Daily Current Affairs Quiz Nov 24, 2025: Complete GK Dose

 



सामान्य ज्ञान या कर्रेंट अफेयर्स किसी भी कॉम्पिटिशन एग्जाम की महत्वपूर्ण कॉम्पोनेंट होती है। हमारे आस-पास घटना वाली यह घटनााओं का किसी भी क्षेत्र से हो सकता हैं जैसे-जेनरल साइंस, इतिहास, राजनीति, खेल, इतिहास, कला, एस्ट्रोलॉजी, अध्यात्म, धर्म, साहित्य, सामान्य विज्ञान, भूगोल, चिकित्सा, बायोलॉजी, खेल, फिल्म, फैशन, वित्त, टेक्नोलॉजी आदि वह विषय है जिन पर हमारी नजर का होना जरुरी है क्योंकि विषयों से सम्बंधित जानकारी की अपेक्षा हर बुद्धिमान व्यक्ति से किया जाता है. प्रस्तुत हैं नवम्बर  24 को घटित सामान्य ज्ञान की एक झलक-

न्यायमूर्ति सूर्यकांत: सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
  • राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में आज  अर्थात 24 नवंबर, 2025 को न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने राष्ट्रपति के समक्ष भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
  • न्यायमूर्ति सूर्यकान्त का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हिसार (हरियाणा) में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। 
पहले दृष्टिबाधित महिला टी20 विश्व कप भारत ने जीता
  •  पूरे विश्व कप की खास विशेषता यह रही कि भारतीय टीम पूरी सीरीज़ में अजेय रही। 
वरिष्ठ अभिनेता धर्मेंद्र का निधन 
  • धर्मेंद्र जिन्हें बॉलीवुड के हीमेन के नाम से जाना जाता है, उनका जन्म 8 दिसंबर 1935 को लुधियाना में हुआ था।
  • धर्मेंद्र ने 2004 से 2009 तक राजस्थान के बीकानेर का प्रतिनिधित्व संसदीय क्षेत्र का किया था। 
  •  1997 का फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
  • 1990 में बनी फिल्‍म घायल के लिए सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ।
  • 2007 में अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी से लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
  • 2005 में ज़ी सिने अवार्ड्स से भी सम्‍मानित किया गया था।
Places in News:  IIT Bombay 
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के अन्‍तर्गत 720 करोड़ रुपये की लागत वाले फैब्रिकेशन और केंद्रीय सुविधाओं का लोकार्पण किया। 

Places in News कुरुक्षेत्र में 10वें अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 

History Quiz in MCQs with Answers: Boost Your GK-जानें भारत के बारे में यूनिक जानकारी

 


अगर आप विभिन्न कॉम्पटीटिव एग्जाम जैसे रेलवे, SSC, State PSC, बैंकिंग,UPSC के लिए आवेदन किया है तो आपके लिए हम लाएं है इतिहास के लिय प्रश्नों का कलेक्शन.ए वैसे कलेक्शन हैं जो विभिन्न कॉम्पटीटिव एग्जाम में पूछे गए हैं. 




भारत का राष्ट्रीय ध्वज किसने डिजाइन किया था?

a) रवीन्द्रनाथ टैगोर

b) पिंगली वेंकैया

c) बाल गंगाधर तिलक

d) लाला लाजपत राय

उत्तर: b) पिंगली वेंकैया

भारत का स्वतंत्रता दिवस किस दिन मनाया जाता है?

a) 26 जनवरी

b) 2 अक्टूबर

c) 15 अगस्त

d) 14 नवंबर

उत्तर: c) 15 अगस्त

 भारत को स्वतंत्रता किस वर्ष मिली थी?

a) 1945

b) 1947

c) 1950

d) 1952

उत्तर: b) 1947

‘वंदे मातरम्’ गीत किसकी रचना है?

a) रवीन्द्रनाथ टैगोर

b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

c) महात्मा गांधी

d) पिंगली वेंकैया

उत्तर: b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

स्वतंत्र भारत में पहली डाक सेवा की शुरुआत कब हुई?

a) 1947

b) 1948

c) 1950

d) 1952

उत्तर: a) 1947

भारतीय ध्वज में हरे रंग का क्या अर्थ है?

a) साहस

b) शांति

c) विकास और उर्वरता

d) न्याय

उत्तर: c) विकास और उर्वरता

स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले पर भाषण देने वाले प्रधानमंत्री कौन थे?

a) पंडित नेहरू

b) लाल बहादुर शास्त्री

c) इंदिरा गांधी

d) मोरारजी देसाई

उत्तर: a) पंडित नेहरू

 किस देश ने 15 अगस्त 1947 को भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त की?

a) श्रीलंका

b) पाकिस्तान

c) बांग्लादेश

d) म्यांमार

उत्तर: b) पाकिस्तान

स्वतंत्रता दिवस पर कौन सा राष्ट्रीय प्रतीक फहराया जाता है?

a) अशोक स्तंभ

b) राष्ट्रीय ध्वज

c) राष्ट्रीय पक्षी

d) राष्ट्रीय चिन्ह

उत्तर: b) राष्ट्रीय ध्वज

15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन बने?

a) महात्मा गांधी

b) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

c) जवाहरलाल नेहरू

d) सरदार पटेल

उत्तर: c) जवाहरलाल नेहरू

 भारत का राष्ट्रीय ध्वज किसने डिजाइन किया था?

a) रवीन्द्रनाथ टैगोर

b) पिंगली वेंकैया

c) बाल गंगाधर तिलक

d) लाला लाजपत राय

उत्तर: b) पिंगली वेंकैया

 ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ कब शुरू हुआ था?

a) 1940

b) 1941

c) 1942

d) 1943

उत्तर: c) 1942

भारतीय राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के रचयिता कौन हैं?

a) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

b) रवीन्द्रनाथ टैगोर

c) पंडित नेहरू

d) महात्मा गांधी

उत्तर: b) रवीन्द्रनाथ टैगोर

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कहाँ से भाषण देते हैं?

a) संसद भवन

b) इंडिया गेट

c) लाल किला

d) राष्ट्रपति भवन

उत्तर: c) लाल किला

15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन बने?

a) महात्मा गांधी

b) जवाहरलाल नेहरू

c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

d) सरदार पटेल

उत्तर: b) जवाहरलाल नेहरू

भारतीय राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के रचयिता कौन हैं?

a) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

b) रवीन्द्रनाथ टैगोर

c) पंडित नेहरू

d) महात्मा गांधी

उत्तर: b) रवीन्द्रनाथ टैगोर

‘भारत छोड़ो आंदोलन’ कब शुरू हुआ था?

a) 1940

b) 1941

c) 1942

d) 1943

उत्तर: c) 1942

स्वतंत्र भारत में पहले राष्ट्रपति के रूप में किसने शपथ ली?

a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

b) पंडित नेहरू

c) सी. राजगोपालाचारी

d) मौलाना आज़ाद

उत्तर: a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

स्वतंत्रता के समय भारत का राष्ट्रगान आधिकारिक रूप से कब अपनाया गया?

