Google 27th Birthday: जानें अबतक का सफर, जन्म, इतिहास, क्या होता डूडल


Google की स्थापना 1998 में हुई थी जिसका उद्देश्य दुनिया भर में जानकारी और नवीनतम अपडेट को लोगों तक पहुंचाना था, एक ऐसा मंच बनाना जो दुनिया भर के हर हिस्से के लोगों की उंगलियों और जापान पर रहा। और आज स्थापना के 27 वें वर्ष में ऐसा लगता है कि Google ने अधिकांश लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। जी हाँ, इसकी स्थापना लैरी पेज और सर्जी ब्रायन ने की थी, जो स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में मिले थे और उन्होंने वर्ल्ड वाइड वेब को और अधिक आसान बनाने के लिए एक दृष्टिकोण साझा किया था।

भले ही उनका लक्ष्य एक अनुसंधान और अनुसंधान के रूप में शुरुआत थी, लेकिन समय के साथ वह एक वैश्विक दिग्गज में बदल गए। 4 सितंबर 1998 को Google की शुरुआत हुई और 27 सितंबर 1998 को Google Inc. की आधिकारिक शुरुआत हुई। कंपनी का पहला 7 साल तक जन्मदिन 4 सितंबर को मनाया जाता था, जिसके बाद 27 सितंबर को जन्मदिन मनाया गया।

डूडल क्या हैं

27 वे जन्मदिवस के अवसर पर गूगल ने अपने पुराने डूडल को डिस्प्ले किया है जो इस बात का प्रतिक है की अपने पुराने डूडल को याद कर सम्मान प्रदान करें। 

गूगल डूडल, होमपेज पर दिखाई देने वाले मूल लोगो का एक अस्थायी कलात्मक संशोधन होता है। गूगल हमेशा किसी खास अवसर पर अपने डूडल  के माध्यम से सम्मान देने की कोशिश करता है जिसका मतलब साफ कि गूगल दुनिया के सभी लोगों के दिलों में उतर कर उनके साथ खुशियां शेयर करने का माध्यम तलाशता है.  त्योहारों, छुट्टियों, प्रसिद्ध हस्तियों या वर्षगाँठ जैसे सांस्कृतिक महत्व के आयोजनों का जश्न मनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

गूगल के अनुसार, पहला डूडल एक तरह के 'आउट ऑफ ऑफिस' संदेश के रूप में तब लॉन्च किया गया था जब संस्थापक लैरी और सर्गेई छुट्टी पर गए थे। पहला डूडल 1998 में लोगों को यह बताने के लिए प्रकाशित किया गया था कि वे छुट्टी पर जा रहे हैं। पहला अंतर्राष्ट्रीय डूडल 2000 में फ्रांस में बैस्टिल दिवस मनाने के लिए लॉन्च किया गया था।

Shardiya Navratri 2025 : जानें माँ दुर्गा के 9 रूपों का पूजन और अनुष्ठान, तिथि और भी बहुत कुछ

Navratri Know the 9 Manifestation of Goddess Dugra

Shardiya Navratri 2025इस साल शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2025) में विशेष संयोग है क्योंकि  इस वर्ष शरद नवरात्र 10 दिनों का होगा। खास बात कि  9 साल बाद बन रहा एक अद्भुत संयोग है. मान्यता है कि ऐसा संजोग अच्छा और आम लोगों के के लिए शुभ माना जाता है. इसके अतिरिक्त  इस साल मां दुर्गा का वाहन हाथी है. ऐसी मान्यता है कि हाथी पर मां दुर्गा का आना सुख-समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है, जो कि मंगलकारी होता है.नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और  माँ दुर्गा की पूजा के लिए कलश स्थापना कर पहला व्रत रखा जाता है. 

शारदीय नवरात्र  माँ दुर्गा 9  स्वरूपों होती है पूजा 

नवरात्रि का प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है जिनमे शामिल है- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री और प्रत्येक रूप एक अद्वितीय गुण का प्रतिनिधित्व करता है।

सामान्यता  दो नवरात्रि के प्रमुख अवसर होते हैं-चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र.  चैत्र नवरात्र मूल रूप से चैत्र के महीने में आते हैं, जो कि 12 हिंदी महीने का पहला महीना है। शरद नवरात्र आमतौर पर हिंदी महीने में अश्विन के महीने में पड़ता है। आम तौर पर माँ दुर्गा के 9 रूपों का पूजन किया जाता है जो हैं-शैलपुत्री या प्रतिपदा, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।

नवरात्र के अवसर पर हम नवदुर्गा या दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं। हालाँकि, पहले दिन हम देवी शैलपुत्री की पूजा करते हैं, जो देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों में सबसे पहले हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि नवरात्र के दौरान देवी दुर्गा के कुल नौ स्वरूपों की पूजा की गई है- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।

प्रथम शैलपुत्री

शैलपुत्री को पर्वत हिमालय की पुत्री माना जाता है जिसका उल्लेख पुराण में मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि शैपुत्री देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों में प्रथम है। देवी शैलपुत्री को प्रकृति माता का पूर्ण रूप माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शैलपुत्री का जन्म पर्वतों के राजा, हिमालय शैल के घर में हुआ था और इसलिए उन्हें "शैलपुत्री" के नाम से जाना जाता है।

द्वितीय ब्रह्मचारिणी 

ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा की दूसरी अभिव्यक्ति है जिसे हम नवरात्र के दूसरे दिन पूजा करते हैं। 

तृतीय चंद्रघंटा

देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप का नाम चंद्रघंटा है जो चंद्रमा की आकृति स्थापित करती हैं। वे चंद्रमा के रूप में एक विशेष आसन पर विराजमान हैं। वे चंद्रमा से प्रकाशित हैं और उनके मुख पर एक विशाल चंद्रमा की छवि है।

चंद्रघंटा माँ के चेहरे का दृश्य शांतिपूर्ण है, लेकिन उनका रूप भयंकर और महान है। वे अपने दोनों हाथों में वीणा धारण करती हैं और अपने मुख पर चंद्रमा के आकार की चंद्रकोटि धारण करती हैं।

चतुर्थ कुष्मांडा देवी

नवदुर्गा माता के चौथे स्वरूपों में से एक हैं। इस रूप में मां दुर्गा को जीवन की उत्पत्ति को बनाए रखने वाली देवी के रूप में दर्शाया गया है। मां कुष्मांडा का स्वरूप बहुत ही भयंकर और प्रभावशाली है। उनकी आंखों का रंग लाल है और उनके चेहरे पर एक उग्र मुस्कान है। उनके चेहरे का एक रूप उनकी आंतरिक शक्तियों को दर्शाता है। मां कुष्मांडा की चार भुजाएं हैं, जिसमें वह एक हाथ में छड़ी और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं। वह एक शूल और धारदार चाकू धारण करती हैं, जो उनकी उत्पत्ति का प्रतीक है। कुष्मांडा मां का वाहन शेर है, जो उनकी शक्ति और साहस का प्रतिनिधित्व करता है। कुष्मांडा मां की पूजा करने से भक्तों को उनके जीवन में आने वाली सभी समस्याओं और बाधाओं से मुक्ति मिलती है, और उन्हें एक सार्थक और समृद्ध जीवन मिलता है। उनकी पूजा से भक्तों को शक्ति और साहस का आशीर्वाद मिलता है।

पांचवीं मां स्कंदमाता

पांचवें स्वरूप में मां स्कंदमाता हैं, जो स्कंद (कार्तिकेय) की माता हैं। स्कंदमाता नवदुर्गा माता के पांचवें स्वरूप में से एक हैं। इस रूप में मां दुर्गा को स्कंद (कार्तिकेय) की माता के रूप में पूजा जाता है। स्कंदमाता का स्वरूप बहुत ही प्रसन्न और सुंदर है। वह अपनी गोद में एक बच्चे के साथ बैठती हैं, जो कार्तिकेय (स्कंद) का प्रतिनिधित्व करता है। उनकी लीलाएँ आध्यात्मिक और आनंदमय हैं, और उन्हें एक आकर्षक साध्वी के रूप में जाना जाता है। स्कंदमाता माँ की पूजा करने से भक्तों को अपने जीवन में संतान, सुख और समृद्धि की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। उनकी पूजा करने से माँ उनके परिवार की सुरक्षा का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

