Daily Current Affairs Quiz Nov 20, 2025: Complete GK Dose
नज़रिया जीने का: जीवन में सफलता पाना हैं लक्ष्य तो प्रसन्न रहना सीखें, अपनाएं ये टिप्स
1. आभार व्यक्त करें:
जीवन में हमें दूसरों के प्रति आभार करने से परहेज नहीं करना चाहिए। अपने जीवन में जो कुछ भी अच्छा है, उसके लिए आभार व्यक्त करें। रोज़ाना कुछ मिनट निकालकर उन चीजों के बारे में सोचें जिनके लिए आप आभारी हैं। आभार का भाव आपके मन में सकारात्मकता लाता है और छोटी-छोटी खुशियों को भी महसूस करने में मदद करता है।
2. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ:
जीवनशैली हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और शारीरिक स्वास्थ्य का सीधा प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और पर्याप्त नींद को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। इससे आप ऊर्जावान और प्रसन्न महसूस करेंगे।
3. सकारात्मक सोच रखें:
जीवन में नकारात्मकता से दूर रहें और सकारात्मक सोच को अपनाएं। हर परिस्थिति में सकारात्मक पहलू को देखने का प्रयास करें। यह आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाएगा और जीवन में सफल होने में मदद करेगा।
4. स्वयं के साथ समय बिताएं:
नियमित रूप से स्वयं के साथ समय बिताएं, ध्यान करें, या अपने शौक को पूरा करें। यह आपको अपने मन को शांत रखने और अपनी खुशी को पहचानने में मदद करेगा।
5. संबंधों में संतुलन बनाएं:
अच्छे संबंध हमारे जीवन में खुशियाँ लाते हैं। अपने प्रियजनों के साथ समय बिताएं, उनकी भावनाओं को समझें, और अपनी भावनाओं को साझा करें। संतुलित संबंध प्रसन्नता का एक महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं।
6. लक्ष्य निर्धारित करें और उन पर काम करें:
अपने जीवन में स्पष्ट और यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें। जब आप अपने लक्ष्यों की दिशा में काम करते हैं, तो आपको अपने जीवन में उद्देश्य का एहसास होता है, जो आपको प्रसन्न रखता है।
7. माफ करना सीखें:
किसी के प्रति द्वेष या क्रोध रखना आपकी प्रसन्नता को कम कर सकता है। माफ करने की कला सीखें, चाहे वह खुद के लिए हो या दूसरों के लिए। माफ करना आपको मानसिक शांति देता है और आपको प्रसन्न रखता है।
8. वर्तमान में जीना सीखें:
अतीत की गलतियों और भविष्य की चिंताओं से मुक्त होकर वर्तमान में जीना सीखें। हर पल को पूरी तरह से जीने का प्रयास करें, यह आपको जीवन की खुशियों का अनुभव कराएगा।
9. जीवन में विनम्रता और सादगी अपनाएँ:
विनम्र और सरल जीवन जीने का प्रयास करें। इससे आपके जीवन में अनावश्यक तनाव और चिंताएँ कम होंगी और आप अपने आप को अधिक प्रसन्न महसूस करेंगे।
10. हंसी-मजाक और मनोरंजन:
हंसी-मजाक और हल्के-फुल्के पलों का आनंद लें। हास्य आपके जीवन में प्रसन्नता लाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है।
इन टिप्स को अपनाकर आप अपने जीवन में प्रसन्नता को बढ़ा सकते हैं, जो अंततः आपके जीवन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
G-20 शिखर सम्मेलन में किन विदेशी मेहमानों को कौन सी खास तोहफा दी गई, मन की बात में किया खुलासा
मन की बात कार्यक्रम के 128 संस्करण में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि कुछ दिनों पहले G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व के कई नेताओं को दिए गए उपहार के अंतर्गत ‘vocal for local’ का चर्चा किया. प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने देशवासियों की ओर से विश्व के नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उसमें इस भावना का विशेष ध्यान रखा गया।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को नटराज की कांस्य प्रतिमा
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को नटराज की कांस्य प्रतिमा भेंट की गई । ये तमिलनाडु के तंजावुर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी चोल कालीन शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण है।
कनाडा के प्रधानमंत्री को चांदी के अश्व की प्रतिकृति
कनाडा के प्रधानमंत्री को चांदी के अश्व की प्रतिकृति दी गई। यह राजस्थान के उदयपुर की बेहतरीन शिल्पकला को दर्शाती है।
जापान के प्रधानमंत्री को चांदी की बुद्ध की प्रतिकृति
जापान के प्रधानमंत्री को चांदी की बुद्ध की प्रतिकृति भेंट की गई। इसमें तेलंगाना और करीमनगर की प्रसिद्ध Silver Craft की बारीकी का पता चलता है।
इटली की प्रधानमंत्री Silver mirror
इटली की प्रधानमंत्री को फूलों की आकृतियों वाला silver mirror उपहार में दिया। ये भी करीमनगर की ही पारंपरिक धातु शिल्पकला को प्रदर्शित करता है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को Brass उरली
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को Brass उरली भेंट की गई ये केरला के मन्नार का एक उत्कृष्ट शिल्प है।
उन्होंने बताया की इसके पीछे मुख्य उद्देश्य था कि दुनिया भारतीय शिल्प, कला और परंपरा के बारे में जानें। और हमारे कारीगरों की प्रतिभा को Global मंच मिले।
Daily GK Current Affairs: मन की बात के कार्यक्रम पर आधारित MCQ Quiz, व्याख्या के साथ
संकलन: शिवम द्वारा
Mann Ki Baat: मन की बात प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक भारतीय रेडियो कार्यक्रम है जिसमें वे ऑल इंडिया रेडियो, डीडी नेशनल और डीडी न्यूज़ पर भारतीयों को संबोधित करते हैं। 3 अक्टूबर 2014 को कार्यक्रम का पहला शो प्रसारित हुआ जो आज दुनिया मे अपना इतिहास बना चुका है। इस कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं जिसके माध्यम से वह देश के नागरिकों के साथ बातचीत करते हैं और उनकी सोच, दृष्टिकोण और राष्ट्र के मुद्दों पर विचारों को साझा करते हैं।यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं. हम यहाँ पर लाएं हैं आपके लिए मन की बात में प्रधानमंत्री द्वारा उल्लेखित विभिन्न पर्सनलिटी और स्थान पर आधारित GK Quiz जो प्रतियोगिता परीक्षा कि तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए खास रूप से तैयार किया गया है।