a) 15 अगस्त 1947

b) 26 जनवरी 1950

c) 24 जनवरी 1950

d) 2 अक्टूबर 1947

उत्तर: c) 24 जनवरी 1950

15 अगस्त 1947 को भारत का पहला डाक टिकट किस विषय पर था?

a) राष्ट्रीय ध्वज

b) अशोक स्तंभ

c) महात्मा गांधी

d) इंडिया पोस्ट

उत्तर: a) राष्ट्रीय ध्वज


15 अगस्त 1947 को पहली बार राष्ट्रीय ध्वज किसने फहराया था?

a) महात्मा गांधी

b) पंडित नेहरू

c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

d) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

उत्तर: b) पंडित नेहरू

स्वतंत्रता के समय भारत का विभाजन किस अधिनियम के तहत हुआ था?

a) भारत शासन अधिनियम 1935

b) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947

c) भारतीय परिषद अधिनियम 1909

d) मॉण्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार 1919

उत्तर: b) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947

स्वतंत्र भारत के पहले रक्षा मंत्री कौन थे?

a) बलदेव सिंह

b) सरदार पटेल

c) बी. आर. अंबेडकर

d) मौलाना आज़ाद

उत्तर: a) बलदेव सिंह

15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री का पहला भाषण किस नाम से प्रसिद्ध है?

a) “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी”

b) “भारत के नाम संदेश”

c) “सपनों का भारत”

d) “आजादी का संकल्प”

उत्तर: a) “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी”

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री कहाँ से भाषण देते हैं?

a) संसद भवन

b) इंडिया गेट

c) लाल किला

d) राष्ट्रपति भवन

उत्तर: c) लाल किला

‘वंदे मातरम्’ गीत किसकी रचना है?

a) रवीन्द्रनाथ टैगोर

b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

c) महात्मा गांधी

d) पिंगली वेंकैया

उत्तर: b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

किस देश ने 15 अगस्त 1947 को भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त की?

a) श्रीलंका

b) पाकिस्तान

c) बांग्लादेश

d) म्यांमार

उत्तर: b) पाकिस्तान

राष्ट्रीय ध्वज में सफेद रंग का क्या अर्थ है?

a) शांति और सत्य

b) साहस और बलिदान

c) समृद्धि और विकास

d) दृढ़ संकल्प

उत्तर: a) शांति और सत्य

स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल कौन थे?

a) लॉर्ड माउंटबैटन

b) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

c) सी. राजगोपालाचारी

d) सरदार पटेल

उत्तर: a) लॉर्ड माउंटबैटन

‘पूर्ण स्वराज’ का प्रस्ताव कब पारित हुआ था?

a) 1928

b) 1929

c) 1930

d) 1931

उत्तर: b) 1929

‘करो या मरो’ का नारा किस आंदोलन में दिया गया था?

a) असहयोग आंदोलन

b) स्वदेशी आंदोलन

c) भारत छोड़ो आंदोलन

d) नमक सत्याग्रह

उत्तर: c) भारत छोड़ो आंदोलन

15 अगस्त 1947 को राष्ट्रीय ध्वज पहली बार कहाँ फहराया गया था?

a) संसद भवन

b) लाल किला

c) किंग्सवे कैंप, दिल्ली

d) राष्ट्रपति भवन

उत्तर: b) लाल किला

स्वतंत्रता दिवस का पहला मुख्य समारोह किसने आयोजित किया था?

a) राष्ट्रपति

b) प्रधानमंत्री

c) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

d) संविधान सभा

उत्तर: b) प्रधानमंत्री

अशोक चक्र में कितनी तीलियां होती हैं?

a) 22

b) 24

c) 26

d) 28

उत्तर: b) 24

भारत के अंतिम वायसराय कौन थे?

a) लॉर्ड वेवेल

b) लॉर्ड माउंटबैटन

c) सी. राजगोपालाचारी

d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

उत्तर: b) लॉर्ड माउंटबैटन

भारत की स्वतंत्रता के समय इंग्लैंड का प्रधानमंत्री कौन था?

a) विंस्टन चर्चिल

b) क्लेमेंट एटली

c) नेविल चेम्बरलिन

d) हेरॉल्ड मैकमिलन

उत्तर: b) क्लेमेंट एटली

स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति का मुख्य कार्य क्या होता है?

a) ध्वजारोहण

b) राष्ट्र को संबोधित करना

c) भाषण देना

d) परेड निरीक्षण

उत्तर: b) राष्ट्र को संबोधित करना

स्वतंत्रता दिवस 2025 कौन सा होगा?

a) 77वां

b) 78वां

c) 79वां

d) 80वां

उत्तर: b) 78वां

15 अगस्त 1947 को भारत का पहला ध्वजारोहण किस समय हुआ था?

a) 12:00 मध्य रात्रि

b) सुबह 8:00 बजे

c) सुबह 9:00 बजे

d) 12:00 दोपहर

उत्तर: a) 12:00 मध्य रात्रि

स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल कौन बने?

a) सी. राजगोपालाचारी

b) लॉर्ड माउंटबैटन

c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

d) पंडित नेहरू

उत्तर: a) सी. राजगोपालाचारी

15 अगस्त को किस देश का स्वतंत्रता दिवस भी मनाया जाता है?

a) सिंगापुर

b) कोरिया

c) बहरीन

d) उपरोक्त सभी

उत्तर: d) उपरोक्त सभी

स्वतंत्रता दिवस पर होने वाली गार्ड ऑफ ऑनर में कितनी बंदूकें सलामी देती हैं?

a) 17

b) 21

c) 24

d) 31

उत्तर: b) 21

भारत में पहली बार “स्वतंत्रता दिवस” (ब्रिटिश शासन के खिलाफ) कब मनाया गया था?

a) 1929

b) 1930

c) 1931

d) 1932

उत्तर: b) 1930

स्वतंत्रता दिवस के दौरान लाल किले पर होने वाली परेड में कौन-सा दस्ते की अगुवाई करता है?

a) सेना

b) नौसेना

c) वायुसेना

d) तीनों सेनाओं का संयुक्त दस्ता

उत्तर: d) तीनों सेनाओं का संयुक्त दस्ता

स्वतंत्र भारत में पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री कौन थे?

a) बी.वी. केसकर

b) पंडित नेहरू

c) सरदार पटेल

d) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

उत्तर: d) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

स्वतंत्रता के समय भारत में कुल कितने प्रांत थे?

a) 11

b) 14

c) 17

d) 21

उत्तर: c) 17

स्वतंत्र भारत का पहला गणतंत्र दिवस किस तारीख को मनाया गया?

a) 15 अगस्त 1947

b) 26 जनवरी 1950

c) 26 नवंबर 1949

d) 2 अक्टूबर 1950

उत्तर: b) 26 जनवरी 1950

स्वतंत्रता के समय भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष कौन थे?

a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

b) डॉ. भीमराव अंबेडकर

c) पंडित नेहरू

d) के.एम. मुंशी

उत्तर: b) डॉ. भीमराव अंबेडकर

स्वतंत्र भारत के पहले विदेश मंत्री कौन थे?

