मन की बात की 137वीं कड़ी में प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक खास वेबसाइट का चर्चा किया जिसका नाम है www.bharatrajya.com. प्रधानमंत्री ने इस के अंतर्गत वेबसाइट को बनाने वाले श्रीमान कृष्णा शेषाद्री से वार्तालाप भी किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि "कुछ समय पहले social media पर किसी ने लिखा था “आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इतिहास को रोचक बनाने के अपने प्रयास का शुभारंभ कर रहा हूँ।” उन्होंने आगे बताया ये idea बहुत ही simple है। आप इस website पर जाएँ और कोई भी एक वर्ष चुन लें। यहाँ आपको आसानी से पता चलेगा कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था। मुझे भी यह काफी दिलचस्प लगा। मैंने सोचा कि इसके बारे में और अधिक जानकारी ली जाए। मुझे पता चला कि ये काम मुंबई में रहने वाले श्रीमान कृष्णा शेषाद्री जी ने किया है। मजे की बात ये है कि कृष्णा जी ने website का नाम भी बहुत simple रखा है www.bharatrajya.com उन्होंने जो प्रयास किया है, उसकी जानकारी आप लोगों तक भी जरूर पहुंचनी चाहिए। इसलिए, मैंने सोचा कि क्यों न सीधे श्री कृष्णा जी से ही बात की जाए।"
प्रधानमंत्री : कृष्णा जी नमस्ते।
कृष्णा शेषाद्री : नमस्ते sir नमस्ते।
प्रधानमंत्री : भाई, मुझे पता चला है, न आप tech की दुनिया से हो, न आप history teacher हो, फिर भी, आपने technology का प्रयोग करके history की site बना डाली। तो मुझे बहुत उत्सुकता है, ये सब कैसे हुआ?
कृष्णा शेषाद्री: धन्यवाद sir आपसे बात करके बहुत मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है तो sir मेरे बारे अगर मैं थोड़ा बताऊँ, तो sir मैं एक engineer था, फिर मैंने MBA किया, फिर मैं marketing field में चला गया लेकिन ये सब जब भी करता था तब भी मेरे को बचपन से इतिहास (History) में बहुत interest था। तो I always wanted to do something on History, how to make it interesting and मेरे को ये भी लगता था कि हम जैसे History सिखाते हैं उसमें हम बहुत improvement कर सकते हैं उसमें हम बहुत बदलाव लेकर आ सकते हैं History को एक कहानी बनाकर लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
प्रधानमंत्री : कृष्णा जी, भारतीय इतिहास का ऐसा कौन-सा पहलू है, जिसके बारे में आपको लगा कि इसकी जानकारी ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को होनी चाहिए ?
कृष्णा शेषाद्री: Sir, अगर हम भारतीय इतिहास जैसे हमारे स्कूलों या कॉलजों में सिखाया जाता है जैसा आप देखते हो वो एक कोई एक empire या कोई एक kingdom उसके दृष्टिकोण से, उसके नजरिए से सिखाया जाता है और वो empires को disproportionate attention भी मिलता है। इस चक्कर में बाकी के बहुत सारे जो हमारे साम्राज्य थे जो महान साम्राज्य थे जैसे cholas, pallavas, karkota dynasty था कश्मीर में Ahoms थे जिन्होंने कम से कम 600 साल असम में अपनी संस्कृति, अपनी values system को बरकरार रखा ये सबके बारे में हम नहीं जानते। तो मैंने सोचा कि कोई ऐसा कोई site बनाएं जो ऐसे महान साम्राज्य को भी लोगों से इनको introduce किया जाए।
प्रधानमंत्री : कृष्णा जी आप इतनी मेहनत करते हैं, मैं ऐसे ही आपको hypothetical सवाल पूछता हूँ। अगर आपको Indian History के किसी भी तीन लोगों से बातचीत का अवसर मिले, तो आप किनसे बात करना चाहेंगे और क्यों ?
