मन की बात: जानें किस वेबसाइट का चर्चा प्रधान मंत्री ने किया जो बताएगा एक क्लिक में देश का सम्पूर्ण इतिहास


मन की बात की 137वीं कड़ी में प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक खास वेबसाइट का चर्चा किया जिसका नाम है www.bharatrajya.com. प्रधानमंत्री ने इस के अंतर्गत वेबसाइट को बनाने वाले श्रीमान कृष्णा शेषाद्री से वार्तालाप भी किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि  
"कुछ समय पहले social media पर किसी ने लिखा था “आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इतिहास को रोचक बनाने के अपने प्रयास का शुभारंभ कर रहा हूँ।” उन्होंने आगे बताया ये idea बहुत ही simple है। आप इस website पर जाएँ और कोई भी एक वर्ष चुन लें। यहाँ आपको आसानी से पता चलेगा कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था। मुझे भी यह काफी दिलचस्प लगा। मैंने सोचा कि इसके बारे में और अधिक जानकारी ली जाए। मुझे पता चला कि ये काम मुंबई में रहने वाले श्रीमान कृष्णा शेषाद्री जी ने किया है। मजे की बात ये है कि कृष्णा जी ने website का नाम भी बहुत simple रखा है www.bharatrajya.com उन्होंने जो प्रयास किया है, उसकी जानकारी आप लोगों तक भी जरूर पहुंचनी चाहिए। इसलिए, मैंने सोचा कि क्यों न सीधे श्री कृष्णा जी से ही बात की जाए।"

प्रधानमंत्री : कृष्णा जी नमस्ते।

कृष्णा शेषाद्री : नमस्ते sir नमस्ते।

प्रधानमंत्री : भाई, मुझे पता चला है, न आप tech की दुनिया से हो, न आप history teacher हो, फिर भी, आपने technology का प्रयोग करके history की site बना डाली। तो मुझे बहुत उत्सुकता है, ये सब कैसे हुआ?

कृष्णा शेषाद्री: धन्यवाद sir आपसे बात करके बहुत मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है तो sir मेरे बारे अगर मैं थोड़ा बताऊँ, तो sir मैं एक engineer था, फिर मैंने MBA किया, फिर मैं marketing field में चला गया लेकिन ये सब जब भी करता था तब भी मेरे को बचपन से इतिहास (History) में बहुत interest था। तो I always wanted to do something on History, how to make it interesting and मेरे को ये भी लगता था कि हम जैसे History सिखाते हैं  उसमें हम बहुत improvement कर सकते हैं उसमें हम बहुत बदलाव लेकर आ सकते हैं History को एक कहानी बनाकर लोगों तक पहुंचा सकते हैं।

प्रधानमंत्री : कृष्णा जी, भारतीय इतिहास का ऐसा कौन-सा पहलू है, जिसके बारे में आपको लगा कि इसकी जानकारी ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को होनी चाहिए ?

कृष्णा शेषाद्री: Sir, अगर हम भारतीय इतिहास जैसे हमारे स्कूलों या  कॉलजों में सिखाया जाता है जैसा आप देखते हो वो एक कोई एक empire या कोई एक kingdom उसके दृष्टिकोण से, उसके नजरिए से सिखाया जाता है और वो empires को disproportionate attention भी मिलता है। इस चक्कर में बाकी के बहुत सारे जो हमारे साम्राज्य थे जो महान साम्राज्य थे जैसे cholas, pallavas, karkota dynasty था कश्मीर में Ahoms थे जिन्होंने कम से कम 600 साल असम में अपनी संस्कृति, अपनी values system को बरकरार रखा ये सबके बारे में हम नहीं जानते। तो मैंने सोचा कि कोई ऐसा कोई site बनाएं जो ऐसे महान साम्राज्य को भी लोगों से इनको introduce किया जाए।  

प्रधानमंत्री : कृष्णा जी आप इतनी मेहनत करते हैं, मैं ऐसे ही आपको hypothetical सवाल पूछता हूँ। अगर आपको Indian History के किसी भी तीन लोगों से बातचीत का अवसर मिले, तो आप किनसे बात करना चाहेंगे और क्यों ?

कृष्णा शेषाद्री: हाँ सर, तो पहले मैं बात करूंगा, राजाराजा चोला या राजेन्द्र चोला सर जो चोला साम्राज्य के सबसे most powerful या सबसे important राजाओं में से थे, तो मैं उनसे ये जानना चाहूँगा कि पहले उनको ये vision कैसे आया जैसे उन्होंने बृहदेश्वर temple या गंगईकोंडा चोलपुरम जो बड़े बड़े मंदिर हैं, शिवजी के मंदिर हैं, वो execute करने के लिए वो vision कहाँ से आया वो planning कैसे की, उनको वो thought कैसे आया कि हम ऐसा कुछ बना के जाएं जो अगले हजार या दो हजार साल तक दूसरे लोगों को प्रेरित कर सके।  तो वो मुझे उनसे जानना है। और दूसरी जो personality हैं ये actually मेरे हिसाब से Indian history में एक बहुत under rated personality है।  सर उनका नाम है हेमू, तो हम उनके बारे में ज्यादा-से-ज्यादा Indian इतिहास में दो या तीन line पढ़ते हैं। हमको ये नहीं पता है कि वो जो हेमू जो थे वो एक common man थे, एक साधारण इंसान थे, वो एक व्यापारी थे, उधर से उन्होंने एक empire खड़ा किया और वो not only वो एक empire builder थे वो एक military thinker भी थे, military genius थे जिन्होंने अपने carrier में 23 लड़ाईयाँ लड़ीं उसमें से उन्होंने 22 लड़ाईयां जीतीं, तो उनका thought process कैसा था, और वो कैसे एक आम आदमी से इतने बड़े राजा बने, वो उनका वो journey मैं जानने की बहुत दिलचस्पी रखता हूँ सर। और तीसरी जो है ये this is a very interesting personality, she is a women sir, त्रिभुवन महादेवी, तो ये जो है एक ओडिसा में एक kingdom है जिसका नाम था भौमाकारा dynasty तो इनकी भी कहानी बहुत दिलचस्प है। उन्होंने जब 850 ईस्वी के आसपास जो साल में उनके जो neighbor पाला empire ने, इनके empire पर धावा बोल दिया था सर, और इनके राजा जो इनके husband थे वो उस लड़ाई में शहीद हो गए थे। और इसकी वजह से वो empire बहुत छोटा हो गया और उसके जो सरदार थे, उसके जो leaders थे वो empire छोड़कर जाने लग गए थे तो ये जो त्रिभुवन महादेवी जो lady थी इन्होंने वो सरकार संभाली and she became one of the first independent rulers in the history of India और उन्होंने सरकार को not only stabilize  किया but इतना उसको powerful बना दिया कि वो अगले सौ साल तक कलिंगा और वो area में राज करते रहे। तो these are three interesting personalities whom I  would like to meet in history sir. 