छठी कात्यायनी

छठा रूप है मां कात्यायनी, जो महिषासुर के वध के लिए उत्तर कुमार की पूजा करती हैं। देवी कात्यायनी का स्वरूप बहुत ही महान और उदार है। उसका चेहरा खुशी और सौम्यता का अवतार है, लेकिन उसकी निगाहें भयंकर और आज्ञाकारी हैं। कात्यायनी देवी के चार हाथ हैं, जिसमें एक हाथ में खड़ा त्रिशूल है और दूसरे हाथ में वीणा है। उनके दो हाथ और एक मुद्रा है जो उनकी शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। कात्यायनी देवी का वाहन शेर है, जो उनकी ताकत और बहादुरी का प्रतिनिधित्व करता है। देवी कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को अपने जीवन में स्थिरता, समृद्धि और सफलता प्राप्त करने का आशीर्वाद मिलता है। उनकी पूजा करने से माँ उनके सभी कार्यों में सफलता के लिए संयम और निर्णय प्रदान करती हैं।

सातवीं कालरात्रि

सातवां रूप है माँ कालरात्रि, जो कालरात्रि की उत्पत्ति को बनाए रखने वाली देवी हैं। देवी कालरात्रि का रूप अत्यंत उग्र और भयंकर है। वह काली के रूप में पूजनीय हैं, जिनका चेहरा उग्रता और आश्चर्य से भरा है। उनके चेहरे पर एक विशाल चाकू की मूर्ति है, और उनकी आँखों में आग की लपटें दिखाई देती हैं। देवी कालरात्रि के चार हाथ हैं, जिनमें से एक हाथ में खड़ा त्रिशूल और दूसरे हाथ में एक काला घड़ा है। अपने तीसरे हाथ में उन्होंने डमरू और चौथे हाथ में वरदान की मुद्रा धारण की है, जो उनकी शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। देवी कालरात्रि का वाहन एक भालू है, जो उनकी शक्ति और सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करता है। कालरात्रि मां की पूजा करने से भक्तों को अपने जीवन में शक्ति, साहस और निर्भयता प्राप्त करने का आशीर्वाद मिलता है। उनकी पूजा करने से, माँ उनके सभी भय और संकट को दूर करती हैं, और उन्हें सुरक्षा और सम्मान का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

आठवीं महागौरी 

मां महागौरी नवदुर्गा माता के आठवें स्वरूपों में से एक हैं। इस स्वरूप में मां दुर्गा की पूजा शुभ और पवित्र स्वरूप में की जाती है। इस स्वरूप में मां दुर्गा को उनकी विशेषता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। महागौरी देवी का स्वरूप भव्य और दिव्य है। उनका चेहरा ज्योतिर्मय है और वे अत्यंत पवित्र दिखाई देती हैं। वे सफेद वस्त्र पहनती हैं, जो उनकी पवित्रता और शुद्धता को दर्शाता है। महागौरी देवी के दो हाथ हैं, जिसमें एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में वरदान मुद्रा है। इनके चेहरे पर मुस्कान है, जो उनकी दयालुता और खुशी को दर्शाती है। महागौरी देवी का वाहन सिंह है, जो उनकी शक्ति और साहस को दर्शाता है। महागौरी मां की पूजा करने से भक्तों को अपने जीवन में शुभ और पवित्र गुणों की प्राप्ति होती है। इनकी पूजा करने से माता उनके सभी दुखों और बुराइयों को दूर करती हैं और उन्हें सुख-शांति का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

नौवीं सिद्धिदात्री

नौवां रूप है मां सिद्धिदात्री, जो सभी सिद्धियों की देवी हैं। वे अपने दोनों हाथों में वरदान और वाहन धारण करती हैं। ये नौ रूप देवी दुर्गा के अद्वितीय और प्रतिष्ठित रूप हैं, जिनकी पूजा नवरात्रि के नौ दिनों में की जाती है। सिद्धिदात्री देवी नवदुर्गा माता के नौवें और अंतिम रूपों में से एक हैं। इस रूप में, माँ दुर्गा को सर्वशक्तिमान सिद्धिदात्री के रूप में पूजा जाता है, जो अपने भक्तों को सिद्धियाँ (अच्छे परिणाम) प्रदान करती हैं।

Daily Current Affairs Complete GK Dose One Linear Sep 23, 2025

Daily Current Affairs Complete GK Dose One Linear Sep 23, 2025

Persons/Places in News: Sep 23, 2025

अभिनेता मोहनलाल 

  • अभिनेता मोहनलाल को मिला दादासाहेब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
  • मलयालम सिनेमा का प्रतिनिधित्व करते हैं.

कलमीकिया, रूस  

  • बुद्ध के पवित्र अवशेष पहली बार रूस के कलमीकिया गणराज्य में प्रदर्शित किए जाएँगे।
  • ये अवशेष 24 से 28 सितंबर, 2025 तक एलिस्टा में आयोजित होने वाले तीसरे अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मंच के दौरान स्थापित किए जाएँगे।

टोयोआके नगरपालिका, जापान

  • जापान के आइची प्रान्त की शहर टोयोआकेमें सभी निवासियों से स्मार्टफोन के उपयोग को सीमित करने के लिए कहा है। 
  • यह अध्यादेश मुख्यत शहर के निवासियों के स्वास्थ्य संबंधी उपायों को देखते हुए किया गया है। 

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, त्रिपुरा

  • प्रधानमंत्री मोदी ने पुनर्विकसित 524 साल पुराने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का उद्घाटन किया।
  • यह  त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर में स्थित है. 
  • 51 शक्तिपीठों में से एक, इस मंदिर का निर्माण तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद) योजना के तहत पूरा हुआ है।

वर्ल्ड फूड इंडिया, नई दिल्ली

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को नई दिल्ली में वर्ल्ड फूड इंडिया के चौथे संस्करण का उद्घाटन करेंगे.
  • इस बार न्यूजीलैंड और सऊदी अरब साझेदार देश होंगे.
  • जापान, रूस, यूएई और वियतनाम फोकस देश रहेंगे।

अर्शदीप सिंह 

  • अर्शदीप सिंह 100 टी20I विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज़ बन गए हैं।
  • अर्शदीप सिंह 2025 एशिया कप में ओमान के विनायक शुक्ला को आउट करके 100 टी20I विकेट तक पहुँचने वाले पहले भारतीय पुरुष गेंदबाज़ बन गए हैं।
  • वह 100 से ज़्यादा विकेट लेने वाले क्लब में शामिल होने वाले 25वें गेंदबाज़ बन गए।



जानें क्या होता है H-1B वीजा: किन देशों को मिलती है लाभ, आवेदन प्रक्रिया आदि

 


h1b visa meaning: H-1B वीज़ा वास्तव में अमेरिका (U.S.) का एक वर्क वीज़ा है जो वहाँ की कंपनियों को यह अनुमति देता है कि वे विदेशी (non-US) देशों के पेशेवर लोगों को अपने यहाँ विशेषज्ञता वाले काम (Specialty Occupation) के लिए नियुक्त कर सकें। दूसरे   शब्दों में  आप कह सकते  कि H-1B वीज़ा एक अमेरिकी जॉब पासपोर्ट है, जिसमें अच्छे अवसर और उच्च वेतन तो हैं, लेकिन साथ में प्रतियोगिता, अनिश्चितता और नियोक्ता पर निर्भरता का जोखिम भी है।