a) पंडित नेहरू

b) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

c) वी.के. कृष्ण मेनन

d) सरदार पटेल

उत्तर: a) पंडित नेहरू

भारत की आज़ादी का निर्णय लेने वाला ब्रिटिश प्रधानमंत्री कौन था?

a) विंस्टन चर्चिल

b) क्लेमेंट एटली

c) स्टेनली बॉल्डविन

d) नेविल चेम्बरलिन

उत्तर: b) क्लेमेंट एटली

15 अगस्त 1947 को रेडियो पर पहला आधिकारिक संदेश किसने दिया था?

a) महात्मा गांधी

b) पंडित नेहरू

c) लॉर्ड माउंटबैटन

d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

उत्तर: b) पंडित नेहरू

स्वतंत्रता दिवस पर अशोक चक्र का रंग कौन सा होता है?

a) लाल

b) नीला

c) हरा

d) काला

उत्तर: b) नीला

स्वतंत्र भारत के पहले रेल मंत्री कौन थे?

a) जॉन मथाई

b) लाल बहादुर शास्त्री

c) सी. राजगोपालाचारी

d) के.एम. मुंशी

उत्तर: a) जॉन मथाई

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई थी?

a) 1875

b) 1885

c) 1890

d) 1901

उत्तर: b) 1885

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा फहराए जाने वाला ध्वज किस आकार का होता है?

a) 3:2

b) 2:3

c) 4:3

d) 5:3

उत्तर: a) 3:2

भारत छोड़ो आंदोलन के समय भारत के वायसराय कौन थे?

a) लॉर्ड लिनलिथगो

b) लॉर्ड माउंटबैटन

c) लॉर्ड वेवेल

d) लॉर्ड इरविन

उत्तर: a) लॉर्ड लिनलिथगो

स्वतंत्र भारत का पहला बजट किसने प्रस्तुत किया था?

a) आर.के. शनमुखम चेट्टी

b) सी.डी. देशमुख

c) मोरारजी देसाई

d) पंडित नेहरू

उत्तर: a) आर.के. शनमुखम चेट्टी

“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” नारा किसने दिया?

a) महात्मा गांधी

b) बाल गंगाधर तिलक

c) भगत सिंह

d) सुभाष चंद्र बोस

उत्तर: b) बाल गंगाधर तिलक


‘आजाद हिंद फौज’ की स्थापना किसने की?

a) भगत सिंह

b) सुभाष चंद्र बोस

c) चंद्रशेखर आज़ाद

d) रास बिहारी बोस

उत्तर: d) रास बिहारी बोस

भारतीय ध्वज में केसरिया रंग का क्या अर्थ है?

a) त्याग और साहस

b) शांति और एकता

c) बलिदान और वीरता

d) विकास और समृद्धि

उत्तर: a) त्याग और साहस

स्वतंत्रता दिवस 1947 के अवसर पर किस शहर में सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था?


a) दिल्ली

b) कोलकाता

c) मुंबई

d) इलाहाबाद

उत्तर: b) कोलकाता

स्वतंत्रता दिवस पर गार्ड ऑफ ऑनर में शामिल जवान किस यूनिफॉर्म में होते हैं?

a) खाकी

b) सफेद

c) नीली

d) कैमोफ्लाज

उत्तर: b) सफेद


धन और संपत्ति अर्जित करने के लिए अपनाएँ वॉरेन बफेट के मनी मैनेजमेंट मंत्र


धन अर्थात वेल्थ की प्राप्ति के लिए वॉरेन एडवर्ड बफेट  के दर्शन और उद्धरण दुनिया भर के सभी युवाओं और निवेशकों के लिए एक मार्गदर्शक और सफलता के सूत्र बन गए हैं। आज सभी निवेशक और व्यवसायी बनने का सपना देखने वाले युवा उनकी सलाह का पालन करते हैं।  आइये जानते हैं कि आखिर आपको अपने जीवन में धन और संपत्ति अर्जित करने के लिए वॉरेन बफेट के विचारों और उद्धरणों को अवश्य पालन करना  क्यों जरुरी है?


वॉरेन बफेट कौन हैं? 

वॉरेन बफेट एक अमेरिकी व्यवसायी, निवेशक और परोपकारी व्यक्ति हैं। अपने अनूठे दृष्टिकोण के कारण, वे आज ऑनलाइन धन प्रबंधन उद्योग में सबसे अधिक खोजे जाने वाले व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं।

वॉरेन एडवर्ड बफेट का जन्म 30 अगस्त, 1930 को हुआ था। वे वर्तमान में बर्कशायर हैथवे के अध्यक्ष और सीईओ हैं।

 ऐसा कहा जाता है कि व्यवसायी वॉरेन बफेट को हार्वर्ड विश्वविद्यालय से अस्वीकार कर दिया गया था, फिर भी वे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और धनी मूल्य निवेशकों में से एक हैं। 

बफेट के दर्शन

आज बफेट के दर्शन और उद्धरण दुनिया भर के सभी युवाओं और निवेशकों के लिए एक मार्गदर्शक और सफलता के सूत्र बन गए हैं। आज सभी निवेशक और व्यवसायी बनने का सपना देखने वाले युवा उनकी सलाह का पालन करते हैं। आज बफेट को "ओमाहा का ओरेकल" उपनाम दिया गया है, जो उनके गृह राज्य नेब्रास्का का संदर्भ है।

वॉरेन एडवर्ड बफेट विशेष रूप से निवेशकों और युवा व्यवसायियों के लिए अपने अनूठे दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। बफेट के सबसे प्रासंगिक उद्धरणों में से एक है- "कीमत वह है जो आप चुकाते हैं, मूल्य वह है जो आपको मिलता है।" यह प्रसिद्ध उद्धरण "मूल्य निवेशक" के दृष्टिकोण पर प्रहार करता है और बफेट ने अपनी दौलत कैसे बनाई, इसका रहस्य उजागर करता है।

अपने अनूठे विचारों और दृष्टिकोण से, आज उन्होंने अपनी सोच और जीवन के प्रति दृष्टिकोण से लाखों युवाओं को प्रभावित किया है। यहाँ हम आपको बफेट के प्रसिद्ध उद्धरण प्रदान करेंगे, जो "मूल्य निवेशकों" और अन्य लोगों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  • कीमत वह है जो आप चुकाते हैं, मूल्य वह है जो आपको मिलता है। वॉरेन बफेट
  • आज कोई छाया में बैठा है क्योंकि किसी ने बहुत पहले एक पेड़ लगाया था। - वॉरेन बफेट
  • प्रतिभा या प्रयास चाहे कितने भी महान क्यों न हों, कुछ चीज़ों में समय लगता है। आप नौ महिलाओं को गर्भवती करके एक महीने में बच्चा पैदा नहीं कर सकते। - वॉरेन बफेट
  • सफल लोगों और सचमुच सफल लोगों के बीच का अंतर यह है कि सचमुच सफल लोग लगभग हर चीज़ के लिए 'नहीं' कह देते हैं। - वॉरेन बफेट
  • जब दूसरे लालची हों तो डरो और जब दूसरे डरे हुए हों तो लालची बनो। - वॉरेन बफेट
  • जोखिम तब आता है जब आपको पता ही नहीं होता कि आप क्या कर रहे हैं। - वॉरेन बफेट
  • अगर आप खुद को गड्ढे में पाते हैं तो सबसे ज़रूरी काम है खुदाई बंद कर देना। - वॉरेन बफेट
  • नियम संख्या 1: कभी पैसा मत गँवाओ। नियम संख्या 2: नियम संख्या 1 को कभी मत भूलना।- वॉरेन बफेट
  • ऐसा लगता है कि कोई विकृत मानवीय विशेषता है जो आसान चीज़ों को मुश्किल बना देती है। - वॉरेन बफेट