- सऊदी अरब में पहली बार किसी सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति की गई है।
- यूरोप के लातविया में भी एक यादगार गीता महोत्सव आयोजित किया गया।
- इस महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने बढ़-चढ़ करके हिस्सा लिया।
- Natural Farming के एक विशाल सम्मेलन का आयोजन कोयंबटूर में हुआ था।
- 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर चौथा काशी-तमिल संगमम शुरू हो रहा है।
- काशी-तमिल संगमम की थीम बहुत ही रोचक है – Learn Tamil – तमिल करकलम्।
- पिछले हफ्ते मुंबई में INS ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
- इसका ‘माहे’ नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है। केरला और तमिलनाडु के कई लोगों ने इस बात पर गौर किया कि इस युद्धपोत का crest उरुमी और कलारिपयट्टू की पारंपरिक लचीली तलवार की तरह दिखाई पड़ता है।
Navy से जुड़े tourism
- देश के पश्चिमी तट पर गुजरात के सोमनाथ के पास एक जिला है-दीव। दीव में ‘INS खुखरी’ को समर्पित ‘Khukhri Memorial and Museum’ है।
- Goa में ‘naval aviation museum’ है, जो Asia में अपनी तरह का अनूठा संग्रहालय है।
- Fort Kochi के INS द्रोणाचार्य में ‘Indian Naval Maritime Museum’ है। यहाँ हमारे देश की Maritime history और Indian Navy के evolution को देखा जा सकता है।
- श्रीविजयापुरम जिसे पहले Port Blair कहा जाता था, वहाँ ‘समुद्रिका- Naval Marine Museum’ उस क्षेत्र के समृद्ध इतिहास को सामने लाने के लिए जाना जाता है।
- कारवार के रवीन्द्रनाथ टैगोर beach पर Warship Museum में मिसाइलों और हथियारों की replica रखी गई हैं।
- विशाखापत्तनम में भी एक submarine, helicopter और aircraft museum है, जो Indian Navy से जुड़ा है।
भगवान बुद्ध के पावन अवशेष
- पिछले महीने ही National Museum से भगवान बुद्ध के पावन अवशेषों को को रूस के कलमीकिया ले जाया गया था। यहां बौद्ध धर्म का विशेष महत्व है।
- इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया, वियतनाम और थाइलैंड भी ले जाया जा चुका है।
- कर्नाटका के गडग जिले के लोगों ने भी मिसाल कायम की है। कुछ साल पहले यहाँ के दो गाँव की झीलें पूरी तरह सूख गईं। एक समय ऐसा भी आया जब वहाँ पशुओं के पीने के लिए भी पानी नहीं बचा।
- धीरे-धीरे झील घास-फूस और झाड़ियों से भर गई। लेकिन गाँव के कुछ लोगों ने झील को पुनर्जीवित करने का फैसला किया और काम में जुट गए।
Fit India Carnival
दिल्ली में एक और भव्य आयोजन ने लोगों को बहुत प्रेरणा दी है, जोश से भर दिया है। एक Innovative Idea के रूप में पहली बार Fit India Carnival का आयोजन किया गया।
Rapper Hanumankind (हनुमान काइन्ड)
मशहूर Rapper Hanumankind (हनुमान काइन्ड) का नया Song “Run It Up” काफी Famous हो रहा है। इसमें कलारिपयट्टू, गतका और थांग-ता जैसी हमारी पारंपरिक Martial Arts को शामिल किया गया है।
फगवा चौताल का संबंध किस राज्य से है?
यह फ़िजी का बहुत ही लोकप्रिय ‘फगवा चौताल’ है। ये गीत और संगीत हर किसी में जोश भर देता है। यह फ़िजी का बहुत ही लोकप्रिय ‘फगवा चौताल’ है।
Singapore Indian Fine Arts Society
यह एक संगठन है जो वर्षों से भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। भारतीय नृत्य, संगीत और संस्कृति को संरक्षित करने में जुटे इस संगठन ने अपने गौरवशाली 75 साल पूरे किए हैं।
Textile waste
Textile waste से निपटने में कुछ शहर भी अपनी नई पहचान बना रहे हैं। हरियाणा का पानीपत textile recycling के global hub के रूप में उभर रहा है।
- बेंगलुरू भी Innovative Tech Solutions से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। यहाँ आधे से ज्यादा Textile waste को जमा किया जाता है, जो हमारे दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल है।
- इसी प्रकार तमिलनाडु का Tirupur Waste Water Treatment और renewable energy के माध्यम से textile waste management में जुटा हुआ है।
2025 के योग दिवस का थीम क्या है?
साल 2025 के योग दिवस की theme रखी गई है, ‘Yoga for One Earth One Health’. यानि हम योग के जरिए पूरे विश्व को स्वस्थ बनाने की कामना करते हैं।
Somos India
Somos India नाम की team जिसके बारे मे प्रधान मंत्री ने चर्चा किया। Spanish में इसका अर्थ है - We are India. यह टीम करीब एक दशक से योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने में जुटी है। उनका focus treatment के साथ-साथ educational programmes पर भी है। वे आयुर्वेद और योग से संबंधित जानकारियों को Spanish language में translate भी करवा रहे हैं।
महुआ के फूल
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में महुआ के फूल से cookies बनाए जा रहे हैं।
- राजाखोह गांव की चार बहनों के प्रयास से ये cookies बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। इन महिलाओं का जज्बा देखकर एक बड़ी company ने इन्हें factory में काम करने की training दी।
- तेलंगना के आदिलाबाद जिले में भी दो बहनों ने महुआ के फूलों से नया experiment किया है। वो इनसे तरह-तरह के पकवान बनाती हैं, जिन्हें लोग बहुत पसंद करते हैं।
कृष्ण कमल
- कृष्ण कमल एक शानदार फूल है जो गुजरात मे पाया जाता है।
- गुजरात के एकता नगर में Statue of Unity के आसपास आपको ये कृष्ण कमल बड़ी संख्या में दिखेंगें।
- ये कृष्ण कमल एकता नगर के आरोग्य वन, एकता नर्सरी, विश्व वन और Miyawaki forest में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं।
- श्री अब्दुल्ला अल-बारुन ने रामायण और महाभारत का अरबी में अनुवाद किया है का संबंध किस देश से है- कुवैत
- एरलिंदा गार्सिआ (Erlinda Garcia) जो युवाओं को भरतनाट्यम सिखा रही हैं और मारिया वालदेस (Maria Valdez) ओडिसी नृत्य का प्रशिक्षण दे रही हैं, उनका संबंधी किस देश से है- पेरू
Deer Women के नाम से किसे बुलाया जाता है?