जानें किन देशों को किन क्षेत्रों में मिलती  है H-1B वीज़ा

H-1B वीज़ा उन नौकरियों के लिए होता है जिनमें टेक्निकल, आईटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल, रिसर्च, साइंस और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र शामिल होते हैं। आंकड़ों के अनुसार अमेरिका लगभग 70% से अधिक H-1B वीज़ा भारतीय IT और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को देता है जबकि हेल्थकेयर और टेक्निकल क्षेत्रों के लिए  फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, कनाडा को प्राप्त होता है इसके साथ ही रिसर्च, इंजीनियरिंग और साइंस क्षेत्रों में चीन को यह वीजा अमेरिका की और से दिया जाता है.  

trump h1b visa: H-1B वीज़ा का प्रयोग 

अपने ग्रोथ के लिए कम्पनियाँ इनोवेटिव माइंड को हायर करना चाहती है और जाहिर है की अमेरिकी कंपनियाँ भी विदेशी प्रोफेशनल्स को हायर करती हैं जब उन्हें skilled लोग अमेरिका में आसानी से नहीं मिलते।

इसका सबसे ज़्यादा उपयोग आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियाँ करती हैं। इसके अंतर्गत इस वीजा के तहत कर्मचारी अमेरिका में रहकर उस कंपनी के लिए काम करता है जिसने वीज़ा sponsor किया है।

H-1B वीज़ा के लाभ 

  • नौकरी का अवसर-khasभारत, चीन, फिलीपींस जैसे देशों के लाखों युवाओं को अमेरिका में काम का अवसर मिलता है।
  • नौकरी का अवसर-कई ऐसे देश हैं जिनमे रोजगार की कमी है और खासकर उन देशों में जहाँ बेरोजगारी एक प्रमुख समस्या है. रोजगार के सिमित संसाधन और बेरोजगारों की संख्या को देखते हुए भारत, चीन, फिलीपींस जैसे देशों के लाखों युवाओं को अमेरिका में काम का अवसर मिलता है।
  • अच्छा वेतन – कई सारे देशों में  काम की कमी के  अलावा अच्छे कंपनियों का आभाव होने के कारण अच्छा वेतन मिलना मुश्किल होता है. खासतौर पर जहाँ काम की कमी है वैसे में अच्छे वेतन की उम्मीद कैसे की जा सकती है.  जबकि अमेरिका में  भारत की तुलना में कई गुना ज़्यादा वेतन युवाओं को प्राप्त होता है।
  • ग्रीन कार्ड का रास्ता – H-1B को “dual intent” वीज़ा माना जाता है यानी अमेरिका में स्थायी निवास (Green Card) के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  • करियर ग्रोथ – युवाओं को अमेरिका में काम करने से ग्लोबल एक्सपीरियंस और exposure मिलता हैजिसका लाभ उनके  भविष्य के करियर ग्रोथ में मिलता है ।

हालांकि H-1B वीज़ा के कई फायदे हैं जिनका लाभ सम्बंधित देशों  के साथ उन अमेरिकन कंपनियों को भी प्राप्त होती है. इसके साथ ही  H-1B वीज़ा के कई जोखिम भी हैं जिसका ध्यान रखना जरुरी है. 

आवेदन करने की क्या है आवशयकताएँ?:

आवेदन करने के लिए आपके पास  जरुरी दस्तावेज और फॉर्मेलिटी पूरा करना होता है और इसके लिए यह जरुरी है कि आप इन आवश्यकताएं को पूरा करते हैं-

विशेषज्ञता वाला व्यवसाय: नौकरी के लिए विशिष्ट ज्ञान का सैद्धांतिक और व्यावहारिक अनुप्रयोग आवश्यक है, आमतौर पर इसके लिए कम से कम स्नातक की डिग्री आवश्यक है।

नियोक्ता प्रायोजन: एक अमेरिकी नियोक्ता को विदेशी कर्मचारी को प्रायोजित करना होगा और अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के पास एक याचिका दायर करनी होगी।

श्रम स्थिति आवेदन: नियोक्ता को श्रम विभाग के पास एक LCA दायर करना होगा, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि H-1B कर्मचारी को प्रचलित वेतन या समान अनुभव और योग्यता वाले अन्य कर्मचारियों को दिए जाने वाले वास्तविक वेतन का भुगतान किया जाएगा।

जानें क्या होता है आवेदन प्रक्रिया:

पंजीकरण: नियोक्ता मार्च में H-1B लॉटरी के लिए पंजीकरण करते हैं, और यदि पंजीकरणों की संख्या वार्षिक सीमा से अधिक हो जाती है, तो USCIS एक यादृच्छिक चयन प्रक्रिया आयोजित करता है।

याचिका दाखिल करना: चयनित नियोक्ता USCIS के पास फॉर्म I-129 दाखिल करते हैं, जिसमें पात्रता का प्रमाण दिया जाता है।

USCIS अनुमोदन: USCIS याचिका की समीक्षा करता है और इसे स्वीकृत या अस्वीकृत करने से पहले अतिरिक्त साक्ष्य का अनुरोध कर सकता है।

वीज़ा आवेदन: यदि स्वीकृति मिल जाती है, तो विदेशी कर्मचारी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास में एच-1बी वीज़ा के लिए आवेदन करता है।

Shardiya Navratri 2025: जानें माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा तिथि, महत्व और अन्य जानकारी

Navratri Manifestation  of 9 Goddess form of Dugra
Shardiya Navratri 2025: इस साल शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2025)  10 दिनों का होगा। खास बात कि 9 साल बाद बन रहा एक अद्भुत संयोग है. मान्यता है कि ऐसा संजोग अच्छा और आम लोगों के के लिए शुभ माना जाता है. इसके अतिरिक्त  इस साल मां दुर्गा का वाहन हाथी है. ऐसी मान्यता है कि हाथी पर मां दुर्गा का आना सुख-समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है, जो कि मंगलकारी होता है. शारदीय  नवरात्र का पावन अवसर है जब  देवी दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की पूजा कि जाती है जो आम तौर पर नवरात्र शैलपुत्री या प्रतिपदा, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री सहित नौ देवी की पूजा की  जाती है। 
यह एक नौ दिवसीय त्योहार है जो हिंदू धर्म में देवी दुर्गा की पूजा के लिए मनाया जाता है. नवरात्रि का पहला दिन प्रतिपदा और नौवां दिन दशमी के रूप में जाना जाता है. 

क्या होता है चैत्र और शारदीय नवरात्र दोनों मे विशेष अंतर?

चैत्र और शारदीय नवरात्रि दोनों ही  नवरात्रि का अलग-अलग रूप है जो हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार हैं। लेकिन इन दोनों में कुछ अंतर होते हैं। चैत्र नवरात्रि सामान्यत: हिंदू कैलेंडर के अनुसार हिन्दी के चैत्र मास में मनाई जाती है। वहीं शारदीय नवरात्रि सामान्यत: आश्विन मास के अश्विनी पक्ष में मनाया जाता है, जो सितंबर या अक्टूबर में होता है।

चैत्र नवरात्रि खासतौर पर ज्यादातर उत्तर भारतीय राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं शारदीय नवरात्री  उत्सव भारत भर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, खासकर पश्चिमी भारत में। नवरात्री के इन दिनों में, लोग धार्मिक परंपराओं, रस्मों, और उत्सवों में भाग लेते हैं, जिनमें दंगल, रास लीला, गरबा, दंडिया रास, और दुर्गा पूजन शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि शारदीय नवरात्री का त्योहार हिंदुओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है. नवरात्रि के दौरान, लोग देवी दुर्गा की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. वे देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री.