नजरिया जीने का : बुद्ध दर्शन-सत्य के मार्ग पर चलने वाले को किन दो भूलों से बचना चाहिए

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नजरिया जीने का : गौतम बुद्ध, जिन्हें "शांत" और "ज्ञानोदय" के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, जीवन जीने का एक अनूठा और गहन नजरिया प्रदान करते हैं।गौतम बुद्ध  कहते हैं, अगर आप जीवन में शांति और खुशी चाहते हैं तो कभी भी भूतकाल और भविष्य काल में न उलझें। वह कहते हाँ कि सत्य की राह पर चलने वाला मनुष्य जीवन में दो ही गलतियां कर सकता है- पहला या तो पूरा रास्ता तय नहीं करता और दूसरा कि वह शुरुआत ही नहीं करता।



बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा गौतम बुद्ध ने अपने जीवन में हमेशा लोगों को अहिंसा और करुणा की शिक्षा दी और आज भी यह सच है कि साथ ही गौतम बुद्ध के विचार और उपदेश हमें जीवन की हकीकत से रूबरू कराते हैं,उनकी शिक्षाएं, जिन्हें "धर्म" कहा जाता है, आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी कि 2500 साल पहले थीं।

बुद्ध से सीखने के कुछ महत्वपूर्ण पहलू:

वर्तमान पर ध्यान दें: बुद्ध हमें वर्तमान क्षण में जीने का महत्व सिखाते हैं। अतीत के पछतावे या भविष्य की चिंता में फंसने के बजाय, हमें वर्तमान क्षण की सुंदरता और संभावनाओं को स्वीकार करना चाहिए। भूतकाल पर ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पर केंद्रित करो। 

अपने विचारों को संभालें: "आपके सबसे बड़े दुश्मन को भी उतना नुकसान नहीं पहुँचा सकता जितना कि आपके अपने असुरक्षित विचार।

करुणा और दया: बुद्ध की शिक्षाओं का केंद्र करुणा और दया है। हमें दूसरों के प्रति दयालु और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए, चाहे वे कोई भी हों। घृणा को घृणा से खत्म नहीं किया जा सकता है, बल्कि इसे प्रेम से ही खत्म किया जा सकता है जो की एक प्राकृतिक सत्य है.

क्रोध से बचें: गौतम बुद्ध का कहना है कि क्रोध एक दण्ड है साथ  हीं क्रोध एक जहर  और आग है जो तुम्हें जला देगी। उनका कहना है कि क्रोध को हर प्रकार शमन किया जाना जरूरी है अगर जीवन मे शांति कि तलाश है। "किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं, हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं और अपने लिए प्रयास करने लगते हैं."

मन को वश में करें: गौतम बुद्ध  ने कहा है कि जिसने अपने मन को वश में कर लिया उसने शांति को प्राप्त कर लिया। इसके लिए सबसे जरूरी इस बात की  हैं कि  हम अपने मन को अपने वश मे करें जो कि संतोष के साथ जीने का अवसर प्रदान करती है। 

अपने कार्यों के प्रति जागरूक रहें:  "हम वही हैं जो बार-बार करते हैं। उत्कृष्टता तब एक क्रिया नहीं बल्कि एक आदत बन जाती है।"

खुद को जानो: बुद्ध ने हमें अपने विचारों, भावनाओं और कार्यों के बारे में जागरूक होने का महत्व सिखाया। उनका कहना है ki आत्म-जागरूकता से ही हम अपने जीवन में बदलाव ला सकते हैं। स्वयं की विजय सबसे बड़ी विजय है। आप चाहें जितनी किताबें पढ़ लें, कितने भी अच्छे प्रवचन सुन लें, उनका कोई फायदा नहीं होगा, जब तक कि आप उनको अपने जीवन में नहीं अपनाते.

सीखने की यात्रा पर रहें:  सीखने की कभी समाप्ति नहीं होती और यह जीवन का सतत प्रक्रिया है। उनका  कहना है कि  अज्ञानी व्यक्ति एक बैल के समान है वह ज्ञान में नहीं बल्कि आकार में बढ़ता है।

शांति का मार्ग अपनाएं: शांति अपने आप में नहीं आती है; यह उपलब्धि है जिसे बुद्धि, करुणा और साहस से प्राप्त किया जाना चाहिए। नफरत से नफरत कभी खत्म नहीं हो सकती. नफरत को केवल प्यार द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है. यह एक प्राकृतिक सत्य है.

बुद्ध की शिक्षाओं को अपने जीवन में कैसे लागू करें:

  • ध्यान: ध्यान एकाग्रता और आत्म-जागरूकता विकसित करने का एक शक्तिशाली तरीका है।
  • सचेतता: अपने विचारों, भावनाओं और कार्यों के प्रति सचेत रहने का प्रयास करें।
  • करुणा: दूसरों के प्रति दयालु और सहानुभूतिपूर्ण बनें।
  • मध्यम मार्ग: चरम सीमाओं से बचें और संतुलित जीवन जीने का प्रयास करें।
  • नैतिकता: सदाचारी जीवन जीने का प्रयास करें।
  • गौतम बुद्ध की शिक्षाएं हमें एक अधिक शांतिपूर्ण, खुशहाल और सार्थक जीवन जीने में मदद कर सकती हैं।
गौतम बुद्ध Quotes 
  • भविष्य के सपनों में मत खोओ और भूतकाल में मत उलझो सिर्फ वर्तमान पर ध्यान दो। -गौतम बुद्ध
  • "इस दुनिया में कभी भी घृणा से घृणा शांत नहीं होती, बल्कि प्रेम (अहिंसा) से ही घृणा शांत होती है। यही शाश्वत नियम है।" । - गौतम बुद्ध
  • क्रोध में हजारों शब्दों को गलत बोलने से अच्छा, मौन वह एक शब्द है जो जीवन में शांति लाता है।
  • अपने विचारों का मालिक बनो, न कि अपने विचारों के गुलाम। - गौतम बुद्ध
  • स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा संबंध है।गौतम बुद्ध
  • घृणा घृणा से नहीं प्रेम से ख़त्म होती है, यह शाश्वत सत्य है। गौतम बुद्ध
  • विवेकी पुरुष विचारों के परिणामों के आधार पर अपने कार्य को निर्णय करता है, और फिर कार्य करता है।-गौतम बुद्ध
  • बुद्धिमान व्यक्ति अपने मन को शांत करता है, जैसे एक झील में पानी को शांत किया जा सकता है, ताकि अन्यत्र मछलियाँ तस्वीरें देख सकें।" - गौतम बुद्ध
  • वहीं जीत है, जो दूसरों को जीतता है।- 
  • किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं, और अपने लिए प्रयास करने लगते हैं। -गौतम बुद्ध