- अनुराधा राव, अंडमान निकोबार-अनुराधा राव, अंडमान निकोबार का नाता अंडमान निकोबार आइलैंड से रहा है। अनुराधा जी ने कम उम्र में ही Animal Welfare के लिए खुद को समर्पित कर दिया था। तीन दशकों से उन्होंने हिरण और मोर की रक्षा को अपना mission बनाया। यहां के लोग तो उन्हें ‘Deer Woman’ के नाम से बुलाते हैं।
कार्थुम्बी छाता का संबंधी किस राज्य से है-केरल
- कार्थुम्बी छाते’ को तैयार किया जाता है केरला के अट्टापडी में इन छातों को ‘वट्टालक्की सहकारी कृषि सोसाइटी’ की देखरेख में बनाया जाता है।
किस देश ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी को सम्मान दिया है?
- तुर्कमेनिस्तान
तुर्कमेनिस्तान में इस साल मई में वहाँ के राष्ट्रीय कवि की 300वीं जन्म-जयंती मनाई गई। इस अवसर पर तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति ने दुनिया के 24 प्रसिद्ध कवियों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इनमें से एक प्रतिमा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी की भी है। ये गुरुदेव का सम्मान है, भारत का सम्मान है।
Araku coffee का संबंध किस राज्य से है?
- आंध्र प्रदेश
- ये अपने rich flavor और aroma के लिए जानी जाती है।
कब्बन पार्क का संबंधी किस शहर से है- बेंगलुरू
बेंगलुरू में एक पार्क है- कब्बन पार्क ! इस पार्क में यहाँ के लोगों ने एक नई परंपरा शुरू की है। यहाँ हफ्ते में एक दिन, हर रविवार बच्चे, युवा और बुजुर्ग आपस में संस्कृत में बात करते हैं। इतना ही नहीं, यहाँ वाद- विवाद के कई session भी संस्कृत में ही आयोजित किए जाते हैं। इनकी इस पहल का नाम है – संस्कृत weekend ! इसकी शुरुआत एक website के जरिए समष्टि गुब्बी जी ने की है।
- 30 जून को आकाशवाणी का संस्कृत बुलेटिन अपने प्रसारण के 50 साल पूरे कर रहा है।
- एक भारतीय space-tech start-up बेंगलुरू के Pixxel (पिक्सेल) ने भारत का पहला निजी satellite constellation – ‘Firefly’ (फायर-फ्लाई), सफलतापूर्वक launch किया है।
- मिज़ोरम की राजधानी आइजवाल में एक खूबसूरत नदी है ‘चिटे लुई’, जो बरसों की उपेक्षा के चलते, गंदगी और कचरे के ढेर में बदल गई |
- पिछले कुछ वर्षों में इस नदी को बचाने के लिए प्रयास शुरू हुए हैं |
- इसके लिए स्थानीय एजेंसियां, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोग, मिलकर, save चिटे लुई action plan भी चला रहे हैं |
- जब अंतरिक्ष में दो spacecraft connect किए जाते हैं, तो, इस प्रक्रिया को Space Docking कहते हैं।
- यह तकनीक अंतरिक्ष में space station तक supply भेजने और crew mission के लिए अहम है।
- भारत ऐसा चौथा देश बना है, जिसने ये सफलता हासिल की है।
English is Easy: जानें Continuous और Continual शब्द के प्रयोग में अंतर और सामान्य गलतियां
बैंकिंग, एसएससी, रेलवे जैसे विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले एस्पिरेंट्स को अक्स अंग्रेजी में कामन एरर के अंतर्गत कन्फ्यूजिंग अंग्रेजी के वर्ड से आमना सामना होता हैं। ऐसे हीं दो वर्ड है Continuous और Continual।
कंटीन्यूअस और कंटीन्यूअल के बीच अंतर
Continuous – इस शब्द का इस्तेमाल हम सामान्यत: किसी ऐसी चीज़ के लिए किया जाता है जो बिना किसी ब्रेक या रुकावट के होती है।
Continual – इस शब्द का इस्तेमाल किसी ऐसी चीज़ के लिए किया जाता है जो रुक-रुक के अर्थात किसी समय में बार-बार होती है।
कंटीन्यूअस और कंटीन्यूअल के बीच मुख्य अंतर यह है कि "कंटीन्यूअस" का मतलब है कुछ ऐसा होना जो बिना रुके, बिना किसी रुकावट के हो रहा हो। "कंटीन्यूअल" का मतलब है कि कुछ बार-बार होता है, लेकिन बीच-बीच में ब्रेक के साथ।
दोनों शब्दों के बीच के अंतर को समझने के लिए उनके प्रयोग और वाक्य संरचना के साथ स्पष्ट हो जायेगा.
Continuous शब्द एक विशेषण है जिसका शाब्दिक मतलब होता है लगातार समय या बिना रुके या किसी ब्रेक के.
Continual शब्द भी एक विशेषण है जिसका अर्थ होता है निरंतर या बार-बार होने वाला परंतु रुकावटों के साथ।
Watch Video-सुनहरी चिकन बॉल्स की रेसिपी – हर बाइट में स्वाद का धमाका!