प्रधानमंत्री : कृष्णा जी आपको अब लगता है कि इतिहास को जी रहे हैं। आप पूरी तरह इतिहास में डूब चुके हैं। देखिये मैंने भी बड़े उत्सुकता के साथ आपकी site देखी है और मुझे सबसे interesting ये लगा कि आपकी site पर एक ऐसा tab है, जहां लोग corrections और suggestions भी दे सकते हैं। ऐसे constructive feedback के लिए open रहना ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है। क्या आपको लोगों से सुझाव मिलना शुरू हुआ है क्या? और आप उन पर कैसे काम करते हैं ?

कृष्णा शेषाद्री: हाँ सर इन लोगों से बहुत सुझाव आते हैं सर। सुझाव दो प्रकार के आते हैं। एक सुझाव ऐसे आते हैं जो हमको correction suggest करते हैं – इस प्रदेश में, इस time में, इस राष्ट्र में ये राजा थे या इस time में ये युद्ध हुआ था तो ऐसे कुछ suggestion आते हैं। दूसरे suggestion आते हैं कि आप इस website में ये feature भी डाल सकते हैं या वो feature भी डाल सकते हो तो हमको दोनों प्रकार के suggestion आते हैं तो जैसे अगर हमको ऐसा एक  suggestion आए कि इस प्रदेश में, इस राजा ने, इस time पे राज किया था तो हम वो suggestion को लेते हैं, तो हमारे जो sources हैं। जैसे हमको किसी ने suggestion में दिया था कि आपने India को तो दिखा दिया अगर प्रदेश के level पर भी दिखा सकते हैं तो और अच्छा होगा तो हमने वो feature implement किया और फिर हमने दूसरे feature आया था जिसमें हमने एक trump card जैसा बनाया था सारे empire के data statistics देके ताकि वो बच्चों तक पहुँच सके तो किसी ने एक suggestion दिया था कि उसको आप एक जगह पर लेकर आइए ताकि हम सब download करके हम सब share कर सके तो वो हम feature implement कर रहे हैं। तो हमे इतना जानना important है कि हम गलती करेंगे, हम क्योंकि हम सर्वश्रेष्ठ नहीं हैं और वो जानके ही हमने वो correction का tab लगाया ताकि ये हम सबकी site हो और आगे जाके सारे contributions के हिसाब से हम एक ऐसा site बनाए जो अगले कुछ साल तक इतिहास एक मजेदार subject बनाए।

प्रधानमंत्री : कृष्णा जी आपने सचमुच में एक बहुत बड़ा काम किया है। अच्छा History के अलावा आपकी कई सारी Hobbies होगी और भी बहुत कुछ करते होंगे आप ?

कृष्णा शेषाद्री: हाँ, नहीं sir हम थोड़े boring type आदमी हैं sir.

प्रधानमंत्री : हँसते हुए

कृष्णा शेषाद्री: हम technology में बहुत दिलचस्पी रखते हैं और इतिहास में रखते हैं और जब अब technology और इतिहास मिल गया इसी में हम डूबे रहते हैं पूरा दिन।

प्रधानमंत्री : चलिए कृष्णा जी आपको मेरी बहुत-बहुत शुभकामना है आपने एक अच्छी शुरुआत की है और आपका तरीका भी ऐसा है कि लोग जुड़ेंगे मुझे पूरा विश्वास है मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

UNESCO विश्व धरोहर शहर - बुखारा का ऐतिहासिक केंद्र: उज़्बेकिस्तान, जानें खास बातें


पवित्र बुखारा उज़्बेकिस्तान के खास पर्यटन स्थलों में से एक है। इस शहर का ऐतिहासिक केंद्र UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यह शहर 2500 साल से भी ज़्यादा पुराना है। सिल्क रूट पर बसा बुखारा शहर 2,000 साल से भी ज़्यादा पुराना है। यह मध्य एशिया में मध्ययुगीन शहर का सबसे बेहतरीन उदाहरण है, जिसका शहरी ढांचा आज भी काफी हद तक वैसा ही है। यहाँ के खास स्मारकों में इस्माइल समानी का मशहूर मक़बरा शामिल है, जो 10वीं सदी की मुस्लिम वास्तुकला का एक शानदार नमूना है। इसके अलावा, यहाँ 17वीं सदी के कई मदरसे भी हैं। वास्तिकता यह है कि  बुखारा वह शहर है जहां सिल्क रोड का इतिहास, इस्लामी संस्कृति और मध्ययुगीन वास्तुकला आज भी एक साथ सांस लेते दिखाई देते हैं।

बुखारा लंबे समय तक मध्य एशिया का एक अहम आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा। यह प्राचीन फ़ारसी शहर कई सदियों तक इस्लामी संस्कृति का मुख्य केंद्र रहा और 8वीं सदी में खिलाफ़त का एक बड़ा सांस्कृतिक केंद्र बन गया।

UNESCO विश्व धरोहर सूची में कब शामिल हुआ?