शैलपुत्री : 

पहला रूप शैलपुत्री है, जो शैल (पर्वत) की पुत्री कहलाती हैं। इस रूप में माता का ध्यान शुद्धता और त्याग में होता है। वह एक कमंडलु और लोटा धारण करती हैं। देवी शैल पुत्री देवी दुर्गा के नौ रूपों में से एक हैं जिन्हें भगवान शिव की पत्नी देवी पार्वती के रूप में जाना जाता है। शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना गया है जिसका उल्लेख पुराण में किया गया है। ऐसा कहा गया है कि देवी दुर्गा के सभी नौ स्वरूपों में शैपुत्री प्रथम हैं। जैसा कि हिंदू पौराणिक कथाओं में उल्लेख किया गया है, शैलपुत्री को सती का पुनर्जन्म माना जाता है और वह दक्ष शैलपुत्री की बेटी थीं।

ब्रह्मचारिणी:

दूसरे रूप में माता ब्रह्मचारिणी हैं, जो तपस्या, ध्यान, और संतान की कल्याण की प्रतीक्षा करती हैं। ब्रह्मचारिणी देवी का नाम नवदुर्गा माता के नौ रूपों में से एक है। इस रूप में माँ दुर्गा को तपस्या, ध्यान, और संतान की कल्याण की प्रतीक्षा का दर्शाया जाता है। 

चंद्रघंटा: 

तीसरे रूप में माता चंद्रघंटा हैं, जो चंद्र के आकार की स्थापना करती हैं और वे  चाँद से प्रकाशित होती हैं और उनके मुख पर एक विशालकाय चंद्रमा की प्रतिमा होती है। चंद्रघंटा माँ के चेहरे की दृष्टि शांतिप्रद होती है, लेकिन उनका रूप विक्रमी और महान होता है। वे अपने दो हाथों में वीणा धारण करती हैं और अपने चेहरे पर चंद्रमा के रूप का चंद्रकोटि धारण करती हैं। चंद्रघंटा माँ के चंद्रकोटि के बीच एक तिरंगा होता है, जो अभिनवता और शक्ति का प्रतीक होता है। 

कुष्माण्डा देवी:

नवदुर्गा माता के चौथे रूप में से एक हैं। इस रूप में माँ दुर्गा को जीवन की उत्पत्ति को बनाए रखने वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है। कुष्माण्डा माँ का स्वरूप बहुत ही भयंकर और प्रभावशाली होता है। उनकी आंखों का रंग लाल होता है और उनके मुख पर एक उग्र मुस्कान होती है। उनके मुख के एक स्वरूप में उनके आंतरिक शक्तियों को दर्शाता है। कुष्माण्डा माँ के चार हाथ होते हैं, जिनमें एक हाथ में छड़ी और दूसरे हाथ में कमंडलु होती है।

स्कंदमाता: 

पांचवे रूप में माता स्कंदमाता हैं, जो स्कंद (कार्तिकेय) की माँ हैं। स्कंदमाता, नवदुर्गा माता के पांचवे रूप में से एक हैं। इस रूप में माँ दुर्गा को स्कंद (कार्तिकेय) की माँ के रूप में पूजा जाता है। स्कंदमाता का स्वरूप अत्यंत प्रसन्न और सुंदर होता है। वह एक बालक को अपने गोद में ले कर बैठती हैं, जो कार्तिकेय (स्कंद) को प्रतिनिधित करता है। 

कात्यायनी: 

छठे रूप में माता कात्यायनी हैं, जो महिषासुर के वध के लिए उत्तर कुमार की पूजा करती हैं। कात्यायनी देवी का स्वरूप अत्यंत महान और उदार होता है।  कात्यायनी देवी का वाहन सिंह होता है, जो उनकी शक्ति और वीरता को प्रतिनिधित करता है। कात्यायनी माँ की पूजा से भक्त अपने जीवन में स्थिरता, समृद्धि, और सफलता की प्राप्ति के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उनकी पूजा से माँ उनके सभी कार्यों में सफलता के लिए संयम और निर्णय देती हैं। 

कालरात्रि: 

सातवें रूप में माता कालरात्रि हैं, जो कालरात्रि की उत्पत्ति को बनाए रखने वाली देवी हैं।कालरात्रि देवी का स्वरूप अत्यधिक उग्र और भयंकर होता है। वह काली के रूप में प्रतिष्ठित होती हैं, जिनका चेहरा उग्रता और अद्भुतता से भरा होता है। कालरात्रि देवी के चार हाथ होते हैं, जिनमें एक हाथ में खड़ा त्रिशूल होता है और दूसरे हाथ में काले रंग का घड़ा होता है। उनकी तीसरी हाथ में दमरू होता है, और चौथे हाथ में वरदान का मुद्रा होता है, जो उनकी शक्ति को प्रतिनिधित करते हैं। कालरात्रि देवी का वाहन भालू होता है, जो उनकी शक्ति और संरक्षण को प्रतिनिधित करता है। 

महागौरी देवी

 नवदुर्गा माता के आठवें रूप में से एक हैं। इस रूप में माँ दुर्गा को शुभ और पवित्र स्वरूप में पूजा जाता है। इस रूप में माँ दुर्गा को उनकी विशेषता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। महागौरी देवी का स्वरूप शानदार और दिव्य होता है। उनका चेहरा प्रकाशमय होता है और वे अत्यंत पवित्र दिखाई देती हैं। वे श्वेत वस्त्र पहनती हैं, जो उनकी निर्मलता और पवित्रता को दर्शाता है। महागौरी देवी के दो हाथ होते हैं, जिनमें एक हाथ में त्रिशूल होता है और दूसरे हाथ में वरदान का मुद्रा होता है। 

सिद्धिदात्री:

 नौवें रूप में माता सिद्धिदात्री हैं, जो सभी सिद्धियों की देवी हैं। वह अपने दोनों हाथों में वरदान और वाहन को धारण करती हैं। ये नौ रूप माता दुर्गा के अद्वितीय और प्रतिष्ठित रूप हैं, जो नवरात्रि के नौ दिनों में पूजे जाते हैं। सिद्धिदात्री देवी का स्वरूप अत्यधिक प्रसन्न और उदार होता है। उनका चेहरा प्रकाशमय होता है और उनकी आंखों में अनंत दया और स्नेह की भावना होती है। सिद्धिदात्री देवी के दो हाथ होते हैं, जिनमें एक हाथ में खड़ा त्रिशूल होता है और दूसरे हाथ में वरदान का मुद्रा होता है। उनके हाथों में उज्जवल और शुभता की भावना होती है। सिद्धिदात्री देवी का वाहन गदा होता है, जो उनकी सामर्थ्य और शक्ति को प्रतिनिधित करता है।

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अस्वीकरण: कृपया ध्यान दें कि लेख में उल्लिखित टिप्स/सुझाव केवल सामान्य जानकारी है जो विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आस्था पर आधारित हैं.ताकि आपको उस मुद्दे के बारे में अपडेट रखा जा सके जो कि आम लोगों से अपेक्षित है. आपसे निवेदन है कि कृपया इन सुझावो को  पेशेवर सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए तथा अगर आपके पास इन विषयों से सम्बंधित कोई विशिष्ट प्रश्न हैं तो हमेशा सम्बंधित एक्सपर्ट से अवश्य परामर्श करें।

Shardiya Navratri 2025 Date: जानें माँ दुर्गा के 9 रूपों के बारे में, महत्व और पूजन विधि

Navratri Maa Dugra ke 9 rup aur significance

Shardiya Navratri 2025 Date: इस साल शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2025) की शुरुआत 22 सितंबर से हो चुकी है. इस साल मां दुर्गा का वाहन हाथी है. ऐसी मान्यता है कि हाथी पर मां दुर्गा का आना सुख-समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है, जो कि मंगलकारी होता है.इसके अतिरिक्त, इस वर्ष अर्थात 2025 में नवरात्री में विशेष संयोग है क्योंकि  इस वर्ष शरद नवरात्र 10 दिनों का होगा। खास बात कि  9 साल बाद बन रहा एक अद्भुत संयोग है. मान्यता है कि ऐसा संजोग अच्छा और आम लोगों के के लिए शुभ माना जाता है. इसके अतिरिक्त  
  हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व होता है। साल भर में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का खास महत्व होता है जब हम माता दुर्गा के सभी रूपों का पूजन करते हैं। नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-आराधना करने का विधान होता है। 

शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में, देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. ये रूप हैं:
  1. शैलपुत्री
  2. ब्रह्मचारिणी
  3. चंद्रघंटा
  4. कुष्मांडा
  5. स्कंदमाता
  6. कात्यायनी
  7. कालरात्रि
  8. महागौरी
  9. सिद्धिदात्री

प्रथम दुर्गा मां शैलपुत्री 

  • नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री का पूजन किया जाता है।
  • ऐसी मान्यता है कि पर्वतराज हिमालय के घर देवी ने पुत्री के रूप में जन्म लिया और इसी कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। 
  • मां ब्रह्मचारिणी दाएं हाथ में माला और बाएं हाथ में कमण्डल लिए हुई हैं।
  • मां शैलपुत्री को प्रकृति का प्रतीक माना जाता है तथा भक्त यह मानते हैं कि माता शैलपुत्री जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सर्वोच्च शिखर प्रदान करती हैं। 
  • माता शैलपुत्री के दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल रहता है तथा इनका वाहन वृषभ (बैल) है।
  •  मां शैलपुत्री का पूजन घर के सभी सदस्य के रोगों को दूर करता है एवं घर से दरिद्रता को मिटा संपन्नता को लाता है। 

द्वितीय दुर्गा मां ब्रह्मचारिणी

  • नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा की जाती है.
  • ऐसी मान्यता है कि  शिवजी को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी और उन्हें ब्रह्म ज्ञान प्राप्त हुआ था, इसीलिए इनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। 
  •  मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में कमंडल और दूसरे हाथ में जप की माला रहती है। 
  •  देवी दुर्गा का यह स्वरूप हमें  संघर्ष से विचलित हुए बिना सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
  • कहा जाता है कि  मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने और उनका कृपा प्राप्त करने के लिए कमल और गुड़हल के पुष्प अर्पित करने चाहिए।

तृतीय दुर्गा चंद्रघण्टा

  • नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा का पूजन किया जाता है.
  • मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्ध चंद्रमा विराजमान है, जिस वजह से मां का नाम चंद्रघंटा पड़ा।
  • मां चंद्रघंटा के दस हाथ हैं जिनमें कमल का फूल, कमंडल, त्रिशूल, गदा, तलवार, धनुष और बाण है।
  • माता का एक हाथ जहाँ आशीर्वाद देने की मुद्रा में रहता है वही  दूसरा हाथ सदैव भक्तों के लिए अभय मुद्रा में रहता है, जबकि शेष बचा एक हाथ वे अपने हृदय पर रखती हैं।
  • मां चंद्रघंटा का वाहन बाघ है। 
  • ऐसी मान्यता है कि  माँ चंद्रघंटा की कृपा से भक्तों को सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा इनकी कृपा से भक्तों को अपने  मन को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।

चतुर्थ दुर्गा कूष्मांडा

  • देवी दुर्गा के चौथे स्वरुप के अंतर्गत माँ  कूष्मांडा की पूजा की जाती है 
  • ऐसी मान्यता है कि मां कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं और मां सिंह की सवारी करती हैं जिनमें से 7 भुजाओं में वे कमंडल, धनुष, बाण, कमल का फूल, अमृत कलश, चक्र और गदा धारण करती हैं.
  • माँ कूष्मांडा काआठवां हस्त सर्व सिद्धि और सर्व निधि प्रदान करने वाली जपमाला से सुशोभित रहती हैं। 

पंचम दुर्गा मां स्कंदमाता 

  • नवरात्रि के पांचवे दिन देवी स्कंदमाता का पूजन किया जाता है।
  •  ऐसी मान्यता है कि स्कंदमाता का वर्ण पूर्णत: श्वेत है
  •  मां की चार भुजाएं हैं और मां ने अपनी दाएं तरफ की ऊपर वाली भुजा से भगवान कार्तिकेय को पकड़ा हुआ है और ऊपर वाली बाई भुजा से आशीर्वाद देती हैं। 
  • मां  स्कंदमाता का वाहन सिंह हैऔर इस रूप को पद्मासना के नाम से भी जाना जाता है। 
  • ऐसा कहा जाता है कि मां स्कंदमाता वात्सल्य विग्रह होने के कारण इनकी हाथों में कोई शस्त्र नहीं होता। 
  • मां स्कंदमाता के स्वरुप के पूजन और प्रसन्नता से भक्तगण को ज्ञान की प्राप्ति होती है क्यंकि माँ स्कन्द माता को  को ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

षष्ठी दुर्गा मां कात्यायनी 

  • नवरात्री के छठे दिन मां कात्यायनी स्वरुप का पूजा किया जाता है. 
  • ऐसी मान्यता है कि ऋषि के गोत्र में जन्म लेने के कारण इन देवी का नाम कात्यायनी पड़ा।
  • मां का रंग स्वर्ण की भांति अन्यन्त चमकीला है और इनकी चार भुजाएं हैं। 
  • मां कात्यायनी देवी को अति गुप्त रहस्य एवं शुद्धता का प्रतीक माना जाता है. 
  • ऐसी मान्यता है कि मां कात्यायनी के पूजन से मनुष्य के आंतरिक सूक्ष्म जगत से नकारात्मकता होता है तथा वहां सकारात्मक  ऊर्जा प्राप्त होती है.  
  • देवी कात्यायनी का वाहन खूंखार सिंह है जिसकी मुद्रा तुरंत झपट पड़ने वाली होती है। 

सप्तम दुर्गा मां कालरात्रि 

  • देवी कालरात्रि की पूजा हम नवरात्रि के सातवें दिन करते हैं।
  • मां कालरात्रि के बारे में कहा जाता है कि इनकी पूजा मात्र से हीं मनुष्यों को भय से मुक्ति प्राप्त हो जाती है. 
  •  माता कालरात्रि तमाम आसुरिक शक्तियों का विनाश करने वाली हैं। 
  • मां के चार हाथ और तीन नेत्र हैं। 
  • मां  कालरात्रि की पूजन से अनिष्ट ग्रहों द्वारा उत्पन्न दुष्प्रभाव और बाधाएं भी नष्ट हो जाती हैं.
  • माता कालरात्रि का यह रूप उग्र एवं भयावह है जिनके बारे में मान्यता है की वह काल पर भी विजय प्राप्त करने वाली हैं। 
  • इनका वाहन गर्दभ (गधा) होता है। 

अष्टम दुर्गा मां महागौरी

  • नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी का पूजन किया जाता है.
  • ऐसी मान्यता है कि जब माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था. \
  • ऐसी मान्यता है कि प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अर्धांगिनी रूप में स्वीकार किया तथा भगवन की कृपा से पवित्र गंगा की जलधारा जब माता पर अर्पित की तो उनका रंग गौर हो गया। 
  • माता महागौरी का वाहन वृषभ है। 

नवम दुर्गा माँ सिद्धिदात्री

  • नवरात्रि के अंतिम दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा होती है.
  •  जैसा कि नाम से ही प्रतीत होती है, देवी का यह स्वरुप सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाली हैं.
  • सिद्धिदात्री माता के कारण ही अर्धनारीश्वर का जन्म हुआ है जिनका वाहन सिंह है। 
  • माँ सिद्धिदात्री के दाएं और के ऊपर वाले हाथ में गदा और नीचे वाले हाथ में चक्र रहता है.
  • नवमी के दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा के उपरांत कन्या पूजन करना चाहिए जिससे देवी सबसे अधिक प्रसन्न होती हैं.
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अस्वीकरण: कृपया ध्यान दें कि लेख में उल्लिखित टिप्स/सुझाव केवल सामान्य जानकारी है जो विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आस्था पर आधारित हैं.ताकि आपको उस मुद्दे के बारे में अपडेट रखा जा सके जो कि आम लोगों से अपेक्षित है. आपसे निवेदन है कि कृपया इन सुझावो को  पेशेवर सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए तथा अगर आपके पास इन विषयों से सम्बंधित कोई विशिष्ट प्रश्न हैं तो हमेशा सम्बंधित एक्सपर्ट से अवश्य परामर्श करें।