चिकन बॉल्स बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम, रसीले होते हैं और सही सामग्री और विधि अपनाकर आप घर पर ही रेस्टोरेंट जैसा टेस्ट पा सकते हैं।
आइए जानें इसकी पूरी रेसिपी:
गर्म, कुरकुरी, सुनहरी चिकन बॉल्स बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप इसे समय देकर बनाएं ताकि यह स्वादिष्ट और खास प्रकार का रेसिपी बन जाए। इसके लिए जरूरी सामग्री निम्न है-
ज़रूरी सामग्री (Ingredients)
चिकन कीमा – 500 ग्राम
प्याज़ – 1 (बारीक कटा हुआ)
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 टेबलस्पून
हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी हुई)
हरा धनिया – 2 टेबलस्पून (कटा हुआ)
काली मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून
लाल मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून
गरम मसाला – ½ टीस्पून
नमक – स्वादानुसार
ब्रेड क्रम्ब्स – ½ कप
अंडा – 1 (फेंट लें)
कॉर्नफ्लोर – 2 टेबलस्पून
तेल – तलने के लिए
1. तैयारी करें
इस को बनाने के लिए चिकन को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें और एक बड़े कटोरे में रख दें। दूसरी तरफ, ओवन को गरम करें और अब एक बड़े बर्तन में चिकन कीमा, बारीक कटा प्याज़, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक-लहसुन पेस्ट, काली मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और नमक डालें।
2. मिश्रण बनाएं
अब इस मिश्रण में ब्रेड क्रम्ब्स, अंडा और कॉर्नफ्लोर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब प्याज़ को चॉपिंग बोर्ड पर रखें और अच्छे से काट लें। फिर पनीर लें और उसे अच्छे से काट लें और चिकन को पीस लें। पनीर और चिकन को अलग-अलग कटोरी में रखें। इसके बाद लहसुन लें और उसे अच्छे से काट लें। मिश्रण को 15-20 मिनट के लिए फ्रिज में रखें ताकि वह सेट हो जाए।
3. बॉल्स बनाएं
अब इस मिश्रण से छोटे-छोटे गोल बॉल्स बनाएं। अगर मिश्रण चिपक रहा हो तो हाथों पर हल्का तेल लगाएं। चिकन बिल्कुल बारीक कीमा होना चाहिए, तब ही बॉल्स अच्छे बनेंगे। आप चाहें तो ब्रेड क्रम्ब्स की जगह सूजी (रवा) भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. तलना (Frying)
एक कड़ाही में तेल गरम करें और गरम तेल में मध्यम आंच पर चिकन बॉल्स को गोल्डन ब्राउन और क्रिस्पी होने तक तलें। इसमें कटा हुआ प्याज डालें और पारदर्शी होने तक भूनें। अब एक बड़ा कटोरा लें और उसमें तले हुए प्याज, पिसा हुआ चिकन, बिस्किट मिक्स, कसा हुआ पनीर, कटा हुआ लहसुन और मिर्च के गुच्छे को एक साथ मिलाएँ। इन चिकन बॉल्स को तब तक बेक करें जब तक कि वे भूरे रंग के न हो जाएँ। तेल से निकालकर पेपर नैपकिन पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
इन चिकन बॉल्स को आप ग्रीन चटनी, मयोनीज़ या टमैटो सॉस के साथ गरमा गरम परोस सकते हैं। चाहें तो इन्हें नूडल्स या फ्राइड राइस के साथ भी परोसा जा सकता है।
मन की बात: जानें कहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर मिलता है भरपेट खाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अर्थात 26 अक्टूबर 2025 को लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 127वीं कड़ी का सम्बोधन किया. कार्यक्रम के दौरान प्रधान मंन्त्री ने छठ के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए इसे श्रद्धा, अपनापन और परंपरा का पर्व बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि छठ का व्रत रखने वाली महिलाएं जिस समर्पण और निष्ठा से इस पर्व की तैयारी करती हैं वो अपने आप में बहुत प्रेरणादायक है।
इस दौरान नरेंद्र मोदी ने एक ऐसे स्थल का चर्चा भी किया जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता और स्वच्छता के प्रयास चर्चा करते हुए कहा की छतीसगढ़ के अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में Garbage Cafe चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे cafe हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये cafe अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।
मेरा जीवन मेरा सबसे बड़ा शिक्षक-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
उल्लेखनीय है कि लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात ने हाल हीं में अपना 125 वे संस्करण का प्रसारण हुआ था. आधिकारिक तौर पर मन की बात कार्यक्रम का आरम्भ 3 अक्टूबर 2014को हुआ था. शुरू होने के बाद, कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधान मंत्री की आवाज और विचारों को भारत के आम लोगों तक पहुंचाना है। 'मन की बात' कार्यक्रम में वह विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हैं और नागरिकों से जुड़े विचारों को शामिल करते हैं।आज सफलता और लोकप्रियता की नए कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है।
Daily Current Affairs Quiz Nov 24, 2025: Complete GK Dose
- राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में आज अर्थात 24 नवंबर, 2025 को न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने राष्ट्रपति के समक्ष भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
- न्यायमूर्ति सूर्यकान्त का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हिसार (हरियाणा) में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था।
- पूरे विश्व कप की खास विशेषता यह रही कि भारतीय टीम पूरी सीरीज़ में अजेय रही।
- धर्मेंद्र जिन्हें बॉलीवुड के हीमेन के नाम से जाना जाता है, उनका जन्म 8 दिसंबर 1935 को लुधियाना में हुआ था।
- धर्मेंद्र ने 2004 से 2009 तक राजस्थान के बीकानेर का प्रतिनिधित्व संसदीय क्षेत्र का किया था।
- 1997 का फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
- 1990 में बनी फिल्म घायल के लिए सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ।
- 2007 में अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी से लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
- 2005 में ज़ी सिने अवार्ड्स से भी सम्मानित किया गया था।
History Quiz in MCQs with Answers: Boost Your GK-जानें भारत के बारे में यूनिक जानकारी
अगर आप विभिन्न कॉम्पटीटिव एग्जाम जैसे रेलवे, SSC, State PSC, बैंकिंग,UPSC के लिए आवेदन किया है तो आपके लिए हम लाएं है इतिहास के लिय प्रश्नों का कलेक्शन.ए वैसे कलेक्शन हैं जो विभिन्न कॉम्पटीटिव एग्जाम में पूछे गए हैं.
a) रवीन्द्रनाथ टैगोर
b) पिंगली वेंकैया
c) बाल गंगाधर तिलक
d) लाला लाजपत राय
उत्तर: b) पिंगली वेंकैया
भारत का स्वतंत्रता दिवस किस दिन मनाया जाता है?
a) 26 जनवरी
b) 2 अक्टूबर
c) 15 अगस्त
d) 14 नवंबर
उत्तर: c) 15 अगस्त
भारत को स्वतंत्रता किस वर्ष मिली थी?
a) 1945
b) 1947
c) 1950
d) 1952
उत्तर: b) 1947
‘वंदे मातरम्’ गीत किसकी रचना है?
a) रवीन्द्रनाथ टैगोर
b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
c) महात्मा गांधी
d) पिंगली वेंकैया
उत्तर: b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
स्वतंत्र भारत में पहली डाक सेवा की शुरुआत कब हुई?
a) 1947
b) 1948
c) 1950
d) 1952
उत्तर: a) 1947
भारतीय ध्वज में हरे रंग का क्या अर्थ है?
a) साहस
b) शांति
c) विकास और उर्वरता
d) न्याय
उत्तर: c) विकास और उर्वरता
स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले पर भाषण देने वाले प्रधानमंत्री कौन थे?
a) पंडित नेहरू
b) लाल बहादुर शास्त्री
c) इंदिरा गांधी
d) मोरारजी देसाई
उत्तर: a) पंडित नेहरू
किस देश ने 15 अगस्त 1947 को भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त की?