Historic Centre of Bukhara को वर्ष 1993 में UNESCO की World Heritage List में शामिल किया गया। इसे UNESCO ने सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी है और इसके लिए Criteria (ii), (iv) और (vi) लागू होते हैं। 2016 में इसकी सीमाओं में एक छोटा संशोधन भी दर्ज किया गया।

1220 में चंगेज़ खान और 1370 में तैमूर के मंगोल आक्रमणों से पहले की कुछ अहम निशानियों को छोड़कर, यह पुराना शहर 16वीं सदी की शुरुआत से उज़्बेक शासन के शैबानी दौर की शहरी बनावट और वास्तुकला की गवाही देता है। 16वीं सदी में फिर से बनाया गया किला, शहर के शुरुआती दिनों से लेकर आज तक शहर का मुख्य केंद्र रहा है।

शुरुआती समय के बचे हुए अहम स्मारकों में इस्माइल समानी का मशहूर मक़बरा शामिल है, जो अपनी सादगी भरी सुंदरता के लिए जाना जाता है और पूरी मुस्लिम दुनिया में 10वीं सदी की वास्तुकला का सबसे बेहतरीन बचा हुआ नमूना है।

बुखारा, उज़्बेकिस्तान: Facts in Brief  

  • देश: उज़्बेकिस्तान
  •  UNESCO श्रेणी: Cultural World Heritage
  •  UNESCO में शामिल: 1993
  •  इतिहास: 2,000 वर्ष से अधिक पुराना
  •  ऐतिहासिक महत्व: सिल्क रोड का प्रमुख केंद्र
  •  विश्व धरोहर क्षेत्र: 216 हेक्टेयर
  • बफर ज़ोन: 339 हेक्टेयर
  •  प्रमुख पहचान: Poi-Kalyan, Ismail Samani Mausoleum, मदरसे और ऐतिहासिक बाजार
  •  विशेष महत्व: मध्य एशिया में इस्लामी शिक्षा, संस्कृति और सूफी परंपरा का ऐतिहासिक केंद्र

बुखारा की खासियत क्या है?

बुखारा की सबसे बड़ी विशेषता केवल इसके अलग-अलग स्मारक नहीं हैं, बल्कि इसका पूरा ऐतिहासिक शहर-परिदृश्य है। यहां गलियां, धार्मिक इमारतें, मदरसे, बाजार, मस्जिदें और पारंपरिक वास्तुकला मिलकर मध्ययुगीन मध्य एशियाई शहर की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। UNESCO इसे मध्य एशिया के सबसे अच्छी तरह संरक्षित इस्लामी शहरों के उदाहरणों में गिनता है।

 सिल्क रोड का महत्वपूर्ण केंद्र

प्राचीन Silk Roads पर स्थित होने के कारण बुखारा सदियों तक व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। यहां से गुजरने वाले व्यापारियों के साथ वस्तुओं के अलावा भाषाएं, विचार, धर्म, कला और स्थापत्य परंपराएं भी एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पहुंचीं।

 इस्लामी शिक्षा और संस्कृति का केंद्र

बुखारा लंबे समय तक इस्लामी संस्कृति और शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा। UNESCO के अनुसार 9वीं से 16वीं शताब्दी के बीच यह निकट-पूर्व में मुस्लिम धर्मशास्त्र, विशेष रूप से सूफी परंपरा, का एक प्रमुख केंद्र था। उस दौर में शहर में 200 से अधिक मस्जिदें और 100 से अधिक मदरसे होने का उल्लेख मिलता है।

इस्माइल सामानी का मकबरा

बुखारा के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में Ismail Samani Mausoleum विशेष स्थान रखता है। UNESCO इसे 10वीं शताब्दी की मुस्लिम वास्तुकला की उत्कृष्ट कृति और उस काल की वास्तुकला का महत्वपूर्ण जीवित उदाहरण मानता है। इसकी ईंटों की ज्यामितीय सजावट इसकी विशेष पहचान है।

 पोई-कल्याण परिसर

Poi-Kalyan बुखारा की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक पहचान में से एक है। इसका प्रमुख आकर्षण कल्याण मीनार है, जिसे UNESCO 11वीं शताब्दी के कराखानिद काल की उत्कृष्ट ईंट-निर्मित वास्तुकला का उदाहरण बताता है।

प्राचीन मदरसे और बाजार

बुखारा के ऐतिहासिक केंद्र में अनेक मदरसे और पारंपरिक बाजार संरचनाएं हैं। Ulugbek Madrasa, Abdulaziz-Khan Madrasa, Lyabi-Khauz ensemble तथा पारंपरिक गुंबददार बाजारों ने शहर की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखा है।


नजरिया जीने का: कठिन समय में अपने उत्साह को बनाये रखना क्यों है जरुरी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए बताया कि बुद्धिमान और दृढ़निश्चयी लोग विपरीत और कठिन परिस्थितियों के दौरान भी अपना उत्साह नहीं खोते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया है-

 “आपत्काले च कष्टेऽपि नोत्साहस्त्यज्यते बुधैः।

इति प्रबोधितस्तेन कथञ्चिद् दृढबुद्धिना।।

 

"इस सुभाषितम् का भाव है कि बुद्धिमान और स्थिर मन वाले लोग यह अच्छी तरह जानते हैं कि सच्चे समझदार व्यक्ति कभी भी विपत्ति, संकट या कठिन समय में अपने उत्साह को नहीं त्यागते हैं।


श्री मोदी ने एक्‍स पर एक पोस्ट में कहा;

 आपत्काले च कष्टेऽपि नोत्साहस्त्यज्यते बुधैः।

इति प्रबोधितस्तेन कथञ्चिद् दृढबुद्धिना।।

English Is Easy : जानें किलिंग, मर्डर और एसेसिनेशन शब्द के प्रयोग में अंतर और सामान्य गलतियां


Distinction Of Words के अंतर्गत हम आज जानेंगे हत्या के लिए प्रयोग किये जाने वाले तीन कॉमन उपरोक्त वर्ड्स  और उनके अर्थ तथा उनके प्रयोग को लेकर किस प्रकार की सावधानियां बरती जानी चाहिए. याद रखें कि इनके प्रयोग को लेकर विभिन्न कॉम्पिटिटिव  एग्जामिनेशन में कॉमन एरर के लिए छात्रों को कंफ्यूज करने के लिए  शब्दों का विशेष रूप  से प्रयोग किया जाता है. तो आइये जानते हैं कि किलिंग, मर्डर और एसेसिनेशन में समानताएं और विभिन्नताएं है. 