71st National Film Awards List: मोहनलाल को मिला Dadasaheb Phalke Award


मलयाली एक्टर मोहनलाल को फिल्म जगत में उनके योगदान के लिए हिंदी सिनेमा के सबसे गौरवपूर्ण दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शॉल पहनाई और गोल्डन लोटस अवॉर्ड दिया।

 भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड है। इसे वर्ष 1969 से दिया जा रहा है। यह अवॉर्ड भारतीय फिल्म जगत में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है।

दादा साहब फाल्के अवॉर्ड विजेताओं की सूची (1969-2025)

  • 1969 देविका रानी हिन्दी 
  • 1970 बिरेन्द्रनाथ सरकार बंगाली 
  • 1971 पृथ्वीराज कपूर हिन्दी 
  • 1972 पंकज मुल्लिक बंगाली / हिन्दी 
  • 1973 रूबी मायर्स (सुलोचाना) हिन्दी 
  • 1974 बोंममिरेड्डी नारसिंहा रेड्डी तेलुगू 
  • 1975 धिरेन्द्र नाथ गांगुली बंगाली 
  • 1976 कानन देवी बंगाली 
  • 1977 नितिन बोस बंगाली / हिन्दी 
  • 1978 रायचंद बोरेल बंगाली / हिन्दी 
  • 1979 सोहराब मोदी हिन्दी 
  • 1980 पैदी जैराज तेलुगू / हिन्दी 
  • 1981 नौशाद हिन्दी 
  • 1982 एल. वी. प्रसाद हिन्दी, तमिल, तेलुगू 
  • 1983 दुर्गा खोटे मराठी / हिन्दी 
  • 1984 सत्यजीत रे बंगाली 
  • 1985 वी. शांताराम हिन्दी / मराठी 
  • 1986 बी. नागी रेड्डी तेलुगू 
  • 1987 राज कपूर हिन्दी 
  • 1988 अशोक कुमार हिन्दी 
  • 1989 लाता मंगेशकर हिन्दी / मराठी 
  • 1990 अक्किेनेनी नागेश्वरा राव तेलुगू 
  • 1991 भलजी पेंडारकर मराठी 
  • 1992 भूपेन हजारिका असमिया 
  • 1993 मज़रूह सुल्तानपुरी हिन्दी 
  • 1994 दिलीप कुमार हिन्दी 
  • 1995 राजकुमार कन्नड़ 
  • 1996 शिवाजी गणेशन तमिल 
  • 1997 कवि प्रदीप हिन्दी 
  • 1998 बी. आर. चोपड़ा हिन्दी 
  • 1999 हृषिकेश मुखर्जी हिन्दी 
  • 2000 आषा भोसल हिन्दी / मराठी 
  • 2001 यश चोपड़ा हिन्दी 
  • 2002 देव आनंद हिन्दी 
  • 2003 मृणाल सेन हिन्दी / बंगाली 
  • 2004 आदूर गोपालकृष्णन मलयालम 
  • 2005 श्याम बेनेगल हिन्दी 
  • 2006 तपन सिन्हा हिन्दी / बंगाली 
  • 2007 मन्ना डे हिन्दी / बंगाली 
  • 2008 वी.के. मूरथी हिन्दी 
  • 2009 डी. रामानायडू तेलुगू 
  • 2010 के. बालाचंदर तमिल / तेलुगू 
  • 2011 सौमित्रा चॅत्तर्जी बंगाली 
  • 2012 प्राण हिन्दी 
  • 2013 गुलज़ार हिन्दी 
  • 2014 शशी कपूर हिन्दी 
  • 2015 मनोज़ कुमार हिन्दी 
  • 2016 कसिनाथुनि विश्वनाथ तेलुगू 
  • 2017 विनोद खन्ना हिन्दी 
  • 2018 अमिताभ बच्चन हिन्दी 
  • 2019 रजनीकांत तमिल 
  • 2020 आषा पारेख हिन्दी 
  • 2021 मोहन्लाल मलयालम 
  • 2022 आषा पारेख हिन्दी 
  • 2023 रेखा हिन्दी 
  • 2024 मिथुन चक्रवर्ती हिन्दी 
  • 2025 मोहन्लाल मलयालम 


Shardiya Navratri 2025: माँ अम्बे की आरती


Shardiya Navratri 2025: इस साल शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2025) की शुरुआत 22 सितंबर से हो चुकी है. इस वर्ष अर्थात 2025 का नवरात्री बहुत हीं खास है जी हां यह नवरात्रि विशेष संयोग लेकर आया है क्योंकि  इस वर्ष शरद नवरात्र 10 दिनों का होगा। खास बात कि  9 साल बाद बन रहा एक अद्भुत संयोग है. मान्यता है कि ऐसा संजोग अच्छा और आम लोगों के के लिए शुभ माना जाता है. इसके अतिरिक्त इस साल मां दुर्गा का वाहन हाथी है. 

ऐसी मान्यता है कि हाथी पर मां दुर्गा का आना सुख-समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है, जो कि मंगलकारी होता है. नवरात्र इस दौरान लोग मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं और कठिन व्रत का पालन करते हैं। भगवान की आरती  उतरना हम सभी बचपन मे हीं अपने घरों से सीखते हैं। शायद ही कोई ऐसा हिन्दू घर होगा जहां पूजा पाठ के दौरान बच्चा आरती से रु बरु नहीं होता है।

 आरती के दौरान हमेशा खड़ा हो जाना और अंत मे दीपक के लौ को अपने बाल पर लगाना और फिर भगवान का आशीर्वाद लेना हम अपने घरों से हीं सीखते हैं। आरती के दौरान भक्तगन आरती मे जलते दीपक की लौ को देवता के समस्त अंग-प्रत्यंग में बार-बार इस प्रकार घुमाया जाता है कि  हम सभी भक्तगण आरती के प्रकाश में भगवान के चमकते हुए आभूषण और अंगों का प्रत्‍यक्ष दर्शन कर सकें और संपूर्ण आनंद को प्राप्‍त कर सकें।

माँ अम्बे की आरती 

ॐ जय अम्बे गौरी…

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।

तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।

उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै ।

रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी ।

सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।

कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती ।

धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे ।

मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी ।

आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों ।

बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता,

भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


भुजा चार अति शोभित, खडग खप्पर धारी ।

मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।

श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


श्री अंबेजी की आरति, जो कोइ नर गावे ।

कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।

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अस्वीकरण: कृपया ध्यान दें कि लेख में उल्लिखित टिप्स/सुझाव केवल सामान्य जानकारी है जो विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आस्था पर आधारित हैं ताकि आपको उस मुद्दे के बारे में अपडेट रखा जा सके जो कि आम लोगों से अपेक्षित है. आपसे निवेदन है कि कृपया इन सुझावो को  पेशेवर सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए तथा अगर आपके पास इन विषयों से सम्बंधित कोई विशिष्ट प्रश्न हैं तो हमेशा सम्बंधित एक्सपर्ट से अवश्य परामर्श करें।

Address To Nation: जानें अब तक PM नरेंद्र मोदी ने कब और कितनी बार राष्ट्र को किया है सम्बोधन, देखें लिस्ट


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर, 2025 को राष्ट्र को संबोधित किया और नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव की पहली पूजा यानी नवरात्रि की शुरुआत के साथ जीएसटी सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री ने वर्तमान की आवश्यकता और भविष्य के सपनों के अनुरूप जीएसटी सुधारों, बचत उत्सव और स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार और खरीद पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा कि केवल पाँच से 18 प्रतिशत कर स्लैब देश के लोगों के हित में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री कई मौकों पर राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं और नोटबंदी, मिशन शक्ति, अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, लॉकडाउन की घोषणा, टीकाकरण अपडेट आदि सहित कई सुधारों/जानकारियों का खुलासा कर चुके हैं।

निःसंदेह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन एक महत्वपूर्ण घटना है जो न केवल भारत के लोगों का, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अब तक दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधनों के कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं-


  • नोटबंदी - 8 नवंबर, 2016
  • मिशन शक्ति - 27 मार्च, 2019
  • अनुच्छेद 370 का निरसन - अगस्त 2019
  • कोविड महामारी 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज - 12 मई, 2020-21
  • लॉकडाउन की घोषणा 30 जून, 2020
  • टीकाकरण अपडेट 07 जून, 2021
  • तीन कृषि कानूनों का निरसन - 19 नवंबर, 2021
  • ऑपरेशन सिंदूर, 12 मई, 2025
  • जीएसटी सुधार बचत उत्सव - 21 सितंबर, 2025

जानें क्या होता है एच-1बी, एच-1बी1 और ई-3 वीजा: किन देशों के लिए कौन सा वीजा है?