a) श्रीलंका
b) पाकिस्तान
c) बांग्लादेश
d) म्यांमार
उत्तर: b) पाकिस्तान
स्वतंत्रता दिवस पर कौन सा राष्ट्रीय प्रतीक फहराया जाता है?
a) अशोक स्तंभ
b) राष्ट्रीय ध्वज
c) राष्ट्रीय पक्षी
d) राष्ट्रीय चिन्ह
उत्तर: b) राष्ट्रीय ध्वज
15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन बने?
a) महात्मा गांधी
b) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
c) जवाहरलाल नेहरू
d) सरदार पटेल
उत्तर: c) जवाहरलाल नेहरू
भारत का राष्ट्रीय ध्वज किसने डिजाइन किया था?
a) रवीन्द्रनाथ टैगोर
b) पिंगली वेंकैया
c) बाल गंगाधर तिलक
d) लाला लाजपत राय
उत्तर: b) पिंगली वेंकैया
‘भारत छोड़ो आंदोलन’ कब शुरू हुआ था?
a) 1940
b) 1941
c) 1942
d) 1943
उत्तर: c) 1942
भारतीय राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के रचयिता कौन हैं?
a) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
b) रवीन्द्रनाथ टैगोर
c) पंडित नेहरू
d) महात्मा गांधी
उत्तर: b) रवीन्द्रनाथ टैगोर
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कहाँ से भाषण देते हैं?
a) संसद भवन
b) इंडिया गेट
c) लाल किला
d) राष्ट्रपति भवन
उत्तर: c) लाल किला
15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन बने?
a) महात्मा गांधी
b) जवाहरलाल नेहरू
c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
d) सरदार पटेल
उत्तर: b) जवाहरलाल नेहरू
भारतीय राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के रचयिता कौन हैं?
a) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
b) रवीन्द्रनाथ टैगोर
c) पंडित नेहरू
d) महात्मा गांधी
उत्तर: b) रवीन्द्रनाथ टैगोर
‘भारत छोड़ो आंदोलन’ कब शुरू हुआ था?
a) 1940
b) 1941
c) 1942
d) 1943
उत्तर: c) 1942
स्वतंत्र भारत में पहले राष्ट्रपति के रूप में किसने शपथ ली?
a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
b) पंडित नेहरू
c) सी. राजगोपालाचारी
d) मौलाना आज़ाद
उत्तर: a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
स्वतंत्रता के समय भारत का राष्ट्रगान आधिकारिक रूप से कब अपनाया गया?
a) 15 अगस्त 1947
b) 26 जनवरी 1950
c) 24 जनवरी 1950
d) 2 अक्टूबर 1947
उत्तर: c) 24 जनवरी 1950
15 अगस्त 1947 को भारत का पहला डाक टिकट किस विषय पर था?
a) राष्ट्रीय ध्वज
b) अशोक स्तंभ
c) महात्मा गांधी
d) इंडिया पोस्ट
उत्तर: a) राष्ट्रीय ध्वज
15 अगस्त 1947 को पहली बार राष्ट्रीय ध्वज किसने फहराया था?
a) महात्मा गांधी
b) पंडित नेहरू
c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
d) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
उत्तर: b) पंडित नेहरू
स्वतंत्रता के समय भारत का विभाजन किस अधिनियम के तहत हुआ था?
a) भारत शासन अधिनियम 1935
b) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947
c) भारतीय परिषद अधिनियम 1909
d) मॉण्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार 1919
उत्तर: b) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947
स्वतंत्र भारत के पहले रक्षा मंत्री कौन थे?
a) बलदेव सिंह
b) सरदार पटेल
c) बी. आर. अंबेडकर
d) मौलाना आज़ाद
उत्तर: a) बलदेव सिंह
15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री का पहला भाषण किस नाम से प्रसिद्ध है?
a) “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी”
b) “भारत के नाम संदेश”
c) “सपनों का भारत”
d) “आजादी का संकल्प”
उत्तर: a) “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी”
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री कहाँ से भाषण देते हैं?
a) संसद भवन
b) इंडिया गेट
c) लाल किला
d) राष्ट्रपति भवन
उत्तर: c) लाल किला
‘वंदे मातरम्’ गीत किसकी रचना है?
a) रवीन्द्रनाथ टैगोर
b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
c) महात्मा गांधी
d) पिंगली वेंकैया
उत्तर: b) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
किस देश ने 15 अगस्त 1947 को भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त की?
a) श्रीलंका
b) पाकिस्तान
c) बांग्लादेश
d) म्यांमार
उत्तर: b) पाकिस्तान
राष्ट्रीय ध्वज में सफेद रंग का क्या अर्थ है?
a) शांति और सत्य
b) साहस और बलिदान
c) समृद्धि और विकास
d) दृढ़ संकल्प
उत्तर: a) शांति और सत्य
स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल कौन थे?
a) लॉर्ड माउंटबैटन
b) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
c) सी. राजगोपालाचारी
d) सरदार पटेल
उत्तर: a) लॉर्ड माउंटबैटन
‘पूर्ण स्वराज’ का प्रस्ताव कब पारित हुआ था?
a) 1928
b) 1929
c) 1930
d) 1931
उत्तर: b) 1929
‘करो या मरो’ का नारा किस आंदोलन में दिया गया था?
a) असहयोग आंदोलन
b) स्वदेशी आंदोलन
c) भारत छोड़ो आंदोलन
d) नमक सत्याग्रह
उत्तर: c) भारत छोड़ो आंदोलन
15 अगस्त 1947 को राष्ट्रीय ध्वज पहली बार कहाँ फहराया गया था?
a) संसद भवन
b) लाल किला
c) किंग्सवे कैंप, दिल्ली
d) राष्ट्रपति भवन
उत्तर: b) लाल किला
स्वतंत्रता दिवस का पहला मुख्य समारोह किसने आयोजित किया था?
a) राष्ट्रपति
b) प्रधानमंत्री
c) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
d) संविधान सभा
उत्तर: b) प्रधानमंत्री
अशोक चक्र में कितनी तीलियां होती हैं?
a) 22
b) 24
c) 26
d) 28
उत्तर: b) 24
भारत के अंतिम वायसराय कौन थे?
a) लॉर्ड वेवेल
b) लॉर्ड माउंटबैटन
c) सी. राजगोपालाचारी
d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
उत्तर: b) लॉर्ड माउंटबैटन
भारत की स्वतंत्रता के समय इंग्लैंड का प्रधानमंत्री कौन था?