किलिंग, मर्डर और एसेसिनेशन का सामान्य अर्थ हत्या होता है जो  मुख्य रूप से इरादे, कानूनी मान्यता और टिप्पणियों के आधार पर अलग-अलग होते हैं.  


 किलिंग (आम शब्द): सबसे बड़ा शब्द; इसका मतलब है किसी भी जीवित प्राणी, चाहे वह इंसान हो या जानवर, की मौत का कारण बनना। यह एक्सीडेंटल, कानूनी (जैसे, सेल्फ-डिफेंस), या गैर-कानूनी (होमिसाइड) हो सकता है। 

मर्डर (गैर-कानूनी और सोची-समझी ): किसी इंसान की पहले से सोची-समझी और गैर-कानूनी हत्या के लिए एक कानूनी शब्द। “Murder” का अर्थ है — जानबूझकर और अवैध रूप से किसी की हत्या करना। आप कह सकते हैं कि इसके लिए जान से मारना या गंभीर नुकसान पहुंचाने की बुरी नियत या इरादे की ज़रूरत होती है। इसमें स्पष्ट इरादा (malicious intent) होता है यह हमेशा कानूनी अपराध (crime) होता है।

जानें Continuous और Continual शब्द के प्रयोग में अंतर

एसेसिनेशन  : का मतलब है किसी प्रसिद्ध, महत्वपूर्ण या राजनीतिक व्यक्ति की सुनियोजित हत्या। यह हमेशा साजिश (planned) के तहत होता है और इसके सम्बन्ध में सबसे खास बात  यह होती है कि यह आमतौर पर राजनीतिक, वैचारिक या सत्ता से जुड़े कारणों के लिए  किया जाता है। पीड़ित कोई जाना-माना व्यक्ति होता है, आमतौर पर पॉलिटिक्स की दुनिया में।आप सावधान रहें कि Assassination का शिकार व्यक्ति सामान्य नहीं, बल्कि कोई सार्वजनिक हस्ती (public figure) होती है। 

मोबाइल की आदत छोड़ें, IQ बढ़ाएं: बच्चों के लिए इंग्लिश ब्रेन टेस्ट

 


IQ (इंटेलिजेंस कोशंट) एक स्कोर है जो बच्चे की सोचने-समझने की काबिलियत को मापता है—जैसे सोचने-समझने की स्किल, प्रॉब्लम सॉल्विंग, याद रखने और समझने की काबिलियत। बच्चों के साथ डील करते समय इसे मापने में मदद मिलती है। साइकोलॉजी के फील्ड में इसका बहुत इस्तेमाल होता है। अपने बच्चे का IQ चेक करना और उन्हें रेगुलर ब्रेन एक्सरसाइज के लिए बढ़ावा देना ज़रूरी है।

नीचे दी गई इमेज में, बीस इंग्लिश शब्दों का कलेक्शन है और आपको उन्हें बच्चे को चालीस सेकंड के लिए दिखाना है और फिर उन्हें सभी शब्द याद करके लिखने के लिए कहना है।




English is easy pairs of confusing english words


Here are 20 pairs/groups of confusing English words with similar spellings. These are excellent for testing children's attention to detail, vocabulary, spelling awareness, and verbal IQ. These words are mainly from the various Competitive examinations.
No. Word Meaning
1 Accept-To receive
Except-Excluding
2 Affect-To influence
Effect-Result; consequence
3 Advice-Guidance (noun)
Advise-To give guidance (verb)
4 Principal-Head of a school; most important
Principle- A rule or belief
5 Stationary-Not moving
Stationery-Writing materials
6 Complement-Something that completes
ComplimentPraise
7 Desert-Dry land / to abandon
Dessert-Sweet dish after a meal
8 Loose-Not tight
Lose-To misplace or fail to win
9 Quiet-Silent
Quite-Very; completely
10 Then-After that
Than-Used-In comparisons
11 Weather-Climate conditions
Whether If
12 Breath-Air taken into the lungs (noun)
Breathe-To inhale and exhale (verb)
13 Cloth-Fabric
Clothe-To dress someone
14 Farther-Greater physical distance
Further-Additional; more
15 Personal- Private; belonging to a person
Personnel-Employees or staff
16 Elicit-To draw out a response
Illicit-Illegal
17 Eminent-Famous; respected
Imminent-About to happen
18 Allusion-An indirect reference
Illusion-A false appearance
19 Moral-A lesson or ethical principle
Morale-Confidence or team spirit
20. Historic-Important in history
                  Historical-Related to history
21. Accept-Receive
Except-Excluding   
22. Affect-Influence 
Effect-Result
23 Advice-Suggestion
Advise-To suggest  
24. Lose-Misplace 
Loose-Not tight
25. Desert-Dry land
Dessert-Sweet dish
26. Stationary-Not moving
Stationery-Writing materials  
27. Principal-Head of school 
Principle- Rule
28. Quiet-Silent
Quite-Completely
29. Brake-Stop a vehicle
Break-Separate into pieces
30. Complement-Complete something
Compliment-Praise
31. Allusion-Indirect reference 
Illusion-False appearance
32. Elicit-Draw out
Illicit-Illegal
33. Eminent-Famous 
Imminent-About to happen
34. Cite-Quote
Site-Location
35. Moral-Ethical lesson
Morale-Confidence
36. Farther-Physical distance
Further-Additional
37. Weather-Climate
Whether-If
38. Canvas-Cloth
Canvass-Seek votes or opinions
39. Peak-Highest point
Peek-Quick look
40. Medal-Award 
Meddle-Interfere