एच-1बी, एच-1बी1 और ई-3 वीजा वास्तव में अमेरिका (U.S.) का एक वर्क वीज़ा है जो वहाँ की कंपनियों को यह अनुमति देता है कि वे विदेशी (non-US) देशों के पेशेवर लोगों को अपने यहाँ विशेषज्ञता वाले काम (Specialty Occupation) के लिए नियुक्त कर सकें।  हालाँकि अलग-अलग देशों के लिए क्षेत्रों के अनुसार अमेरिका विभिन्न वीजा  को जारी करती हैऔर इस प्रकार से अलग अलग कैटगरी के अनुसार उन देश  के लोगों  सम्बंधित वीजा कैटगरी के लिए आवेदन करना होता है. 

एच-1बी

एच-1बी कार्यक्रम नियोक्ताओं को अमेरिका में गैर-आप्रवासी आधार पर विशिष्ट व्यवसायों में या विशिष्ट योग्यता और क्षमता वाले फैशन मॉडल के रूप में विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से नियुक्त करने की अनुमति देता है। किसी विशिष्ट व्यवसाय के लिए विशिष्ट ज्ञान के सैद्धांतिक और व्यावहारिक अनुप्रयोग और विशिष्ट विशेषज्ञता (जैसे, विज्ञान, चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जैव प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक विशेषज्ञता, आदि) में स्नातक की डिग्री या समकक्ष की आवश्यकता होती है।

वर्तमान कानून उन योग्य विदेशी कर्मचारियों की वार्षिक संख्या को सीमित करते हैं जिन्हें वीज़ा जारी किया जा सकता है या अन्यथा एच-1बी दर्जा प्रदान किया जा सकता है, जिसमें एच-1बी उन्नत डिग्री छूट के तहत अतिरिक्त 20,000 शामिल हैं। एच-1बी सीमा, सीमा योग्यता और एच-1बी याचिकाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की वेबसाइट देखें ।

 एच-1बी1

H-1B1 कार्यक्रम नियोक्ताओं को विशिष्ट व्यवसायों में गैर-आप्रवासी आधार पर चिली और सिंगापुर के विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में अस्थायी रूप से नियुक्त करने की अनुमति देता है। वर्तमान कानून H-1B1 वीज़ा जारी किए जा सकने वाले योग्य विदेशी कर्मचारियों की वार्षिक संख्या को 6,800 तक सीमित करते हैं, जिनमें से 1,400 चिली से और 5,400 सिंगापुर से हैं। H-1B1 सीमा, H-1B1 सीमा योग्यताओं और H-1B1 याचिकाओं के बारे में जानकारी के लिए, USCIS वेबसाइट या चिली और/या सिंगापुर के लिए विदेश विभाग की वेबसाइट के कांसुलर अनुभाग देखें।

ई-3

ई-3 कार्यक्रम नियोक्ताओं को विशिष्ट व्यवसायों में गैर-आप्रवासी आधार पर ऑस्ट्रेलिया के विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में अस्थायी रूप से नियुक्त करने की अनुमति देता है। वर्तमान कानून विशिष्ट व्यवसायों में अस्थायी कार्य चाहने वाले योग्य विदेशी कर्मचारियों की वार्षिक संख्या को 10,500 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों तक सीमित करता है जिन्हें ई-3 वीज़ा जारी किया जा सकता है। ई-3 सीमा, ई-3 सीमा योग्यता और ई-3 याचिकाओं के बारे में जानकारी के लिए, यूएससीआईएस वेबसाइट या ऑस्ट्रेलिया के विदेश विभाग की वेबसाइट के कांसुलर अनुभाग देखें।

चॉकलेट आइसक्रीम रेसिपी: यूं बनाएं घर पर चॉकलेट आइसक्रीम, स्वादिष्ट और आसान भी

How to make chocolate ice cream at home

गर्मी के मौसम का आरंभ होने के साथ ही हमें आइसक्रीम की जरूरत शुरू हो जाती है।  यह एक मज़ेदार और स्वादिष्ट आइसक्रीम अगर घर पर तैयार हो जाए तो फिर क्या कहना क्योंकि आखिर  और घर पर बनी आइसक्रीम से बढ़कर कुछ नहीं है! तो आइए आपको हम सबसे बेहतरीन घर पर बनी चॉकलेट आइसक्रीम बनाने की अपनी रेसिपी शेयर रहा हूँ जो बनाने मे आसान और स्वादिष्ट चॉकलेट से तैयार आइसक्रीम रेसिपी है जिसे  आप घर पर बिना अंडा और बिना आइसक्रीम मेकर के बना सकते हैं-

सामग्री:

  • 2 कप हैवी व्हिपिंग क्रीम (ठंडी)
  • 1 कप कन्डेन्स्ड मिल्क (मीठा दूध)
  • ½ कप कोको पाउडर (unsweetened)
  • ½ कप डार्क चॉकलेट (पिघली हुई)
  • 1 टीस्पून वनीला एक्सट्रैक्ट
  • चॉकलेट चिप्स या ग्रेटेड चॉकलेट (सजाने के लिए – वैकल्पिक)

बनाने की विधि:

इस होममेड चॉकलेट आइसक्रीम रेसिपी को बनाने के लिए कई सारे स्टेप्स शामिल हैं जैसे कुछ देर तक ठंडा करना और साथ मे मिक्स्चर को जमाना भी - लेकिन सबसे अच्छी चॉकलेट आइसक्रीम बनाने में लगने वाला समय से ज्यादा आवश्यक है रेसीपी अच्छा बनना। 

 कोको मिक्स तैयार करें:

एक बाउल में कन्डेन्स्ड मिल्क, कोको पाउडर, वनीला एक्सट्रैक्ट और पिघली हुई डार्क चॉकलेट को अच्छी तरह मिलाएं। एक स्मूद और गाढ़ा मिक्सचर बनाना है।

व्हिपिंग क्रीम फेंटें:

आप जो भी प्रतिशत चाहें, इस्तेमाल करें - बस इतना जान लें कि मिल्क चॉकलेट से आइसक्रीम ज़्यादा मीठी बनेगी और चॉकलेट जितनी डार्क होगी, चॉकलेट का स्वाद उतना ही ज़्यादा तीखा होगा। एक अलग बाउल में हैवी क्रीम को इलेक्ट्रिक बीटर से तब तक फेंटें जब तक सॉफ्ट पीक्स न बन जाएं।

मिक्सिंग:

अब धीरे-धीरे कोको मिक्स को व्हिप्ड क्रीम में मिलाएं। हल्के हाथ से फोल्ड करें ताकि हवा बनी रहे और आइसक्रीम स्मूद बने।

सबसे पहले, एक कटोरे में कंडेंस्ड मिल्क, कोको पाउडर, पिघली हुई चॉकलेट और वेनिला एक्सट्रेक्ट को एक साथ फेंटें जब तक कि यह चिकना न हो जाए।"

एक अलग कटोरे में, ठंडी हैवी क्रीम को तब तक फेंटें जब तक कि उसमें सख्त चोटियाँ न बन जाएँ। इससे आइसक्रीम हल्की और हवादार बनती है।