a) विंस्टन चर्चिल
b) क्लेमेंट एटली
c) नेविल चेम्बरलिन
d) हेरॉल्ड मैकमिलन
उत्तर: b) क्लेमेंट एटली
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति का मुख्य कार्य क्या होता है?
a) ध्वजारोहण
b) राष्ट्र को संबोधित करना
c) भाषण देना
d) परेड निरीक्षण
उत्तर: b) राष्ट्र को संबोधित करना
स्वतंत्रता दिवस 2025 कौन सा होगा?
a) 77वां
b) 78वां
c) 79वां
d) 80वां
उत्तर: b) 78वां
15 अगस्त 1947 को भारत का पहला ध्वजारोहण किस समय हुआ था?
a) 12:00 मध्य रात्रि
b) सुबह 8:00 बजे
c) सुबह 9:00 बजे
d) 12:00 दोपहर
उत्तर: a) 12:00 मध्य रात्रि
स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल कौन बने?
a) सी. राजगोपालाचारी
b) लॉर्ड माउंटबैटन
c) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
d) पंडित नेहरू
उत्तर: a) सी. राजगोपालाचारी
15 अगस्त को किस देश का स्वतंत्रता दिवस भी मनाया जाता है?
a) सिंगापुर
b) कोरिया
c) बहरीन
d) उपरोक्त सभी
उत्तर: d) उपरोक्त सभी
स्वतंत्रता दिवस पर होने वाली गार्ड ऑफ ऑनर में कितनी बंदूकें सलामी देती हैं?
a) 17
b) 21
c) 24
d) 31
उत्तर: b) 21
भारत में पहली बार “स्वतंत्रता दिवस” (ब्रिटिश शासन के खिलाफ) कब मनाया गया था?
a) 1929
b) 1930
c) 1931
d) 1932
उत्तर: b) 1930
स्वतंत्रता दिवस के दौरान लाल किले पर होने वाली परेड में कौन-सा दस्ते की अगुवाई करता है?
a) सेना
b) नौसेना
c) वायुसेना
d) तीनों सेनाओं का संयुक्त दस्ता
उत्तर: d) तीनों सेनाओं का संयुक्त दस्ता
स्वतंत्र भारत में पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री कौन थे?
a) बी.वी. केसकर
b) पंडित नेहरू
c) सरदार पटेल
d) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
उत्तर: d) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
स्वतंत्रता के समय भारत में कुल कितने प्रांत थे?
a) 11
b) 14
c) 17
d) 21
उत्तर: c) 17
स्वतंत्र भारत का पहला गणतंत्र दिवस किस तारीख को मनाया गया?
a) 15 अगस्त 1947
b) 26 जनवरी 1950
c) 26 नवंबर 1949
d) 2 अक्टूबर 1950
उत्तर: b) 26 जनवरी 1950
स्वतंत्रता के समय भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष कौन थे?
a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
b) डॉ. भीमराव अंबेडकर
c) पंडित नेहरू
d) के.एम. मुंशी
उत्तर: b) डॉ. भीमराव अंबेडकर
स्वतंत्र भारत के पहले विदेश मंत्री कौन थे?
a) पंडित नेहरू
b) मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
c) वी.के. कृष्ण मेनन
d) सरदार पटेल
उत्तर: a) पंडित नेहरू
भारत की आज़ादी का निर्णय लेने वाला ब्रिटिश प्रधानमंत्री कौन था?
a) विंस्टन चर्चिल
b) क्लेमेंट एटली
c) स्टेनली बॉल्डविन
d) नेविल चेम्बरलिन
उत्तर: b) क्लेमेंट एटली
15 अगस्त 1947 को रेडियो पर पहला आधिकारिक संदेश किसने दिया था?
a) महात्मा गांधी
b) पंडित नेहरू
c) लॉर्ड माउंटबैटन
d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
उत्तर: b) पंडित नेहरू
स्वतंत्रता दिवस पर अशोक चक्र का रंग कौन सा होता है?
a) लाल
b) नीला
c) हरा
d) काला
उत्तर: b) नीला
स्वतंत्र भारत के पहले रेल मंत्री कौन थे?
a) जॉन मथाई
b) लाल बहादुर शास्त्री
c) सी. राजगोपालाचारी
d) के.एम. मुंशी
उत्तर: a) जॉन मथाई
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई थी?
a) 1875
b) 1885
c) 1890
d) 1901
उत्तर: b) 1885
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा फहराए जाने वाला ध्वज किस आकार का होता है?
a) 3:2
b) 2:3
c) 4:3
d) 5:3
उत्तर: a) 3:2
भारत छोड़ो आंदोलन के समय भारत के वायसराय कौन थे?
a) लॉर्ड लिनलिथगो
b) लॉर्ड माउंटबैटन
c) लॉर्ड वेवेल
d) लॉर्ड इरविन
उत्तर: a) लॉर्ड लिनलिथगो
स्वतंत्र भारत का पहला बजट किसने प्रस्तुत किया था?
a) आर.के. शनमुखम चेट्टी
b) सी.डी. देशमुख
c) मोरारजी देसाई
d) पंडित नेहरू
उत्तर: a) आर.के. शनमुखम चेट्टी
“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” नारा किसने दिया?
a) महात्मा गांधी
b) बाल गंगाधर तिलक
c) भगत सिंह
d) सुभाष चंद्र बोस
उत्तर: b) बाल गंगाधर तिलक
‘आजाद हिंद फौज’ की स्थापना किसने की?
a) भगत सिंह
b) सुभाष चंद्र बोस
c) चंद्रशेखर आज़ाद
d) रास बिहारी बोस
उत्तर: d) रास बिहारी बोस
भारतीय ध्वज में केसरिया रंग का क्या अर्थ है?
a) त्याग और साहस
b) शांति और एकता
c) बलिदान और वीरता
d) विकास और समृद्धि
उत्तर: a) त्याग और साहस
स्वतंत्रता दिवस 1947 के अवसर पर किस शहर में सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था?
a) दिल्ली
b) कोलकाता
c) मुंबई
d) इलाहाबाद
उत्तर: b) कोलकाता
स्वतंत्रता दिवस पर गार्ड ऑफ ऑनर में शामिल जवान किस यूनिफॉर्म में होते हैं?
a) खाकी
b) सफेद
c) नीली
d) कैमोफ्लाज
उत्तर: b) सफेद
धन और संपत्ति अर्जित करने के लिए अपनाएँ वॉरेन बफेट के मनी मैनेजमेंट मंत्र
वॉरेन बफेट कौन हैं?