अपोलो 11: कैसे इंसान ने चंद्रमा तक पहुंचकर इतिहास रचा?

apollo11 mission highlights facts you need to know

मानव का चंद्रमा पर पहला कदम – अपोलो 11 इतिहास का पहला मिशन था जिसने इंसानों को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतारा। 20 जुलाई 1969 को "ईगल (Eagle)" लूनर मॉड्यूल ने चंद्रमा के Sea of Tranquility (शांति का सागर) क्षेत्र में सफल लैंडिंग की।

वास्तविकता  तो यह है कि अपोलो 11 केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं था, बल्कि मानव साहस, वैज्ञानिक नवाचार और असंभव को संभव बनाने की मिसाल था। 20 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर रखा गया पहला मानव कदम आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा और उपलब्धि का प्रतीक माना जाता है। आइये जानते हैं अपोलो मिशन  की  खास बातें-

अपोलो 11 का मुख्य मकसद प्रेसिडेंट जॉन एफ. केनेडी का 25 मई, 1961 को किये गए  नेशनल गोल को पूरा करना था जिसका सार थे- क्रू के साथ चांद पर लैंडिंग करना और धरती पर वापस आना।

अपोलो 11 को 16 जुलाई, 1969 को केप केनेडी से लॉन्च किया गया था।

अपोलो 11 को कमांडर नील आर्मस्ट्रांग, कमांड मॉड्यूल पायलट माइकल कॉलिन्स और लूनर मॉड्यूल पायलट एडविन “बज़” एल्ड्रिन 114 गुणा 116 मील के शुरुआती अर्थ-ऑर्बिट में ले गए।


18 जुलाई को, आर्मस्ट्रांग और एल्ड्रिन ने अपने स्पेससूट पहने और कोलंबिया से ईगल तक डॉकिंग टनल से LM को चेक करने और दूसरा TV ट्रांसमिशन करने के लिए चढ़े।

19 जुलाई को, अपोलो 11 के चांद के पीछे से धरती के संपर्क से बाहर निकलने के बाद, इसने पहला लूनर ऑर्बिट इंसर्शन मैनूवर किया।

20 जुलाई, 1969 को नील आर्मस्ट्रांग चांद की सतह पर उतरे और उन्होंने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा, “…इंसान के लिए एक छोटा कदम, इंसानियत के लिए एक बड़ी छलांग।”

पहला कदम – Neil Armstrong चंद्रमा पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बने।

ऐतिहासिक कथन – "यह एक इंसान का छोटा कदम है, लेकिन मानवता के लिए एक विशाल छलांग है।"

दूसरे व्यक्ति – Buzz Aldrin चंद्रमा पर उतरने वाले दूसरे व्यक्ति बने।

चंद्रमा पर समय – दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने लगभग 21 घंटे 36 मिनट चंद्रमा की सतह पर बिताए, जिनमें लगभग 2 घंटे 31 मिनट बाहर चलकर वैज्ञानिक कार्य किए।

चंद्र नमूने – लगभग 21.5 किलोग्राम चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानों के नमूने पृथ्वी पर लाए गए।

ईगल साइट 2 में सी ऑफ़ ट्रैंक्विलिटी में 0 डिग्री, 41 मिनट, 15 सेकंड नॉर्थ लैटिट्यूड और 23 डिग्री, 26 मिनट ईस्ट लॉन्गिट्यूड पर उतरा।

क्रू मेंबर 

  • नील आर्मस्ट्रांग, कमांडर
  • एडविन ई. “बज़” एल्ड्रिन जूनियर, लूनर मॉड्यूल पायलट
  • माइकल कॉलिन्स, कमांड मॉड्यूल पायलट


लैंडिंग

  • 24 जुलाई, 1969; दोपहर 12:50 बजे EDT
  • पैसिफिक ओशन
  • रिकवरी शिप: USS हॉर्नेट
(Source-NASA)

जानें कैसे करें अपने महंगे फर्नीचर की देखभाल: एक्सपर्ट टिप्स

मानसून के आरंभ होने के साथ हीं जहाँ हमें गर्मी से निजात मिलती है, वहीं खाने पीने से लेकर घर की चीजों खासतौर पर फर्नीचर के देखभाल की भी जरूरत होती है।आपके घर के अंदर रखी गई महँगी और मूल्यवान फर्नीचर को मेंटेन रखना सिर्फ उनकी लंबी उम्र के लिए नहीं बल्कि घरों में शांति और सकारात्मकता के लिए भी जरूरी है। घरों को सुन्दर और व्यवस्थित रखना न केवल आपको शांति और खुशगवार माहौल प्रदान करता है बल्कि वास्तु के हिसाब से भी यह पॉजिटिव और सकारात्मक  ऊर्जाओं की प्रवेश के लिए जरुरी होता है. जाहिर है कि आपके घर के अंदर रखी गई महँगी और मूल्यवान फर्नीचर को  व्यवस्थित और सजाकर रखने आपके घर को शोभा बढ़ाने के साथ ही शांति और प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करता है. इसके साथ ही आपके घरो में मौजूद महँगी और मूल्यवान फर्नीचर को उचित रूप से देखभाल की भी जरुरत होती है ताकि आपके घर को यह हमेशा की तरह रौनक प्रदान करती रहे. 