अब व्हीप्ड क्रीम को चॉकलेट मिश्रण में धीरे से मिलाएँ। मिश्रण को फूला हुआ रखने के लिए इसे धीरे-धीरे करें।

मिश्रण को एक कंटेनर में डालें, ऊपर से चिकना करें और इसे ढक्कन या प्लास्टिक रैप से ढक दें। बेहतरीन नतीजों के लिए कम से कम 6-8 घंटे या रात भर के लिए फ़्रीज़ करें।

उस मलाईदार बनावट को देखें! इसके ऊपर कुछ चॉकलेट चिप्स या शेविंग्स डालें और अपने घर के बने खाने का आनंद लें।

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हैदराबादी चिकन मसाला

चॉकलेट आइसक्रीम    

वेज मोमोज़ रेसिपी 

सुनहरी चिकन बॉल्स  

दैनिक करेंट अफेयर्स: कम्प्लीट जेनरल नॉलेज डोज़ सितंबर 13, 2025

 

' मैत्री-2025’ 

  • भारत और थाईलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त सैन्य अभ्यास
  •  मेघालय के उमरोई विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया जा रहा है।
  •  ‘मैत्री’ श्रृंखला का यह 14वां संस्करण है.
  • यह अभ्यास पहली बार 2006 में शुरू हुआ था ।
  •  भारत और थाईलैंड में बारी-बारी से आयोजित होता रहा है।

वर्ल्ड फ़ूड इंडिया (WFI)/विश्व खाद्य भारत 2025

  • वर्ल्ड फ़ूड इंडिया (WFI) 2025 के चौथे संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 25 सितंबर 2025 को  नई दिल्ली में करेंगे.
  • भागीदार देश -न्यूजीलैंड और सऊदी अरब 
  • फोकस देश -जापान, यूएई, वियतनाम और रूस 

कामचटका, रूस

  • रूस के कामचटका क्षेत्र के पूर्वी तट के पास  7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप आया। 
  • भूकंप रूसी शहर पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से 111 किलोमीटर (69 मील) पूर्व में कामचटका क्षेत्र के प्रशासनिक केंद्र में, 39.5 किलोमीटर की गहराई पर आया।

सुशीला कार्की, नेपाल 

  • नेपाल में ‘जेन-जी’ विरोध के कारण हुए तख्तापलट के बाद सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री बनाया गया है।
  • श्रीमती सुशीला कार्की के नेतृत्व में नई अंतरिम सरकार के गठन. 
  •  सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं।

मिजोरम, पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा 

  •  मिजोरम के लिए एक ऐतिहासिक दिन  क्योंकि यह भारत के रेलवे मानचित्र में शामिल हो गया है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे परियोजना और तीन नई ट्रेनों का  उद्घाटन किया।

बैराबी-सैरांग रेलवे परियोजना

  •  पहली बार मिजोरम का सैरांग राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधे जुड़ेगा। 
  •  45 सुरंगें हैं  इसमें 55 बड़े पुल और 88 छोटे पुल भी शामिल हैं।

‘ज्ञान भारतम्’, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

  • भारत की ज्ञान विरासत पर ‘ज्ञान भारतम्’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ नई दिल्ली में किया गया।
  •  इस सम्मेलन का विषय  ‘पांडुलिपि की विरासत के माध्यम से भारत की ज्ञान परंपरा को पुनः प्राप्त करना  है। 
  • भारत, दस मिलियन से अधिक पांडुलिपियों के साथ, शायद शास्त्रीय और स्थानीय परंपराओं का सबसे समृद्ध भंडार रखता है। 
  • ये ग्रंथ साहित्य, विज्ञान, गणित, दर्शन और कला को गहन अंतःविषय तरीकों से समाहित करते हैं।

गोवा, 10वें आयुर्वेद दिवस की मेजबानी

  • 10वां आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर 2025 को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), गोवा में मनाया जाएगा
  • 2025 की थीम - "जन और पृथ्वी के लिए आयुर्वेद"
  • अब प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

पर्पल फेस्ट 2025

  • पर्पल फेस्ट 2025 एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा में 11 सितंबर 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

गूगल जेमिनी का 'नैनो बनाना': इन स्टेप्स से बनाएं अपना पसंदीदा फोटो और शेयर करें


अगर आप वीडियो क्रिएटर या सेशल साइट इन्फ्लूएंसर हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. जी हां, 
गूगल जेमिनी के अंदर इंट्रोड्यूस किये गया  नैनो बनाना' ने क्रन्तिकारी स्टेप्स आपके सामने लाये हैं जो आपके कामों को जल्दी के साथ हीं और भी प्रोफेशनल तरीके से करने में सहायक होगा. इस एप्प ने फोटो डिज़ाइन और पसंदीदा फोटो एडिटिंग के साथ हीं यूटूबर और कंटेंट क्रिएटर के लिए काफी आसान काम कर दिया है. 

Google DeepMind का नवीनतम संपादन मॉडल, जिसे "नैनो बनाना" कहा जाता है, अब जेमिनी ऐप के अंदर लाइव है. यूजर इस एप्प के माध्यम से दोस्तों को फोटोग्राफिक आकर्षण और अन्य समबधित जरूरतों के लिए लैटेस्ट एप्प है जो आपको हर प्रकार के आवश्यकताओं पर आपको  नियंत्रण प्रदान करता है। पोर्टफोलियो को 3डी एसोसिएट में शामिल करके लेकर घर को डेस्टिनेशन विला में से फिर से डिजाइन करने तक, नया जेमिनी स्टूडियो बना सकते हैं और आप अपनी वीडियो या अन्य जरूरतों के लिए उसे डिज़ाइन कर सकते हैं. 

 जेमिनी आर्किटेक्चर फोटो प्रॉम्प्ट के साथ प्रयोग करने की सुविधा देता है, और परिणाम "जेमिनी ट्रेंडिंग फोटो प्रॉम्प्ट" चुनौती के रूप में चर्चा प्राप्त कर रहे हैं।

गूगल जेमिनी का 'नैनो बनाना' से कैसे बनाएं पसंदीदा इमेज?

वायरल जेमिनी "रेट्रो" इमेज कैसे बनाई जाएआप यहाँ पर जान सकते हैं और निम्न स्टेप्स को फॉलो कर बना सकते हैं पसंदीदा फोटो-

स्टेप्स 1 - जैमिनी को ओपन करें-अपने मोबाइल पर जेमिनी ऐप लॉन्च करें या इसे अपने लैपटॉप/डेस्कटॉप पर खोलें।

स्टेप्स  2 - अपनी पसंद की इमेज तैयार करें-अपनी गैलरी से वह फ़ोटो चुनें जिसे आप मॉडिफाई करन चाहते हैं।

स्टेप्स  3 - पेस्ट करने के लिए संकेत चिह्न-

जेमिनी रोल लुक के लिए अपने प्रांप्ट लिखें जो आप उस फोटो में परिवर्तित रूप देखने चाहते हैं. 

स्टेप्स  4 - चित्र संलग्न करें-आपके द्वारा खींची गई स्थिति को जेमिनी में शामिल करने के लिए मॉडल का संपादन समय-समय पर उनके संदर्भ के लिए किया जाता है।

चरण 5 - जेमिनी कोट का उपयोग करें-जेमिनी को चित्र + सबमिट करने का संकेत और मॉडल द्वारा नई तस्वीरें लेने और बनाने के लिए कुछ सेकंड प्रतीक्षा करें।

चरण 6 - समीक्षा करें और डाउनलोड करें-जेमिनी के पूरे पर, तैयार की गई तस्वीर देखें। अगर आपको यह पसंद आया, तो इसे अपना ऑनलाइन डाउनलोड करें।

चरण 7 - साझा करें-क्रिएटर सुझाव देते हैं कि ट्रेंड को पोस्ट करें और टैग करें ताकि दूसरे लोग इसे आसानी से देख सकें।