Daily GK Update 18 November; इसरो स्पेस सम्मेलन और अन्य


प्रस्तुत हैं नवम्बर 18, 2025 को घटित सामान्य ज्ञान की एक झलक-
भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए बहुविषयक अनुसंधान, तकनीकी विकास और संस्थागत सहयोग को एकसाथ लाने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने संयुक्त रूप से बेंगलुरु में सीएआईआर–इसरो स्पेस सम्मेलन 2025 का आयोजन किया।

  • इस अवसर पर ईएसए अंतरिक्ष यात्री (नासा एसटीएस-66, एसटीएस-84, एसटीएस-103) श्री जीन-फ्रैंकोइस क्लेरवॉय का विशेष वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया, जिसमें मानव अंतरिक्ष उड़ान में वैश्विक सहयोग एवं साझा वैज्ञानिक सीख की आवश्यकता पर बल दिया गया।
  • इसरो अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन प्रशांत बी. नायर ने अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण सिमुलेशन, परिचालन तत्परता पर अपने अनुभव साझा किए। 
  • भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने 1984 के सोयुज मिशन की यादें साझा करते हुए एनएएल के दीर्घकालिक योगदान को सराहा।
  •  दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा कि भारत का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम शांतिपूर्ण अन्वेषण और मानव-केन्द्रित अनुसंधान पर आधारित है।

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रस्तावित भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में में न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस अवसर पर  मंत्रियों ने वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार से संबंधित प्रमुख विषयों के बारे में सहमति कायम करने की दिशा में बढ़ने पर ध्यान केंद्रित किया
  • वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 49 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्शाते हुए 1.3 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया। 
  • मुक्त व्यापार समझौते में सेवाओं, नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण संभावनाओं का पता लगाने की क्षमता है। 
  • न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले हैं।

Daily Current Affairs Quiz Nov 15, 2025: Complete GK Dose


हमारे आस-पास घटना वाली यह घटनााओं का किसी भी क्षेत्र से हो सकता हैं जैसे-जेनरल साइंस, इतिहास, राजनीति, खेल, इतिहास, कला, एस्ट्रोलॉजी, अध्यात्म, धर्म, साहित्य, सामान्य विज्ञान, भूगोल,  चिकित्सा, बायोलॉजी, खेल, फिल्म, फैशन, वित्त, टेक्नोलॉजी आदि वह विषय है जिन पर हमारी नजर का होना जरुरी है क्योंकि विषयों से सम्बंधित जानकारी की अपेक्षा हर बुद्धिमान व्यक्ति से किया जाता है. 
प्रस्तुत हैं नवम्बर 15 को घटित सामान्य ज्ञान की एक झलक-

अभ्यास गरुड़ 25

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) तथा फ्रांस के के वायु एवं अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास 'गरुड़ 25' के आठवें संस्करण का आयोजन । 

  • तिथि-16 से 27 नवंबर, 2025 
  • स्थान-फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में 

 ऋषभ पंत 

  • भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत टेस्ट में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। 
  • ऐसा करते हुए उन्होंने वीरेंद्र सहवाग को पीछा छोड़ दिया है जिन्होंने 103 टेस्ट मुकाबलों में 90 छक्के लगाये थे. 
  • ऋषभ पंत ने टेस्ट करियर के 48 मुकाबलों में अब तक 92 छक्के लगाए हैं। 
  • 1. ऋषभ पंत-92 छक्के
  • 2. वीरेंद्र सहवाग-90 छक्के
  • 3.  रोहित शर्मा-88 छक्के
  • 4. रवींद्र जडेजा-80 छक्के
  • 5. महेंद्र सिंह धोनी -78 छक्के

नागालैंड

  • नागालैंड टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (एनटीटीसी) में कौशल विकास के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। 
  • नागालैंड को एसएएससीआई आवंटन 3 सेक्टर से बढ़कर 2024-25 में 9 सेक्टर तक हो गया है।

दुबई एयर शो 2025: Facts in Brief


संयुक्त अरब अमीरात में 17–18 नवंबर, 2025 को आयोजित किया जायेगा। रक्षा राज्य मंत्री (आरआरएम) श्री संजय सेठ संयुक्त अरब अमीरात में 17–18 नवंबर, 2025 को आयोजित होने वाले दुबई एयर शो 2025 में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

  • दुबई एयर शो एक द्विवार्षिक वैश्विक आयोजन है.
  • जिसमें 150 देशों के 1,500 से अधिक प्रदर्शक और 1,48,000 से अधिक औद्योगिक पेशेवर भाग लेते हैं।
  • इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में बॉम्बार्डियर, डसॉल्ट एविएशन, एम्ब्रेयर, थेल्स, एयरबस, लॉकहीड मार्टिन और कैलिडस जैसी अग्रणी अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस कंपनियाँ अपने उत्पादों एवं तकनीकों का प्रदर्शन करती हैं।

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: Facts in Brief


यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है और देश के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के युग में प्रवेश का प्रतीक है। बुलेट ट्रेन परियोजना के पूरा होने पर, मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा के समय को लगभग दो घंटे तक कम कर देगी.

  • एमएएचएसआर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में शामिल है। 
  • यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई सहित प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।
  • इस परियोजना में 465 किलोमीटर (मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत) पुलों पर बना है, 
  • अब तक 326 किलोमीटर पुल निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और 25 में से 17 नदी पुलों का निर्माण हो चुका है।
  • सूरत-बिलिमोरा खंड, लगभग 47 किलोमीटर लंबा है और यह निर्माण कार्य के अंतिम चरण में है
  • सूरत स्टेशन का डिज़ाइन शहर के विश्व प्रसिद्ध हीरा उद्योग से प्रेरित है

What Are Google Doodles?: जानिए इसका इतिहास, उद्देश्य और चुनने के पीछे की दिलचस्प सोच

गूगल डूडल वास्तव में  गूगल द्वारा किये गए अपने लोगो में सहज और मनमोहक बदलाव का स्वरुप है जो छुट्टियों और वर्षगाँठों से लेकर संस्कृति को प्रभावित करने वाले अग्रणी व्यक्तियों तक, कई स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय विषयों का जश्न को मनाने के एक रूप है. 

गूगल डूडल का उद्देश्य, गूगल लोगो को रचनात्मक, प्रायः इंटरैक्टिव या शैक्षणिक डिजाइनों के साथ अस्थायी रूप से परिवर्तित करके छुट्टियों, घटनाओं और उपलब्धियों का जश्न मनाना है.