मानसून लगभग हमेशा उमस भरी गर्मी से राहत चाहता है. यह एक ऐसा मौसम है जो  उदासीनता के साथ ही भावनात्मक रूप से एक शांत ठहराव की अभियक्ति देता है. इसके लिए जरुरी है की हम अपने घरों के अंदर  मानसून के दौरान आंतरिक सजावट में कुछ चेंज करें ताकि हम मानसून के दौरान घर को व्यस्थित करें. जानें इस सम्बन्ध में विशेषज्ञों का क्या कहता है ताकि हम मानसून के दौरान अपने घरों के फर्नीचर और आंतरिक साज सजा को कैसे करें व्यवस्थित. 

नमी, कवक और बैक्टीरिया से कैसे बचें?
जैसा कि आप जानते हैं कि मानसून के दौरान एक साथ रखे गए फर्नीचर नमी को अवशोषित करते हैं और कवक और बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देते हैं. इसके लिए यह जरुरी है कि फर्नीचर को एक-दूसरे से दूर रखे साथ हीं अगर संभव हो सके तो घरों के अंदर रखे गए फर्नीचर को दीवार और खिड़कियों से भी दूर रखें ताकि मॉइस्चर से उन्हें बचाया जा सके. 

सामान्यत: इसके लिए सबसे सही जगह होगा कमरे के अंदर फर्नीचर को ऐसे जगह स्थान देना जहाँ प्राकृतिक प्रकाश समुचित रूप से पहुँच सके. इसके साथ ही हवा का हमेशा आना भी जरुरी है ताकि फर्नीचर को मॉइस्चर से बचाई जा सके. 

गीले कपड़ों से बचें
फर्नीचर को साफ करने के लिए गीले कपड़ों के इस्तेमाल से हमेशा बचें. ध्यान रखें कि गीले कपडे मॉइस्चर का कारण बन सकते हैं जो आपके फर्नीचर में बरसाती फंगस और बैक्टेरिया का कारन बन समते हैं. गीले कपड़े के बजाय, धूल के संचय से बचने के लिए एक हल्का , सूखे कपड़े का उपयोग करें धूल नमी को अवशोषित करती है जिसके परिणामस्वरूप समय के साथ फर्नीचर नरम हो सकता है.

खिड़कियों के बहुत पास न जाएं- 
अपने फर्नीचर को खिड़कियों से दूर रखने की कोशिश करें. मानसून के दौरान बाहर से आने वाले हवा के माध्यम से घर के अंदर नमी आ सकती है जो आपके महंगे फर्नीचर के लिए घातक हो सकती है. खिड़कियों के माध्यम से आने वाले नमी के कारण  फर्नीचर का रंग भी फीका हो सकता है.

नवीनीकरण या रिनोवेशन के कार्यो से बचे- मानसून के दौरान किसी भी प्रकार के नवीनीकरण या रिनोवेशन के कार्यो को ना कहना ज्यादा सही कदम हो सकता है. 

 हवा में नमी न होने पर इमारत का रेनोवेशन, पेंटिंग और बढ़ईगीरी आदि के कार्यों पर असर पड़ता है. इस हिसाब से  मॉनसून के दौरान आवशयकता है कि आपके फर्नीचर  को आवश्यक रखरखाव देकर उनके सुंदरता और मजबूती को बढ़ाने का उपक्रम किया जाए. 

रिश्ते काँच की तरह होते हैं: इन्हें संभालकर रखना ही जीवन की सबसे बड़ी समझदारी


आज के तेज़-रफ़्तार और भागदौड़ भरे जीवन में रिश्तों की अहमियत धीरे-धीरे कम होती जा रही है। तकनीक और सोशल मीडिया ने लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का दावा तो किया है, लेकिन विडंबना यह है कि इन्हीं माध्यमों के बीच भावनात्मक दूरियाँ भी बढ़ती जा रही हैं। आज अधिकांश रिश्ते केवल औपचारिकता तक सीमित होकर रह गए हैं।

रिश्ते काँच की तरह नाज़ुक होते हैं। इन्हें जितने प्रेम, विश्वास और संवेदनशीलता से संभाला जाए, उतने ही मजबूत बने रहते हैं। लेकिन यदि एक बार इनमें दरार आ जाए, तो उसे भरने की लाख कोशिशों के बाद भी वह निशान हमेशा बाकी रहता है। इसलिए रिश्तों को टूटने से बचाना ही सबसे बड़ी समझदारी है।

रिश्ते शब्दों से नहीं, समय और अपनापन से चलते हैं

अक्सर लोग सोचते हैं कि अच्छे शब्द बोल देने या आर्थिक मदद कर देने से रिश्ते मजबूत हो जाते हैं। जबकि सच्चाई इससे कहीं अलग है। रिश्तों को जीवित रखने के लिए सबसे अधिक आवश्यकता होती है—समय, अपनापन और सच्चे प्रेम की।

आज लगभग हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है और हर कोई सोशल मीडिया पर सक्रिय है। फिर भी लोग पहले की तुलना में अधिक अकेले क्यों महसूस कर रहे हैं? इसका कारण यह है कि ऑनलाइन बातचीत वास्तविक संबंधों की जगह नहीं ले सकती। किसी अपने का हाल-चाल पूछना, उसके सुख-दुख में साथ देना और उसके लिए समय निकालना ही रिश्तों की असली पहचान है।

व्यस्त जीवन में भी अपनों के लिए समय निकालें

यह सच है कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में मेहनत और भागदौड़ जीवन की आवश्यकता बन चुकी है। बेहतर भविष्य, करियर और आर्थिक सुरक्षा के लिए सभी संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन इसी दौड़ में यदि अपने ही पीछे छूट जाएँ, तो सफलता का आनंद भी अधूरा रह जाता है।

जीवन की सबसे अनमोल पूंजी समय है। यदि हम अपने परिवार, माता-पिता, भाई-बहनों और मित्रों के लिए थोड़ा-सा समय भी निकाल लें, तो रिश्तों में मिठास बनी रहती है। सच्चा प्रेम केवल बड़े-बड़े वादों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी परवाहों से झलकता है।

