमल बड़ी संख्या में दिखेंगें।
  •  ये कृष्ण कमल एकता नगर के आरोग्य वन, एकता नर्सरी, विश्व वन और Miyawaki forest में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। 


  •  श्री अब्दुल्ला अल-बारुन ने रामायण और महाभारत का अरबी में अनुवाद किया है का संबंध किस देश से है- कुवैत
  • एरलिंदा गार्सिआ (Erlinda Garcia) जो  युवाओं को भरतनाट्यम सिखा रही हैं और मारिया वालदेस (Maria Valdez) ओडिसी नृत्य का प्रशिक्षण दे रही हैं, उनका संबंधी किस देश से है- पेरू 

Deer Women के नाम से किसे बुलाया जाता है?

  • अनुराधा राव, अंडमान निकोबार-अनुराधा राव, अंडमान निकोबार का नाता अंडमान निकोबार आइलैंड से रहा है। अनुराधा जी ने कम उम्र में ही Animal Welfare के लिए खुद को समर्पित कर दिया था। तीन दशकों से उन्होंने हिरण और मोर की रक्षा को अपना mission बनाया। यहां के लोग तो उन्हें ‘Deer Woman’ के नाम से बुलाते हैं। 

कार्थुम्बी छाता का संबंधी किस राज्य से है-केरल 

  • कार्थुम्बी छाते’ को  तैयार किया जाता है केरला के अट्टापडी में  इन छातों को ‘वट्टालक्की सहकारी कृषि सोसाइटी’ की देखरेख में बनाया जाता है।

किस देश सरकार ने अपने National Radio पर हिन्दी मे एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया?-कुवैत 


किस देश ने  गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी  को सम्मान  दिया है? 

  • तुर्कमेनिस्तान

तुर्कमेनिस्तान में इस साल मई में वहाँ के राष्ट्रीय कवि की 300वीं जन्म-जयंती मनाई गई। इस अवसर पर तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति ने दुनिया के 24 प्रसिद्ध कवियों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इनमें से एक प्रतिमा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी की भी है। ये गुरुदेव का सम्मान है, भारत का सम्मान है।

Araku coffee का संबंध किस राज्य से है?

  • आंध्र प्रदेश 
  •  ये अपने rich flavor और aroma के लिए जानी जाती है।

कब्बन पार्क का संबंधी किस शहर से है- बेंगलुरू 

बेंगलुरू में एक पार्क है- कब्बन पार्क ! इस पार्क में यहाँ के लोगों ने एक नई परंपरा शुरू की है। यहाँ हफ्ते में एक दिन, हर रविवार बच्चे, युवा और बुजुर्ग आपस में संस्कृत में बात करते हैं। इतना ही नहीं, यहाँ वाद- विवाद के कई session भी संस्कृत में ही आयोजित किए जाते हैं। इनकी इस पहल का नाम है – संस्कृत weekend ! इसकी शुरुआत एक website के जरिए समष्टि गुब्बी जी ने की है। 

  • 30 जून को आकाशवाणी का संस्कृत बुलेटिन अपने प्रसारण के 50 साल पूरे कर रहा है। 

Firefly
  •  एक भारतीय space-tech start-up बेंगलुरू के Pixxel (पिक्सेल) ने भारत का पहला निजी satellite constellation – ‘Firefly’ (फायर-फ्लाई), सफलतापूर्वक launch किया है।

‘चिटे लुई’-मिज़ोरम 

  • मिज़ोरम की राजधानी आइजवाल में एक खूबसूरत नदी है ‘चिटे लुई’, जो बरसों की उपेक्षा के चलते, गंदगी और कचरे के ढेर में बदल गई |
  •  पिछले कुछ वर्षों में इस नदी को बचाने के लिए प्रयास शुरू हुए हैं |
  •  इसके लिए स्थानीय एजेंसियां, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोग, मिलकर, save चिटे लुई action plan भी चला रहे हैं | 

Spacde Docking  करने वाला चौथा देश बना भारत 
  • जब अंतरिक्ष में दो spacecraft connect किए जाते हैं, तो, इस प्रक्रिया को Space Docking कहते हैं।
  • यह तकनीक अंतरिक्ष में space station तक supply भेजने और crew mission के लिए अहम है।
  •  भारत ऐसा चौथा देश बना है, जिसने ये सफलता हासिल की है।

English is Easy: जानें Continuous और Continual शब्द के प्रयोग में अंतर और सामान्य गलतियां


बैंकिंग, एसएससी, रेलवे जैसे विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले एस्पिरेंट्स को अक्स अंग्रेजी में कामन एरर के अंतर्गत कन्फ्यूजिंग अंग्रेजी के वर्ड से आमना सामना होता हैं। ऐसे हीं दो वर्ड है 
Continuous और Continual।

कंटीन्यूअस का मतलब है बिना रुके, लगातार जारी रहने वाला (जैसे लगातार बारिश), जबकि कंटीन्यूअस कंटीन्यूअस अक्सर और बार-बार होता है, लेकिन रुक-रुक कर।

कंटीन्यूअस और कंटीन्यूअल के बीच अंतर

Continuous  – इस शब्द का इस्तेमाल हम सामान्यत: किसी ऐसी चीज़ के लिए किया जाता है जो बिना किसी ब्रेक या रुकावट के होती है।

Continual  – इस शब्द का इस्तेमाल किसी ऐसी चीज़ के लिए किया जाता है जो रुक-रुक के अर्थात किसी समय में बार-बार होती है।

कंटीन्यूअस और कंटीन्यूअल के बीच मुख्य अंतर यह है कि "कंटीन्यूअस" का मतलब है कुछ ऐसा होना जो बिना रुके, बिना किसी रुकावट के हो रहा हो। "कंटीन्यूअल" का मतलब है कि कुछ बार-बार होता है, लेकिन बीच-बीच में ब्रेक के साथ। 

दोनों शब्दों के बीच के अंतर  को समझने के लिए उनके प्रयोग और वाक्य संरचना के  साथ स्पष्ट हो जायेगा. 

Continuous शब्द एक विशेषण है जिसका शाब्दिक मतलब होता है लगातार समय या बिना रुके या किसी ब्रेक के.

Continual शब्द भी एक विशेषण है जिसका अर्थ होता है निरंतर या बार-बार होने वाला परंतु रुकावटों के साथ।