पाठकों को विश्वसनीय, ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध पाठ्य सामग्री सुलभता से उपलब्ध कराने के तहत योजना, कुरुक्षेत्र, आजकल और बाल भारती के साथ ही साप्ताहिक रोजगार समाचार अब पाठकों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रकाशन विभाग की इस पहल का उद्देश्य देशभर के पाठकों को विश्वसनीय, ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध पाठ्य सामग्री सुलभता से उपलब्ध कराना है।
प्रकाशन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम में डिजिटल ज्ञान का दायरा विस्तारित करते हुए अपनी प्रमुख पत्रिकाओं योजना, कुरुक्षेत्र, आजकल और बाल भारती के साथ ही साप्ताहिक रोजगार समाचार प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म पर निशुल्क उपलब्ध कराया है। इससे विभाग की समृद्ध पाठ्य सामग्री देशभर में पाठकों तक पहुंच रही है।
प्रकाशन विभाग की इस पहल का उद्देश्य देशभर के पाठकों को विश्वसनीय, ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध पाठ्य सामग्री सुलभता से उपलब्ध कराना है। विभाग की मासिक पत्रिकाएं सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, ग्रामीण विकास, साहित्य और बाल शिक्षा के गहन विश्लेषण के लिए पाठकों में काफी लोकप्रिय हैं, जबकि एम्प्लॉयमेंट न्यूज़/रोजगार समाचार नौकरी के अवसरों, भर्ती सूचनाओं, करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास पर विश्वसनीय और समकालीन जानकारी प्रदान करता है और यह नौकरी के इच्छुक व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है।
इन पत्रिकाओं के अलावा, विभिन्न विषयों पर ई-पुस्तकों का व्यापक संग्रह भी वेव्स प्लेटफॉर्म पर नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है। इसमें प्रतिष्ठित इंडिया ईयरबुक/'भारत वर्षपुस्तिका' भी शामिल है, जो भारतीय शासन, अर्थव्यवस्था और विकास पहल की प्रमाणिक और विस्तृत विवरण देने वाली प्रमुख वार्षिक पत्रिका है। वेव्स प्लेटफॉर्म पर अभी पाठकों को 227 ई-पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध हैं।
प्रकाशन विभाग की योजना अपने डिजिटल सेवाओं को विस्तारित करते हुए अप्रैल के अंत तक वेव्स प्लेटफॉर्म पर लगभग 300 अतिरिक्त ई-पुस्तकें उपलब्ध कराने की है। ये प्रकाशन नाममात्र मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किफायती दर पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही विभाग का ज्ञान प्रसार को बढ़ावा देने का अभियान भी जारी रहे।
पाठकों की सुविधा और सुगमता के लिए, प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित मुद्रित पुस्तकें वेव्स प्लेटफॉर्म से भी खरीदी जा सकती हैं। यह सुविधा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स ढांचे के तहत कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ग्रामीण ई-स्टोर माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों सहित देश भर के पाठकों को पुस्तकों की भौतिक प्रतियां निर्बाध रूप से उपलब्ध होंगी। अभी, 524 मुद्रित पुस्तकें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
प्रकाशन विभाग की यह पहल पाठ्य सामग्री की पहुंच बढ़ाने और लोगों के डिजिटल सामग्री के प्रति रुझान के अनुरूप डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की प्रतिबद्धता रेखांकित करती है। पुस्तकों की निःशुल्क डिजिटल पहुंच, पाठकों को किफायती शुल्क पर सामग्री उपलब्ध कराने और पुस्तकों की भौतिक उपलब्धता एक साथ लाकर, विभाग का लक्ष्य व्यापक और समावेशी पठन पारितंत्र निर्मित करना है।
इस उद्देश्य से लोगों को वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पत्रिकाओं और ई-पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला का पता लगाने और इस पहल का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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