प्रकाश संश्लेषण:  14 November, 2025

यह डूडल प्रकाश संश्लेषण का जश्न मनाता है, वह प्रक्रिया जिसमें पौधे प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को ग्लूकोज जैसे कार्बनिक अणुओं में बदलते हैं। फिर ऑक्सीजन एक उपोत्पाद के रूप में मुक्त होती है। यह प्राकृतिक घटना पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है, जिससे कई जीवित जीव सांस ले पाते हैं।

द्विघात समीकरण सीखना : 12 November, 2025

इस बैक टू स्कूल डूडल में द्विघात समीकरण को दर्शाया गया है, जो एक गणितीय वस्तु है और भौतिकी, इंजीनियरिंग, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में इसके कई उपयोगी अनुप्रयोग हैं। द्विघात समीकरण का उपयोग भौतिकी में वास्तविक दुनिया की गति की गणना के लिए किया जाता है। अगर आपने कभी बास्केटबॉल को हूप की ओर झुकते हुए देखा है, तो आपने द्विघात समीकरण को क्रियान्वित होते देखा होगा।

इडली का जश्न: 11 अक्टूबर, 2025

11 अक्टूबर, 2025 को, गूगल ने इडली का जश्न मनाते हुए इडली डूडल लॉन्च किया है, जिसे 11 अक्टूबर, 2025 को गूगल के प्रभावशाली डूडल के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इडली निस्संदेह इस दक्षिणी राज्य के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और स्वादिष्ट व्यंजनों का एक विशेष हिस्सा है।इस खास मौके पर गूगल ने इडली का जश्न मनाते हुए एक खास प्रभावशाली डूडल बनाया है।


गूगल डूडल: इडली का जश्न




गौरतलब है कि दक्षिणी खाद्य एवं पेय संग्रहालय हर साल 11 अक्टूबर को दक्षिणी खाद्य विरासत दिवस मनाता है!



इडली निस्संदेह इस दक्षिणी राज्य के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और स्वादिष्ट व्यंजनों का एक विशेष हिस्सा है। यह दुनिया भर के विविध लोगों का संगम और एकीकरण है, जिनमें से प्रत्येक अपनी सामग्री और विशेषज्ञता का योगदान देकर एक अनूठा व्यंजन तैयार करता है।




गूगल के 27वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में, गूगल ने अपने पुराने डूडल को अपने अतीत को याद करने और सम्मान देने के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किया।
गूगल डूडल, होमपेज पर दिखाई देने वाले मूल लोगो का एक अस्थायी कलात्मक संशोधन होता है। गूगल हमेशा अपने डूडल के माध्यम से विशेष अवसरों का सम्मान करने की कोशिश करता है, जो स्पष्ट रूप से दुनिया भर के लोगों तक पहुँचने और उनके साथ खुशियाँ बाँटने के तरीके खोजने की गूगल की क्षमता को दर्शाता है। डूडल सांस्कृतिक महत्व के आयोजनों, जैसे त्योहारों, छुट्टियों, प्रसिद्ध हस्तियों या वर्षगाँठों का जश्न मनाने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।

गूगल डूडल की आखिर जरुरत क्या है?

गूगल डूडल का उद्देश्य, गूगल लोगो को रचनात्मक, प्रायः इंटरैक्टिव या शैक्षणिक डिजाइनों के साथ अस्थायी रूप से परिवर्तित करके छुट्टियों, घटनाओं और उपलब्धियों का जश्न मनाना है. डूडल के माध्यम से गूगल अपने साइट पर विजिट करने वाले लोगों और विजिटर को  प्रसन्नता के क्षण प्रदान करके जिज्ञासा, सांस्कृतिक प्रशंसा और उपयोगकर्ता सहभागिता को बढ़ावा देता है.  इसके अतिरिक्त इसका प्रमुख उद्देश्य दुनिये के लोगों को अन्य देशों  की कहानियों, छुट्टियों, घटनाओं और उपलब्धियों को महत्वपूर्ण हस्तियों से जोड़ना है।

गूगल के अनुसार, जब संस्थापक लैरी और सर्गेई छुट्टियों पर गए थे, तब पहला डूडल एक तरह के "आउट ऑफ ऑफिस" संदेश के रूप में लॉन्च किया गया था।

पहला डूडल 1998 में लोगों को यह बताने के लिए प्रकाशित किया गया था कि वे छुट्टियों पर जा रहे हैं। पहला अंतर्राष्ट्रीय डूडल 2000 में फ्रांस में बैस्टिल दिवस मनाने के लिए लॉन्च किया गया था।

गूगल डूडल क्या है?

गूगल डूडल, गूगल लोगो में किए गए सहज और मनमोहक बदलाव हैं। ये छुट्टियों और वर्षगाँठों से लेकर संस्कृति को प्रभावित करने वाले अग्रणी व्यक्तियों तक, कई स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय विषयों का जश्न मनाते हैं। डूडल कई तरह के फ़ॉर्मैट में उपलब्ध हैं, जिनमें स्थिर चित्र, एनिमेशन, स्लाइडशो, वीडियो और इंटरैक्टिव गेम शामिल हैं। अपने 25 सालों के इतिहास में, डूडल Google Search का एक पसंदीदा हिस्सा बन गए हैं।

AI-संचालित डूडल

डूडल टीम ने Google Magenta और Google PAIR टीमों के साथ मिलकर जोहान सेबेस्टियन बाख को समर्पित पहला AI-संचालित डूडल बनाया। खिलाड़ियों को सबसे पहले अपनी पसंद का एक दो-मात्रा वाला राग बनाने के लिए कहा जाता है। एक बटन दबाने पर, डूडल मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके उनके कस्टम राग को बाख की विशिष्ट संगीत शैली में ढाल देता है।














डूडल का विचार कैसे आया?

1998 में, Google के सह-संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन नेवादा में होने वाले वार्षिक बर्निंग मैन उत्सव में शामिल होने के लिए कुछ दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी लेने की योजना बना रहे थे। हालाँकि, उन्हें Google उपयोगकर्ताओं को यह बताने का एक सरल और स्पष्ट तरीका चाहिए था कि अगर उनके अनुपस्थित रहने के दौरान कोई पूछताछ आती है, तो वे मौजूद नहीं होंगे।

उन्होंने "आउट ऑफ़ ऑफिस" संदेश के लिए एक अपरंपरागत तरीका अपनाने का फैसला किया और गूगल होमपेज लोगो के दूसरे "O" को बर्निंग मैन लोगो से बदल दिया—और इस तरह पहला गूगल डूडल तैयार हुआ! यह पहला डूडल गूगल के आधिकारिक रूप से एक कंपनी के रूप में शामिल होने से एक हफ्ते से भी कम समय पहले लॉन्च किया गया था। इसलिए हम कहते हैं कि गूगल डूडल, गूगल इंक. से भी पुराने हैं!


डूडल के विषय कैसे चुने जाते हैं?