वॉरेन बफेट एक अमेरिकी व्यवसायी, निवेशक और परोपकारी व्यक्ति हैं। अपने अनूठे दृष्टिकोण के कारण, वे आज ऑनलाइन धन प्रबंधन उद्योग में सबसे अधिक खोजे जाने वाले व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं।
वॉरेन एडवर्ड बफेट का जन्म 30 अगस्त, 1930 को हुआ था। वे वर्तमान में बर्कशायर हैथवे के अध्यक्ष और सीईओ हैं।
ऐसा कहा जाता है कि व्यवसायी वॉरेन बफेट को हार्वर्ड विश्वविद्यालय से अस्वीकार कर दिया गया था, फिर भी वे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और धनी मूल्य निवेशकों में से एक हैं।
बफेट के दर्शन
आज बफेट के दर्शन और उद्धरण दुनिया भर के सभी युवाओं और निवेशकों के लिए एक मार्गदर्शक और सफलता के सूत्र बन गए हैं। आज सभी निवेशक और व्यवसायी बनने का सपना देखने वाले युवा उनकी सलाह का पालन करते हैं। आज बफेट को "ओमाहा का ओरेकल" उपनाम दिया गया है, जो उनके गृह राज्य नेब्रास्का का संदर्भ है।
वॉरेन एडवर्ड बफेट विशेष रूप से निवेशकों और युवा व्यवसायियों के लिए अपने अनूठे दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। बफेट के सबसे प्रासंगिक उद्धरणों में से एक है- "कीमत वह है जो आप चुकाते हैं, मूल्य वह है जो आपको मिलता है।" यह प्रसिद्ध उद्धरण "मूल्य निवेशक" के दृष्टिकोण पर प्रहार करता है और बफेट ने अपनी दौलत कैसे बनाई, इसका रहस्य उजागर करता है।
अपने अनूठे विचारों और दृष्टिकोण से, आज उन्होंने अपनी सोच और जीवन के प्रति दृष्टिकोण से लाखों युवाओं को प्रभावित किया है। यहाँ हम आपको बफेट के प्रसिद्ध उद्धरण प्रदान करेंगे, जो "मूल्य निवेशकों" और अन्य लोगों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- कीमत वह है जो आप चुकाते हैं, मूल्य वह है जो आपको मिलता है। वॉरेन बफेट
- आज कोई छाया में बैठा है क्योंकि किसी ने बहुत पहले एक पेड़ लगाया था। - वॉरेन बफेट
- प्रतिभा या प्रयास चाहे कितने भी महान क्यों न हों, कुछ चीज़ों में समय लगता है। आप नौ महिलाओं को गर्भवती करके एक महीने में बच्चा पैदा नहीं कर सकते। - वॉरेन बफेट
- सफल लोगों और सचमुच सफल लोगों के बीच का अंतर यह है कि सचमुच सफल लोग लगभग हर चीज़ के लिए 'नहीं' कह देते हैं। - वॉरेन बफेट
- जब दूसरे लालची हों तो डरो और जब दूसरे डरे हुए हों तो लालची बनो। - वॉरेन बफेट
- जोखिम तब आता है जब आपको पता ही नहीं होता कि आप क्या कर रहे हैं। - वॉरेन बफेट
- अगर आप खुद को गड्ढे में पाते हैं तो सबसे ज़रूरी काम है खुदाई बंद कर देना। - वॉरेन बफेट
- नियम संख्या 1: कभी पैसा मत गँवाओ। नियम संख्या 2: नियम संख्या 1 को कभी मत भूलना।- वॉरेन बफेट
- ऐसा लगता है कि कोई विकृत मानवीय विशेषता है जो आसान चीज़ों को मुश्किल बना देती है। - वॉरेन बफेट
नजरिया जीने का : बुद्ध दर्शन-सत्य के मार्ग पर चलने वाले को किन दो भूलों से बचना चाहिए
नजरिया जीने का : गौतम बुद्ध, जिन्हें "शांत" और "ज्ञानोदय" के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, जीवन जीने का एक अनूठा और गहन नजरिया प्रदान करते हैं।गौतम बुद्ध कहते हैं, अगर आप जीवन में शांति और खुशी चाहते हैं तो कभी भी भूतकाल और भविष्य काल में न उलझें। वह कहते हाँ कि सत्य की राह पर चलने वाला मनुष्य जीवन में दो ही गलतियां कर सकता है- पहला या तो पूरा रास्ता तय नहीं करता और दूसरा कि वह शुरुआत ही नहीं करता।
बुद्ध से सीखने के कुछ महत्वपूर्ण पहलू:
वर्तमान पर ध्यान दें: बुद्ध हमें वर्तमान क्षण में जीने का महत्व सिखाते हैं। अतीत के पछतावे या भविष्य की चिंता में फंसने के बजाय, हमें वर्तमान क्षण की सुंदरता और संभावनाओं को स्वीकार करना चाहिए। भूतकाल पर ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पर केंद्रित करो।
अपने विचारों को संभालें: "आपके सबसे बड़े दुश्मन को भी उतना नुकसान नहीं पहुँचा सकता जितना कि आपके अपने असुरक्षित विचार।
करुणा और दया: बुद्ध की शिक्षाओं का केंद्र करुणा और दया है। हमें दूसरों के प्रति दयालु और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए, चाहे वे कोई भी हों। घृणा को घृणा से खत्म नहीं किया जा सकता है, बल्कि इसे प्रेम से ही खत्म किया जा सकता है जो की एक प्राकृतिक सत्य है.
क्रोध से बचें: गौतम बुद्ध का कहना है कि क्रोध एक दण्ड है साथ हीं क्रोध एक जहर और आग है जो तुम्हें जला देगी। उनका कहना है कि क्रोध को हर प्रकार शमन किया जाना जरूरी है अगर जीवन मे शांति कि तलाश है। "किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं, हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं और अपने लिए प्रयास करने लगते हैं."
मन को वश में करें: गौतम बुद्ध ने कहा है कि जिसने अपने मन को वश में कर लिया उसने शांति को प्राप्त कर लिया। इसके लिए सबसे जरूरी इस बात की हैं कि हम अपने मन को अपने वश मे करें जो कि संतोष के साथ जीने का अवसर प्रदान करती है।
अपने कार्यों के प्रति जागरूक रहें: "हम वही हैं जो बार-बार करते हैं। उत्कृष्टता तब एक क्रिया नहीं बल्कि एक आदत बन जाती है।"
खुद को जानो: बुद्ध ने हमें अपने विचारों, भावनाओं और कार्यों के बारे में जागरूक होने का महत्व सिखाया। उनका कहना है ki आत्म-जागरूकता से ही हम अपने जीवन में बदलाव ला सकते हैं। स्वयं की विजय सबसे बड़ी विजय है। आप चाहें जितनी किताबें पढ़ लें, कितने भी अच्छे प्रवचन सुन लें, उनका कोई फायदा नहीं होगा, जब तक कि आप उनको अपने जीवन में नहीं अपनाते.