कृष्णा शेषाद्री: हाँ सर, तो पहले मैं बात करूंगा, राजाराजा चोला या राजेन्द्र चोला सर जो चोला साम्राज्य के सबसे most powerful या सबसे important राजाओं में से थे, तो मैं उनसे ये जानना चाहूँगा कि पहले उनको ये vision कैसे आया जैसे उन्होंने बृहदेश्वर temple या गंगईकोंडा चोलपुरम जो बड़े बड़े मंदिर हैं, शिवजी के मंदिर हैं, वो execute करने के लिए वो vision कहाँ से आया वो planning कैसे की, उनको वो thought कैसे आया कि हम ऐसा कुछ बना के जाएं जो अगले हजार या दो हजार साल तक दूसरे लोगों को प्रेरित कर सके। तो वो मुझे उनसे जानना है। और दूसरी जो personality हैं ये actually मेरे हिसाब से Indian history में एक बहुत under rated personality है। सर उनका नाम है हेमू, तो हम उनके बारे में ज्यादा-से-ज्यादा Indian इतिहास में दो या तीन line पढ़ते हैं। हमको ये नहीं पता है कि वो जो हेमू जो थे वो एक common man थे, एक साधारण इंसान थे, वो एक व्यापारी थे, उधर से उन्होंने एक empire खड़ा किया और वो not only वो एक empire builder थे वो एक military thinker भी थे, military genius थे जिन्होंने अपने carrier में 23 लड़ाईयाँ लड़ीं उसमें से उन्होंने 22 लड़ाईयां जीतीं, तो उनका thought process कैसा था, और वो कैसे एक आम आदमी से इतने बड़े राजा बने, वो उनका वो journey मैं जानने की बहुत दिलचस्पी रखता हूँ सर। और तीसरी जो है ये this is a very interesting personality, she is a women sir, त्रिभुवन महादेवी, तो ये जो है एक ओडिसा में एक kingdom है जिसका नाम था भौमाकारा dynasty तो इनकी भी कहानी बहुत दिलचस्प है। उन्होंने जब 850 ईस्वी के आसपास जो साल में उनके जो neighbor पाला empire ने, इनके empire पर धावा बोल दिया था सर, और इनके राजा जो इनके husband थे वो उस लड़ाई में शहीद हो गए थे। और इसकी वजह से वो empire बहुत छोटा हो गया और उसके जो सरदार थे, उसके जो leaders थे वो empire छोड़कर जाने लग गए थे तो ये जो त्रिभुवन महादेवी जो lady थी इन्होंने वो सरकार संभाली and she became one of the first independent rulers in the history of India और उन्होंने सरकार को not only stabilize किया but इतना उसको powerful बना दिया कि वो अगले सौ साल तक कलिंगा और वो area में राज करते रहे। तो these are three interesting personalities whom I would like to meet in history sir.
प्रधानमंत्री : कृष्णा जी आपको अब लगता है कि इतिहास को जी रहे हैं। आप पूरी तरह इतिहास में डूब चुके हैं। देखिये मैंने भी बड़े उत्सुकता के साथ आपकी site देखी है और मुझे सबसे interesting ये लगा कि आपकी site पर एक ऐसा tab है, जहां लोग corrections और suggestions भी दे सकते हैं। ऐसे constructive feedback के लिए open रहना ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है। क्या आपको लोगों से सुझाव मिलना शुरू हुआ है क्या? और आप उन पर कैसे काम करते हैं ?
कृष्णा शेषाद्री: हाँ सर इन लोगों से बहुत सुझाव आते हैं सर। सुझाव दो प्रकार के आते हैं। एक सुझाव ऐसे आते हैं जो हमको correction suggest करते हैं – इस प्रदेश में, इस time में, इस राष्ट्र में ये राजा थे या इस time में ये युद्ध हुआ था तो ऐसे कुछ suggestion आते हैं। दूसरे suggestion आते हैं कि आप इस website में ये feature भी डाल सकते हैं या वो feature भी डाल सकते हो तो हमको दोनों प्रकार के suggestion आते हैं तो जैसे अगर हमको ऐसा एक suggestion आए कि इस प्रदेश में, इस राजा ने, इस time पे राज किया था तो हम वो suggestion को लेते हैं, तो हमारे जो sources हैं। जैसे हमको किसी ने suggestion में दिया था कि आपने India को तो दिखा दिया अगर प्रदेश के level पर भी दिखा सकते हैं तो और अच्छा होगा तो हमने वो feature implement किया और फिर हमने दूसरे feature आया था जिसमें हमने एक trump card जैसा बनाया था सारे empire के data statistics देके ताकि वो बच्चों तक पहुँच सके तो किसी ने एक suggestion दिया था कि उसको आप एक जगह पर लेकर आइए ताकि हम सब download करके हम सब share कर सके तो वो हम feature implement कर रहे हैं। तो हमे इतना जानना important है कि हम गलती करेंगे, हम क्योंकि हम सर्वश्रेष्ठ नहीं हैं और वो जानके ही हमने वो correction का tab लगाया ताकि ये हम सबकी site हो और आगे जाके सारे contributions के हिसाब से हम एक ऐसा site बनाए जो अगले कुछ साल तक इतिहास एक मजेदार subject बनाए।
प्रधानमंत्री : कृष्णा जी आपने सचमुच में एक बहुत बड़ा काम किया है। अच्छा History के अलावा आपकी कई सारी Hobbies होगी और भी बहुत कुछ करते होंगे आप ?
कृष्णा शेषाद्री: हाँ, नहीं sir हम थोड़े boring type आदमी हैं sir.
प्रधानमंत्री : हँसते हुए
कृष्णा शेषाद्री: हम technology में बहुत दिलचस्पी रखते हैं और इतिहास में रखते हैं और जब अब technology और इतिहास मिल गया इसी में हम डूबे रहते हैं पूरा दिन।
प्रधानमंत्री : चलिए कृष्णा जी आपको मेरी बहुत-बहुत शुभकामना है आपने एक अच्छी शुरुआत की है और आपका तरीका भी ऐसा है कि लोग जुड़ेंगे मुझे पूरा विश्वास है मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

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