डूडल टीम को हर साल आंतरिक गूगलर्स और आम जनता, दोनों से हज़ारों वैश्विक विचार प्राप्त होते हैं। डूडल के कुछ सिद्धांतों के अनुसार, गूगलर्स की एक समिति कई महीनों तक हर साल यह तय करने के लिए एकत्रित होती है कि अगले कैलेंडर वर्ष में हम किन विषयों पर डूडल करेंगे। सावधानीपूर्वक शोध, सांस्कृतिक सलाहकारों, स्थानीय विशेषज्ञों और अन्य लोगों के साथ चर्चा के माध्यम से, समिति दुनिया भर के कई दिलचस्प विषयों का जश्न मनाने वाले सैकड़ों डूडल की एक वार्षिक सूची तैयार करती है।

(स्रोत: सभी चित्र/सामग्री क्रेडिट: गूगल)

तमिलनाडु का चित्रांगुडी अभ्यारण्य: पक्षीप्रेमियों के लिए एक छिपा खज़ाना- Facts In Brief

Chitrangudi Bird Sanctuary Facts in Brief

चित्रांगुडी पक्षी अभ्‍यारण्य, जिसे स्थानीय रूप से "चित्रांगुडी कनमोली" के नाम से जाना जाता है, तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। यह रामेश्वरम और मन्नार की खाड़ी के करीब स्थित है, जो इसे एक महत्वपूर्ण पक्षी विहार स्थल बनाता है। यह अभ्यारण्य पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श स्थान है जो पक्षियों और प्रकृति की तस्वीरें लेने वालों के लिए एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त यह अभ्यारण्य जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अद्भुत स्थल है।

 यह आर्द्रभूमि 1989 से एक संरक्षित क्षेत्र है और इसे पक्षी अभ्‍यारण्य के रूप में घोषित किया गया है, जो तमिलनाडु वन विभाग, रामनाथपुरम डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में आता है। 

चित्रांगुडी पक्षी अभ्‍यारण्य शीतकालीन प्रवासी पक्षियों के लिए एक आदर्श आवास है। स्‍थल से 30 परिवारों के लगभग 50 पक्षियों के उपस्थित होने की जानकारी मिली है। इनमें से 47 जल पक्षी और 3 स्थलीय पक्षी हैं। 

इस स्‍थल क्षेत्र से स्पॉट-बिल्ड पेलिकन, लिटिल एग्रेट, ग्रे हेरॉन, लार्ज एग्रेट, ओपन बिल स्टॉर्क, पर्पल और पोंड हेरॉन जैसे उल्लेखनीय जलपक्षी देखे गए।

पाई जाने वाली पक्षी प्रजातियाँ

  • जलपक्षी: ग्रे पेलिकन, लिटिल कॉर्मोरेंट, स्पूनबिल, एग्रेट, पेंटेड स्टॉर्क।
  • प्रवासी पक्षी: फ्लेमिंगो, ग्रे हेरॉन, ब्लैक-टेल्ड गॉडविट, सैंडपाइपर।
  • स्थानीय पक्षी: भारतीय बगुला, किंगफिशर, टर्न आदि।

 चित्रांगुडी कृषि क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जहां साल भर विभिन्न फसलें उगाई जाती हैं। आर्द्रभूमि कई मछलियों, उभयचरों, मोलस्क, जलीय कीड़ों और उनके लार्वा का भी पालन करती है यह प्रवासी जलपक्षियों के लिए अच्छे भोजन स्रोत बनाते हैं। कृषि उद्देश्यों के लिए आर्द्रभूमि के आसपास और भीतर सिंचाई के लिए भूजल निकाला जाता है।

लखनऊ को मिला यूनेस्को की 'क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' का ख़िताब: मुस्कराइए की आप लखनऊ में हैं


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जो खास तौर पर अपने ऐतिहासिक भव्यता या मुशायरे-शायरी के लिए जाना जाता है, अब इसके साथ  एक और भी खास नाम  जुड़ गया है.  जी हाँ, यूनेस्को (UNESCO) ने लखनऊ को “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी” के तौर पर मान्यता दी है।  

 लखनऊ के साथ वैसे जो कई  टैग जुड़े हुए हैं मसलन  "मुस्कराइए की आप लखनऊ में हैं, " इसके साथ हीं यह ऐसा शहर है  जिसकी गली-मोहल्लों में महफूज़-नवाबी तहज़ीब के साथ स्वादों की दुनिया पलती आई है। अपने नवाबों की शानों शौकत के साथ हीं नवाबी   उसके व्यंजन-कलाओं और खान-पान-संस्कृति के लिए भी विश्वस्तर पर पहचान बना चूका  है।

UNESCO की Creative Cities Network के तहत 'क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' में मिलने वाले ख़िताब से न केवल भोजन-संस्कृति को और उसके  स्वाद-साधना से हैं, सच्चाई  यह है कि इस ख़िताब  मिलने के बाद अब  इस ऐतिहासिक शहर के  सामाजिक-सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास के भी नए माध्यम बनेंगे और  अध्याय जुड़ेंगे। यूनेस्को  द्वारा  लखनऊ का मिले इस ख़िताब से न केवल खाने एवं पिने के  व्यंजनों को नया आयाम देगा बल्कि स्थानीय खान-पान उद्यमियों, स्ट्रीट-वेंडर्स, पारंपरिक व्यंजन-करने वालों को भी सहयोग मिलेगा और अब  विश्व स्तर पर इसे ले जाने में सहायता प्राप्त होगा ।

43वीं  जनरल कॉन्फ्रेंस समरकंद में हुई घोषणा 

इससे सम्बंधित उक्त घोषणा उज्बेकिस्तान के समरकंद में 43वीं यूनेस्को की एंब्राचमेंट जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई। उल्लेखनीय है कि यूनेस्को जनरल कॉन्फ्रेंस का 43वां सत्र प्राचीन शहर समरकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुआ था.   

यह 40 वर्षों में पहली बार है कि सम्मेलन पेरिस में संगठन के मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जा रहा है।


जानें क्या होता है कबाब व खानदान-खाना

लखनऊ में वैसे तो नवाबी कबाब और शानो शौकत वाले कबाब प्रसिद्ध है, लेकिन गलौटी कबाब, तुंदे कबाब आदि इतनी प्रसिद्ध हैं कि इनका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। 

जानें क्या होता है बिरयानी व धीमी आग-विधि

औध बिरयानी में चावल-मांस की सुगंध, मसालों का संतुलन और धीमी आंच पर “दम” पकाने की कला है।

जानें क्या होता है मिठाइयाँ व स्ट्रीट-फूड

मलाई मालाई, कुल्फी-फालूदा के साथ-साथ तोकरी चाट जैसे स्ट्रीट-वेंडर्स का स्वाद शहर की जान हैं।

जानें क्या होता है विविधता और समावेशिता सामंजस्य 

नवाबों के शहर लखनऊ सिर्फ मांसाहारी व्यंजनों के लिए नहीं बल्कि शाकाहारी-मिठाई-स्ट्रीट-खाना के लिए भी प्रसिद्ध है और अपने खास पकवान के लिए जाना  जाता है. 