सीखने की यात्रा पर रहें: सीखने की कभी समाप्ति नहीं होती और यह जीवन का सतत प्रक्रिया है। उनका कहना है कि अज्ञानी व्यक्ति एक बैल के समान है वह ज्ञान में नहीं बल्कि आकार में बढ़ता है।
शांति का मार्ग अपनाएं: शांति अपने आप में नहीं आती है; यह उपलब्धि है जिसे बुद्धि, करुणा और साहस से प्राप्त किया जाना चाहिए। नफरत से नफरत कभी खत्म नहीं हो सकती. नफरत को केवल प्यार द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है. यह एक प्राकृतिक सत्य है.
बुद्ध की शिक्षाओं को अपने जीवन में कैसे लागू करें:
- ध्यान: ध्यान एकाग्रता और आत्म-जागरूकता विकसित करने का एक शक्तिशाली तरीका है।
- सचेतता: अपने विचारों, भावनाओं और कार्यों के प्रति सचेत रहने का प्रयास करें।
- करुणा: दूसरों के प्रति दयालु और सहानुभूतिपूर्ण बनें।
- मध्यम मार्ग: चरम सीमाओं से बचें और संतुलित जीवन जीने का प्रयास करें।
- नैतिकता: सदाचारी जीवन जीने का प्रयास करें।
- गौतम बुद्ध की शिक्षाएं हमें एक अधिक शांतिपूर्ण, खुशहाल और सार्थक जीवन जीने में मदद कर सकती हैं।
- भविष्य के सपनों में मत खोओ और भूतकाल में मत उलझो सिर्फ वर्तमान पर ध्यान दो। -गौतम बुद्ध
- "इस दुनिया में कभी भी घृणा से घृणा शांत नहीं होती, बल्कि प्रेम (अहिंसा) से ही घृणा शांत होती है। यही शाश्वत नियम है।" । - गौतम बुद्ध
- क्रोध में हजारों शब्दों को गलत बोलने से अच्छा, मौन वह एक शब्द है जो जीवन में शांति लाता है।
- अपने विचारों का मालिक बनो, न कि अपने विचारों के गुलाम। - गौतम बुद्ध
- स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा संबंध है।गौतम बुद्ध
- घृणा घृणा से नहीं प्रेम से ख़त्म होती है, यह शाश्वत सत्य है। गौतम बुद्ध
- विवेकी पुरुष विचारों के परिणामों के आधार पर अपने कार्य को निर्णय करता है, और फिर कार्य करता है।-गौतम बुद्ध
- बुद्धिमान व्यक्ति अपने मन को शांत करता है, जैसे एक झील में पानी को शांत किया जा सकता है, ताकि अन्यत्र मछलियाँ तस्वीरें देख सकें।" - गौतम बुद्ध
- वहीं जीत है, जो दूसरों को जीतता है।-
- किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं, और अपने लिए प्रयास करने लगते हैं। -गौतम बुद्ध
Daily GK Update 18 November; इसरो स्पेस सम्मेलन और अन्य
- इस अवसर पर ईएसए अंतरिक्ष यात्री (नासा एसटीएस-66, एसटीएस-84, एसटीएस-103) श्री जीन-फ्रैंकोइस क्लेरवॉय का विशेष वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया, जिसमें मानव अंतरिक्ष उड़ान में वैश्विक सहयोग एवं साझा वैज्ञानिक सीख की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- इसरो अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन प्रशांत बी. नायर ने अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण सिमुलेशन, परिचालन तत्परता पर अपने अनुभव साझा किए।
- भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने 1984 के सोयुज मिशन की यादें साझा करते हुए एनएएल के दीर्घकालिक योगदान को सराहा।
- दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा कि भारत का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम शांतिपूर्ण अन्वेषण और मानव-केन्द्रित अनुसंधान पर आधारित है।
- वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 49 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्शाते हुए 1.3 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया।
- मुक्त व्यापार समझौते में सेवाओं, नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण संभावनाओं का पता लगाने की क्षमता है।
- न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले हैं।
Daily Current Affairs Quiz Nov 15, 2025: Complete GK Dose
हमारे आस-पास घटना वाली यह घटनााओं का किसी भी क्षेत्र से हो सकता हैं जैसे-जेनरल साइंस, इतिहास, राजनीति, खेल, इतिहास, कला, एस्ट्रोलॉजी, अध्यात्म, धर्म, साहित्य, सामान्य विज्ञान, भूगोल, चिकित्सा, बायोलॉजी, खेल, फिल्म, फैशन, वित्त, टेक्नोलॉजी आदि वह विषय है जिन पर हमारी नजर का होना जरुरी है क्योंकि विषयों से सम्बंधित जानकारी की अपेक्षा हर बुद्धिमान व्यक्ति से किया जाता है. प्रस्तुत हैं नवम्बर 15 को घटित सामान्य ज्ञान की एक झलक-
अभ्यास गरुड़ 25
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) तथा फ्रांस के के वायु एवं अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास 'गरुड़ 25' के आठवें संस्करण का आयोजन ।
- तिथि-16 से 27 नवंबर, 2025
- स्थान-फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में
ऋषभ पंत
- भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत टेस्ट में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
- ऐसा करते हुए उन्होंने वीरेंद्र सहवाग को पीछा छोड़ दिया है जिन्होंने 103 टेस्ट मुकाबलों में 90 छक्के लगाये थे.
- ऋषभ पंत ने टेस्ट करियर के 48 मुकाबलों में अब तक 92 छक्के लगाए हैं।
- 1. ऋषभ पंत-92 छक्के
- 2. वीरेंद्र सहवाग-90 छक्के
- 3. रोहित शर्मा-88 छक्के
- 4. रवींद्र जडेजा-80 छक्के
- 5. महेंद्र सिंह धोनी -78 छक्के
नागालैंड
- नागालैंड टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (एनटीटीसी) में कौशल विकास के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया।
- नागालैंड को एसएएससीआई आवंटन 3 सेक्टर से बढ़कर 2024-25 में 9 सेक्टर तक हो गया है।




.png)