रिश्तों की नींव विश्वास और सम्मान है

हर रिश्ते की मजबूती आपसी विश्वास, सम्मान और समझ पर टिकी होती है। जब दो लोगों के बीच विश्वास कायम रहता है, तो कई बार बिना कुछ कहे भी मन की बात समझी जा सकती है। ऐसे रिश्तों में खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है।

लेकिन जहाँ विश्वास टूटता है, वहाँ रिश्ते भी धीरे-धीरे बिखरने लगते हैं। एक बार टूटे हुए विश्वास को दोबारा कायम करना आसान नहीं होता। इसलिए हमें हमेशा अपने व्यवहार, शब्दों और निर्णयों में ऐसी सावधानी रखनी चाहिए जिससे रिश्तों की गरिमा बनी रहे।

कठिन समय में अपने ही सबसे पहले साथ खड़े होते हैं

जीवन में अच्छे समय में साथ देने वाले बहुत मिल जाते हैं, लेकिन असली रिश्तों की पहचान कठिन परिस्थितियों में होती है। जब जीवन में कोई संकट, बीमारी, आर्थिक परेशानी या मानसिक तनाव आता है, तब हमारे अपने ही सबसे पहले हमारा हाथ थामते हैं।

इसीलिए अपनों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। उनके साथ बिताया गया समय, उनकी चिंता करना और उनके सुख-दुख में सहभागी बनना ही रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत है।

जीवन की असली पूंजी पैसा नहीं, रिश्ते हैं

आज के समय में धन कमाना आवश्यक है। आर्थिक रूप से सक्षम होना हर व्यक्ति की आवश्यकता है। लेकिन यह मान लेना कि केवल पैसा ही जीवन की हर खुशी खरीद सकता है, एक भ्रम है।

पैसा सुविधाएँ दे सकता है, लेकिन अपनापन नहीं। धन से घर खरीदा जा सकता है, परिवार नहीं; महंगे उपहार खरीदे जा सकते हैं, लेकिन सच्चा प्रेम नहीं। यदि जीवन में धन तो बहुत हो, लेकिन अपने लोग साथ न हों, तो वह समृद्धि भी अधूरी रह जाती है।

सोशल मीडिया से अधिक ज़रूरी है वास्तविक संवाद

आज सोशल मीडिया पर हजारों मित्र होना आसान है, लेकिन वास्तविक जीवन में कुछ सच्चे रिश्ते बनाए रखना कठिन होता जा रहा है। डिजिटल दुनिया ने संवाद को तेज़ बनाया है, लेकिन भावनाओं को कमजोर भी किया है।

इसलिए केवल संदेश भेजने तक सीमित न रहें। समय-समय पर अपनों से मिलें, उनसे खुलकर बात करें, उनकी खुशियों और परेशानियों में शामिल हों। रिश्तों की मिठास शब्दों से नहीं, बल्कि सच्चे एहसासों और व्यवहार से बनी रहती है।

संयुक्त परिवार रिश्तों की सबसे मजबूत पाठशाला

आज एकल परिवारों (न्यूक्लियर फैमिली) का चलन बढ़ रहा है। इससे सुविधा और स्वतंत्रता तो मिलती है, लेकिन संयुक्त परिवारों में मिलने वाला अपनापन, सहयोग और भावनात्मक सुरक्षा अलग ही होती है।

संयुक्त परिवार हमें साझा जीवन, त्याग, सहयोग, सम्मान और रिश्तों को निभाने की सीख देता है। यही संस्कार जीवनभर हमारे संबंधों को मजबूत बनाए रखते हैं।

Top 20 Daily Current Affairs वन लाइनर May 19 , 2026



  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और  नॉर्वे के प्रधानमंत्री महामहिम श्री जोनास गहर स्टोर ने कब  भारत और नॉर्वे के बीच वर्तमान व्यापार के मूल्य को दोगुना करने के लक्ष्य रखा है-वर्ष 2030 तक
  • प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नॉर्वे को जून 2026 में फ्रांस में आयोजित होने वाले 'भारत इनोवेट्स 2026' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। 
  • दोनों नेताओं ने पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी तौर-तरीकों की पुष्टि करते हुए, आर्कटिक में ध्रुवीय अनुसंधान और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस से सम्मनित किया गया.
  • श्री वीडी सतीशन को केरलम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई  गई.

IQ Vocabulary Challenge Choose the Correct Meaning


20 sets of advanced English words with meanings. They are arranged from moderately difficult to highly challenging. These word meaning are important for forthcoming competitive exams and it will be beneficial for you to score and leading on your opponents in the exams. 

Set Word Meaning
1 Ephemeral Lasting for a very short time
2 Meticulous Very careful and precise
3 Ambiguous Having more than one possible meaning
4 Benevolent Kind and generous
5 Resilient Able to recover quickly from difficulties
6 Pragmatic Dealing with things realistically and practically
7 Ubiquitous Present everywhere
8 Eloquent Fluent and persuasive in speaking or writing
9 Scrutinize To examine very carefully
10 Alleviate To make something less severe
11 Tenacious Determined; not giving up easily
12 Candid Honest and straightforward
13 Conundrum A confusing or difficult problem
14 Fastidious Very attentive to detail; hard to please
15 Ineffable Too great to be expressed in words
16 Magnanimous Generous and forgiving, especially toward rivals
17 Obfuscate To deliberately make something unclear or confusing
18 Perspicacious Having keen insight and good judgment
19 Recalcitrant Stubbornly refusing to obey authority
20 Sagacious Wise and showing sound judgment