अवार्ड मिलने के क्या हैं मायने 

लखनऊ को मिले इस सम्मान से आगे के  रास्ते खुले  हैं,लेकिन चुनौतियाँ भी सामने होंगी.  अब शहर और उसे  मुकाम तक लाने वाले  लोगों और उद्योगों को अलग तरह की जिम्मेदारियों से दो-चार होना पड़ेगा.  परंपरागत व्यंजनों को आधुनिकता के बीच मिलने वाले चैलेंज  और पुरानी  खाद्य-पर्यटन , पर्यावरण-सतर्कता, स्थानीय उत्पादन, खाद्य-अपव्यय की समस्या आदि को भी विश्व के दूसरे स्थानों पर ले जाना होगा. UNESCO द्वारा दिए गए इस ख़िताब से अब शहर को यह जिम्मेदारी भी निभाना  कि  जन-पोषण, स्थिरता और पारंपरिक ज्ञान को भी बढ़ावा मिले और इस सम्मान को मेन्टेन रखा  जा सके. . 

Idiom Catch 22: जाने क्या होता है अर्थ, कैसे बनाएं वाक्य


"Catch-22" अंग्रेजी का एक प्रसिद्ध मुहावरा है जिसका मतलब किसी ऐसी जटिल परिस्थिति से होता है जिसमें इंसान के लिए विपरित हालत से होता है. अक्सर ऐसा होता है जहां इंसान इस प्रकार के परिस्थितियों से घिर जाता है, जहां से निकलना मुश्किल होता है.

जहां तक इस शब्द के उत्पति का सवाल है, यह शब्द अमेरिकी लेखक Joseph Heller के प्रसिद्ध उपन्यास Catch-22 (1961) से आया है। ऐसा कहा जाता है कि इस किताब में सैनिकों की ऐसी हालत और परिस्थितियों का वर्णन किया गया है जिसमें वे युद्ध के हालात से ऊब चुके हैं और विराम चाहते हैं लेकिन उनके लिए छुटी का मिलना संभव नहीं हो पाता. जाहिर है, युद्ध की विभीषिका से थक कर वो घर तो जाना चाहते हैं लेकिन हालात उन्होंने इजाजत नहीं देतें है.

Example 

The present scenario is nothing but a Catch 22 situation for both ruling and opposition parties.

Gen Z कौन हैं? जानें इतिहास, भविष्य और कैसे अलग हैं Gen Alpha, Gen Y से

Gen Z कौन हैं? जानें इतिहास, भविष्य और कैसे अलग हैं और Gen Alpha, Gen Y के बारे में

पिछले दिनों नेपाल में जिस प्रकार से रातों रात सत्ता का परिवर्तन हुआ और देखते हीं देखते प्रधान मंत्री और अन्य मंत्रियों को अपनी जान के लाले पड़ गए, पूरी दुनिया ने देखा। कहने की जरूरत नहीं कि इस पुरे आंदोलन में एक नाम जिसका चर्चा हुआ वह है Gen Z. नेपाल में राजनीतिक हालात इतने भी बुरे नहीं थे कि देश को इतना बड़ा परिवर्तन देखना पड़ता. हालाँकि Gen Z कोई नया शब्द नहीं है जिससे हम सभी अननोन हैं, हाँ, इतना तो तय है कि नेपाल के सस्ता परिवर्तन के बाद Gen Z  के प्रति लोगों में खास आकर्षण बढ़ गई. तो आइये जानते हैं कि Gen Z कौन हैं जिन्होंने रातों रात एक शांतिप्रिय देश में क्रांति का सूत्रपात कर सत्ता परिवर्तन का माध्यम बन गए. 

 Gen Z   यानी Generation Z वे लोग हैं जो युवा हैं और अत्याधुनिक और इन्नोवेटिव आइडिया से युक्त हैं. हालाँकि इस सम्बन्ध के कोई ठोस नियम और पीरियड कहीं लिखित नहीं है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसी  मान्यता है कि  Gen Z वह युवा हैं जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच हुआ है। यह पीढ़ी Millennials (1981-1996) के बाद आती है और Gen Alpha (2013 के बाद जन्मे बच्चे) से पहले की है। 

आप कह सकते हैं कि आज Gen Z वह पीढ़ी है जो कॉलेज, करियर और टेक्नोलॉजी की दौड़ में अत्याधुनिक इन्नोवेटिव आइडिया से युक्त हैं और न केवल अपने करियर बल्कि देश और समाज में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। Gen Z केवल एक पीढ़ी नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा है। इनकी सोच तेज़, इनकी लाइफस्टाइल डिजिटल और इनकी दुनिया ग्लोबल है। यही कारण है कि आने वाले समय में Gen Z समाज, टेक्नोलॉजी और इकॉनमी की असली ड्राइविंग फोर्स होगी।

Gen Z की सोच और जीवनशैली

जाहिर है कि आज का युवा वर्ग अपनी विशिष्ठ सोच और दिशा निर्धारण में ज्यादा एक्टिव है और इसके लिए इनके पास अत्याधुनिक संसाधन और टेक्नोलॉजी भी है. आखिर इन अत्याधुनिक जीवन शैली को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स के बगैर अलग जनरेशन की कल्पना की भी कैसे जा सकती है.

टेक-सेवी (Tech-Savvy)

आज का जो Gen Z   यानी Generation Z है वह अत्याधुनिक मोबाइल फ़ोन, इंटरनेट,  टेबलेट और सबसे फ़ास्ट हथियार से लैश है. ये हर जानकारी Google, YouTube, Instagram, TikTok या ChatGPT से पाना पसंद करते हैं।  Gen Z इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में पैदा हुई है और आप अगर याद करें  नेपाल में आंदोलन का शुरुआत भी यहीं से  हुआ कि सरकार ने सोशल मीडिया चैनलों पर प्रतिबन्ध क्यों लगाईं?

फास्ट और अपडेटेड आइडिया से लैश 

नई चीजें जल्दी सीखना और ट्रेंड को  पकड़ना इनकी पहचान है और इनके पास इंतजार  के लिए वक्त नहीं है. यहाँ तक कि करियर सेटलमेंट के लिए भी Gen Z के पास जल्दी है और अभिव्यक्ति  की आजादी के लिए ये लोग फैशन, मीम्स, और डिजिटल इनोवेशन में सबसे आगे रहते हैं।

स्वतंत्र  और अलग सोच

Gen Z युवाओं को पुराणी और परंपरागत सोच और मान्यताओं से परहेज है और सच तो यह कि Gen Z पुराने ढर्रों को नहीं मानती और अपनी अलग और लीक से हटकर सोच के लिए जाने जाते हैं ।ये लोग फ्रीडम, फ्लेक्सिबल वर्क, और सेल्फ-एक्सप्रेशन को ज्यादा महत्व देते हैं।

हालाँकि यह भी सच  किऐसे लोग पर्यावरण, जेंडर इक्वालिटी, और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर सजग रहते हैं। और अक्सर इनकी सोच प्रैक्टिकल से ज्यादा वैचारिक और प्रगतिशील होती है।

पीढ़ियों की तुलना 

पीढ़ी जन्म वर्ष 2025 में उम्रपहचान 
Millennials (Gen Y)1981 – 199629 – 44 सालइंटरनेट की शुरुआत देखने वाली
Gen Z1997 – 201213 – 28 सालडिजिटल नेटिव्स
Gen Alpha2013 – आगे0 – 12 सालस्मार्ट डिवाइस के साथ जन्मे