Now Check your IQs and reply all these questions given below-

 1. Ephemeral means:

A. Permanent
B. Short-lived
C. Powerful
D. Dangerous
Answer: B

2. Ubiquitous means:
A. Rare
B. Everywhere
C. Invisible
D. Ancient
Answer: B

3. Magnanimous means:
A. Selfish
B. Brave
C. Generous and forgiving
D. Angry
Answer: C

4. Obfuscate means:
A. Simplify
B. Clarify
C. Confuse intentionally
D. Ignore
Answer: C

5. Perspicacious means:
A. Lazy
B. Highly perceptive
C. Nervous
D. Humorous
Answer: B

6. Recalcitrant means:
A. Cooperative
B. Stubbornly disobedient
C. Friendly
D. Excited
Answer: B

7. Ineffable means:
A. Impossible to express in words
B. Easily explained
C. Very loud
D. Extremely common
Answer: A

8. Tenacious means:
A. Weak
B. Persistent
C. Forgetful
D. Curious
Answer: B

9. Fastidious means:
A. Careless
B. Hard to satisfy because of high standards
C. Funny
D. Honest
Answer: B

10. Conundrum means:
A. Celebration
B. Difficult problem
C. Success
D. Adventure
Answer: B

11. Pragmatic means:
A. Imaginative
B. Practical
C. Emotional
D. Wealthy
Answer: B

12. Alleviate means:
A. Increase
B. Reduce or relieve
C. Destroy
D. Build
Answer: B

13. Eloquent means:
A. Silent
B. Fluent and persuasive
C. Shy
D. Confused
Answer: B

14. Benevolent means:
A. Kind
B. Cruel
C. Proud
D. Lazy
Answer: A

15. Meticulous means:
A. Careful and precise
B. Quick
C. Angry
D. Loud
Answer: A

16. Ambiguous means:
A. Clear
B. Having multiple meanings
C. Honest
D. Fast
Answer: B

17. Scrutinize means:
A. Ignore
B. Examine carefully
C. Celebrate
D. Predict
Answer: B

18. Sagacious means:
A. Wise
B. Foolish
C. Timid
D. Confident
Answer: A

19. Candid means:
A. Honest and direct
B. Secretive
C. Confused
D. Arrogant
Answer: A

20. Resilient means:
A. Easily broken
B. Able to recover quickly
C. Slow
D. Quiet
Answer: B

Scoring Guide

  • 18–20: Exceptional Vocabulary IQ
  • 15–17: Excellent
  • 12–14: Very Good
  • 8–11: Good
  • 5–7: Average
  • 0–4: Needs Vocabulary Improvement

Daily Current Affairs one linear Complete GK Dose July 04 2026

 

Daily Current Affairs one linear Complete GK Dose July 04 2026

प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च की ‘विकसित उड़ान’ योजना: Facts in Brief 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया। 

  • अक्टूबर 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना के तहत अब तक 669 मार्गों का संचालन शुरू किया जा चुका है।
  •  इस योजना के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल एयरोड्रोम को जोड़ा गया है, जिससे 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है। 
  • इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी। 
  • अगले 10 वर्षों के लिए इस योजना पर लगभग 29,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे नागरिक उड्डयन क्षेत्र को गति मिलने के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
  • संशोधित योजना के तहत 12,159 करोड़ रुपए के निवेश से 100 एयरोड्रोम विकसित किए जाएंगे। 
  •  3,661 करोड़ रुपए की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित होंगे

चाणक्‍य नीति :जानें किन तीन चीजों के पास में होना हीं पुरुषों के स्वर्ग के समान है यह धरती


चाणक्य या कौटिल्य के विचार आज भी उतने हीं प्रासंगिक है जितने चाणक्य के काल में थे. नन्द वंश को समूल नाश करने धरती को वास्तविक राजा देने की शपथ खाने वाले चाणक्य किसी परिचय की मोहताज नहीं है. उन्होंने धरती को वास्तविक राजा देने के लिए काफी खोज किया और चन्द्रगुप्त मौर्य को  राजा बनाकर मौर्य वंश की स्थापना किया। चाणक्य वास्तव में विद्वान थें जिनकी पुस्तक अर्थशास्त्र जिसका आजतक मूल्याङ्कन नहीं  किया जा सका है. 

उन्हीं  लिखित उक्त श्लोक के बारे में हम यहाँ चर्चा कर रहें हैं जो वास्तव में किसी भी पुरुष की सम्पूर्णता के लिए चाणक्य ने बताया  है.

यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दानुगामिनी ।

विभवे यश्च सन्तुष्टस्तस्य स्वर्ग इहैव हि ॥ 

उक्त  श्लोक के माध्यम से आचार्य चाणक्य ने किसी भी पुरुष  के जीवन में पुत्र, पत्नी और धन के महत्त्व पर प्रकाश डाला  है.  लेकिन चाणक्य ने बताया है कि पुरुष के जीवन में सिर्फ  पुत्र, पत्नी और धन का होना हीं उसके सुखद जीवन की गारंटी बिलकुल नहीं  है.  उनका कहना है कि   बेटा आज्ञाकारी हो तथा पत्नी पति के अनुकूल आचरण करने वाली हो तभी उनके होने की सार्थकता है. इसके साथ हीं पत्नी  पतिव्रता हो एवं जो प्राप्त धन से ही सन्तुष्ट हो, ऐसे व्यक्ति के लिए स्वर्ग यहीं है, यह जानना चाहिए।

आचार्य चाणक्य के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को सुखी जीवन के लिए तीन प्रमुख बातों का ध्यान रखना चाहिए या ये तीन चीजें होनी चाहिए:

संस्कारी संतान: यदि पुत्र आज्ञाकारी हो, माता-पिता की बात मानता हो और सही मार्ग पर चलता हो, तो परिवार में कभी क्लेश नहीं होता।

समर्पित पत्नी: यदि पत्नी पति की भावनाओं को समझने वाली, सुख-दुःख में साथ देने वाली और अनुकूल आचरण करने वाली हो, तो गृहस्थ जीवन बेहद आनंदित रहता है।

संतोषी मन: मनुष्य को अपने कर्म से प्राप्त धन (वैभव) पर संतोष करना चाहिए। अत्यधिक लालच और असंतोष ही मनुष्य के दुखों का मुख्य कारण होते हैं।